अब मॉल में नहीं देना होगा पार्किंग शुल्क : रायपुर उपभोक्ता आयोग का ऐतिहासिक निर्णय, पार्किंग को बताया बुनियादी सुविधा

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है, जहां जिला उपभोक्ता आयोग की अतिरिक्त बेंच ने मॉल में पार्किंग शुल्क वसूली पर रोक लगा दी है। आयोग ने साफ कहा है कि पार्किंग सुविधा ग्राहकों के लिए बुनियादी सुविधा है, न कि कमाई का जरिया।
उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला
रायपुर जिला उपभोक्ता आयोग की अतिरिक्त बेंच के अध्यक्ष प्रशांत कुण्डू और सदस्य डॉ. आनंद वर्गीस ने यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। आयोग ने स्पष्ट किया कि मॉल प्रबंधन के पास ग्राहकों से पार्किंग शुल्क वसूलने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।
पार्किंग को बताया बुनियादी सुविधा
आयोग ने अपने आदेश में कहा कि, किसी भी व्यावसायिक परिसर को भवन अनुमति देते समय पार्किंग की व्यवस्था आम जनता की सुविधा के लिए अनिवार्य की जाती है। ऐसे में पार्किंग को अलग से व्यवसाय बनाकर शुल्क वसूलना अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है।
क्या है पूरा मामला
15 जून 2025 को सिविल लाइन निवासी अंजिनेश शुक्ला अपनी बुजुर्ग माता को मॉल छोड़ने गए थे। इस दौरान कुछ ही मिनट रुकने पर उनसे ₹30 पार्किंग शुल्क लिया गया। इससे नाराज होकर उन्होंने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर सुनवाई के बाद आयोग ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया।
शॉपिंग या मूवी के लिए आने वालों को राहत
आयोग ने अपने निर्णय में यह भी स्पष्ट किया कि मॉल में खरीदारी या फिल्म देखने आने वाले ग्राहकों से पार्किंग शुल्क लेना गलत है। यह फैसला सीधे तौर पर आम उपभोक्ताओं को राहत देने वाला है।
शिकायत का रास्ता खुला
यदि कोई मॉल प्रबंधन अब भी पार्किंग शुल्क वसूलता है, तो उपभोक्ता इसके खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। देश के अन्य मामलों में भी अदालतें और उपभोक्ता मंच पहले ऐसे शुल्क को अनुचित करार दे चुके हैं।



