राजस्थान रॉयल्स सेटलमेंट केस में राज कुंद्रा को लगा झटका, चुकाने होंगे 50 लाख डॉलर, लंदन हाई कोर्ट ने दिया आदेश

नई दिल्ली. बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के बिजनेसमैन पति राज कुंद्रा की मुश्किलें बढ़ गई हैं. लंदन हाई कोर्ट ने उन्हें आईपीएल फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स में अपनी पुरानी हिस्सेदारी से जुड़े एक समझौते का बार-बार उल्लंघन करने का दोषी पाया है. अदालत ने उन्हें लगभग 50 लाख डॉलर चुकाने का आदेश दिया है. यह समझौता आईपीएल से उनके विवादित बाहर होने के बाद मामलों को रफा-दफा करने के लिए किया गया था.
16 जुलाई को सुनाए गए अपने फैसले में जस्टिस ग्रिफिथ्स ने इमर्जिंग मीडिया वेंचर्स और इसके मालिक मनोज बडाले के पक्ष में फैसला दिया. अदालत ने माना कि कुंद्रा के पास उन दावों के बचाव का कोई ठोस आधार नहीं है, जो उनके ईमेल्स, सोशल मीडिया पोस्ट्स और अन्य बयानों से जुड़े हैं. इन बयानों में फ्रेंचाइजी के मालिकों पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए थे और कानूनी व मीडिया कार्रवाई की धमकी दी गई थी. कोर्ट ने साफ किया कि अगर दोनों पक्षों ने कानूनी सलाह लेकर आपस में कोई समझौता किया है, जिसमें एक-दूसरे के खिलाफ न बोलने की शर्त शामिल है, तो उसे हर हाल में मानना होगा.
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
राज कुंद्रा और राजस्थान रॉयल्स का यह नाता साल 2009 से शुरू हुआ था, जब उनकी कंपनी कुकी इन्वेस्टमेंट्स ने फ्रेंचाइजी की होल्डिंग कंपनी में 11.7 फीसदी की अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी खरीदी थी. लेकिन साल 2015 में जब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें आईपीएल मैचों में सट्टेबाजी का दोषी पाया, तो उन्हें अपनी यह हिस्सेदारी छोड़नी पड़ी. इसके बाद एक शेयर ट्रांसफर एग्रीमेंट के तहत उनके शेयर मामूली कीमत पर बाकी शेयरधारकों को ट्रांसफर कर दिए गए, क्योंकि कुंद्रा ने खुद भारतीय अदालत और जनता के सामने अपनी हिस्सेदारी छोड़ने की बात कबूली थी.
इसके बाद उपजे विवादों को खत्म करने के लिए दोनों पक्षों ने जुलाई 2019 में एक सीक्रेट सेटलमेंट किया. इस समझौते के तहत राज कुंद्रा को EMV कंपनी से 4,937,887 डॉलर की एक बड़ी रकम मिली. बदले में कुंद्रा ने माना कि अब फ्रेंचाइजी में उनका कोई हक नहीं है, वो आगे कोई दावा नहीं करेंगे और न ही कोई ऐसा बयान या कानूनी कार्रवाई करेंगे जिससे फ्रेंचाइजी या उसके मालिकों की छवि खराब हो. इस एग्रीमेंट में यह साफ लिखा था कि अगर कुंद्रा ने शर्तों का उल्लंघन किया, तो उन्हें यह पूरी रकम वापस लौटानी होगी.
अपने वादे से मुकर गए राज कुंद्रा
दावा करने वाले पक्ष के मुताबिक, मई 2025 में राज कुंद्रा इस वादे से मुकर गए. उन्होंने ईमेल्स और वॉट्सऐप मैसेजेस भेजकर आरोप लगाया कि उनके शेयरों की सही कीमत न देकर उनके साथ धोखाधड़ी की गई है. इतना ही नहीं, ट्विटर, इंस्टाग्राम और लिंक्डइन जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पोस्ट करके राजस्थान रॉयल्स के एक प्रमुख प्रमोटर पर पैसों की हेरा-फेरी, मनी लॉन्ड्रिंग और शेयरधारकों से धोखाधड़ी के आरोप लगा दिए. कुंद्रा ने धमकी दी कि अगर उन्हें और पैसे नहीं दिए गए, तो वह बीसीसीआई और जांच एजेंसियों से इसकी शिकायत करेंगे और मामले को मीडिया में ले जाएंगे.
रद्द हो गया सेटलमेंट एग्रीमेंट
शर्तों के टूटने के बाद जुलाई 2025 में EMV कंपनी ने इस सेटलमेंट एग्रीमेंट को तुरंत रद्द कर दिया. कंपनी ने राज कुंद्रा से अपने सारे पैसे वापस मांगे और लंदन हाई कोर्ट में उनके खिलाफ केस दर्ज करा दिया. कंपनी का सीधा आरोप था कि कुंद्रा ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर उनके खिलाफ बयानबाजी करके समझौते की शर्तों को पूरी तरह तोड़ दिया है.



