Spicejet का कारनामा: बोर्डिंग पास इश्यू कर दिया लेकिन विमान में नहीं चढ़ने दिया, अब भरेगी 62,078

श्रीनगर: बजट एयरलाइन स्पाइसजेट (SpiceJet) एक बार फिर से चर्चा में है। चर्चा की वजह इसकी खराब सेवा है। इसकी वजह से जम्मू कश्मीर के एक कंज्यूमर कोर्ट (District consumer commission, Srinagar) ने कंपनी को 62,000 रुपये से भी अधिक राशि भरने को कहा है। साथ ही कंपनी को सेवा में कमी (Deficiency in service) और अनुचित कारोबारी नीति (Unfair trade practice) अपनाने का भी दोषी ठहराया है।
IGI Airport का है मामला
इस मामले में शिकायतकर्ता हैं श्रीनगर के निवासी गुलाम नबी फाफू (Ghulam Nabi Fafoo)। वह अपनी पत्नी रजा बेगम के साथ 8 जुलाई 2024 को हज यात्रा से लौट रहे थे। दिल्ली से श्रीनगर आने के लिए उनके बेटे ने उनके लिए SpiceJet की टिकट बुक की थी। यह फ्लाइट दिल्ली से शाम 6:45 बजे उड़ान भरने वाली थी और 8:20 बजे श्रीनगर पहुंचनी थी।
बोर्डिंग पास देने के बाद कैंसिल
फाफू दंपत्ति निर्धारित समय से पहले ही दिल्ली के आईजीआई हवाई अड्डे पहुंच गए थे। उन्होंने नियमानुसार चेक-इन पूरा किया, अपना लगेज एयरलाइन स्टाफ को सौंप दिया। इसके बाद उन्हें बोर्डिंग पास भी मिल गया। फिर उन्होंने अपनी सुरक्षा जांच कराई और बोर्डिंग गेट पर पहुंच गए, विमान में सवार होने के लिए। हालाकि, निर्धारित समय पर जब बोर्डिंग शुरू हुई, तो उन्हें विमान में चढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने जब कारण पूछा, तो एयरलाइन इसका जवाब नहीं दे सकी। दंपत्ति का आरोप था कि उनकी सीटों पर अन्य यात्रियों को अकोमोडेट कर दिया गया और उनका बोर्डिंग पास कैंसिल कर दिया गया।
हवाई अड्डे पर गुजारी रात
फाफू दंपत्ति जब हवाई जहाज में सवार नहीं हो पाए तो वह एयरपोर्ट पर ही छूट गए। रात में दिल्ली से श्रीनगर की कोई फ्लाइट भी नहीं थी। अगले दिन के लिए उन्होंने ऊंचे किराये पर इंडिगो की फ्लाइट में टिकट लिया। तब जाकर वह श्रीनगर पहुंच पाए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इंडिगो की फ्लाइट के लिए उनहें 13,450 रुपये चुकाना पड़ा था।
कंज्यूमर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
अपने घर पहुंचने के बाद फाफू दंपत्ति ने श्रीनगर के जिला उपभोक्ता आयोग या कंज्यूमर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट से उन्होंने रिफंड और हर्जाने की मांग की। कोर्ट की सुनवाई के दौरान नोटिस सर्व करने के बावजूद स्पाइसजेट का प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ।
क्या कहा कोर्ट ने
- आयोग की अध्यक्ष फराह दीबा और सदस्य शबनम मुन्शी की बेंच ने पाया कि दंपति ने सभी यात्रा औपचारिकताएं पूरी कर ली थीं।
- उनके पास वैध बोर्डिंग पास भी थे।
- फिर भी उन्हें फ्लाइट में चढ़ने की अनुमति नहीं दी गई।
- आयोग ने नोट किया कि स्पाइसजेट की शिकायत पर न पहुंचने और उसका सामना न करने की विफलता वह ‘दंभ’ दर्शाती है।
- स्पाइसजेट की कृत्य की वजह से फाफू दंपत्ति को गंभीर मानसिक पीड़ा हुई।
- एक तरह से यह उनका उत्पीड़न हुआ और उन्हें आर्थिक नुकसान भी हुआ।
कोर्ट का फैसला यह आया
कंज्यूमर कोर्ट ने निष्कर्ष निकाला कि एयरलाइन का व्यवहार सेवा में कमी और अनुचित व्यापार प्रथा दोनों के रूप में गिना जा सकता है। इसलिए स्पाइसजेट को किराये की रकम 10,078 रुपये की वापसी करनी होगी। साथ ही ग्राहक को हुई मानसिक पीड़ा, उत्पीड़न और आर्थिक नुकसान के लिए 50,000 रुपये का हर्जाना भरना होगा। साथ ही मुकदमे के खर्च के रूप में उन्हें 2,000 रुपये देने का भी निर्देश दिया। यदि स्पाइसजेट इस रकम को 45 दिनों के भीतर भुगतान करने में असफल रहता है, तो उसे किराये के रिफंड और हर्जाने की राशि पर डिफॉल्ट की तारीख से 12% प्रति वर्ष की दर से ब्याज भी चुकाना होगा।



