मनोरंजन

गंदी नाली के कीड़े बन गए हो’, Gen-Z पर बरसे मुकेश खन्ना- गलत बयान का खामियाजा जिंदगीभर भुगतना पड़ेगा

नई दिल्ली. नीट-यूजी 2026 पेपर लीक को लेकर छिड़ा कॉकरोच जनता पार्टी विवाद अब बॉलीवुड तक पहुंच चुका है. इस मामले में पहले कंगना रनौत ने प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों को ‘गटर छाप’ कहकर निशाना साधा, तो वहीं एक्टर सुदेश बैरी ने भी आंदोलन के दौरान कथित तौर पर इस्तेमाल हुई अभद्र भाषा पर नाराजगी जताई. अब इस बहस में ‘शक्तिमान’ फेम दिग्गज एक्टर मुकेश खन्ना की भी एंट्री हो गई है. मुकेश ने CJP को ‘स्पॉन्सर्’ करार देते हुए दावा किया कि यह असली छात्रों का आंदोलन नहीं था. इतना ही नहीं, उन्होंने प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों की तुलना ‘कॉकरोच’ से करते हुए कहा कि ऐसे लोग देश के छात्रों का प्रतिनिधित्व नहीं करते. उनका यह बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है.

मुकेश खन्ना ने भी कॉकरोच जनता पार्टी और आंदोलन में शामिल कुछ प्रदर्शनकारियों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है. सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में मुकेश खन्ना ने दावा किया कि आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार के खिलाफ जिस तरह की आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह किसी भी छात्र की भाषा नहीं हो सकती.

‘गंदी नाली के कीड़े बन गए हो’

घर में जब कॉक्रोचेस आ जाते हैं तो हम क्या करते हैं ? उन्हें ढूंढकर ,पकड़ कर, उठा कर बाहर फेंक आते हैं. इनके साथ भी ऐसा ही कीजिए. जो बच्चे इनके बहकावे में आकर जोश में बहुत ही गलत सलत बोल गए हैं. उनको मेरी चेतावनी है, तुम्हारा स्टेटमेंट हिस्ट्री में रिकॉर्ड हो गया है. तुम इनकी संगत में खुद भी गंदी नाली के कीड़े बन गए हो. इसका खामियाजा तुम्हें भुगतना पड़ेगा! कोई पुलिस तुम्हारी मदद नहीं करेगा, कई लोग तुम्हें नौकरी देने में हिचकिचायेंगे, सरकारी मदद बंद. शायद तुम्हें कई वीसा भी ना मिले! परिवार की नजरों में तुम गिर चुके हो! इस लिए इनके चंगुल से जितना जल्दी निकल आओ अच्छा है. मुझे आपकी चिंता है.

मुकेश खन्ना ने कहा कि वह फिलहाल भारत से बाहर हैं, लेकिन इंस्टाग्राम, यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए लगातार देश की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं. उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले भी उन्होंने इस मुद्दे पर एक वीडियो साझा किया था, जिसमें उन्होंने देश की युवा पीढ़ी के भविष्य को लेकर चिंता जताई थी. एक्टर के मुताबिक, शुरुआत में उन्हें लगा था कि अगर यही देश की नई पीढ़ी है तो आने वाले सालों में भारत का भविष्य चिंता का विषय हो सकता है. हालांकि, बाद में लोगों की प्रतिक्रियाएं देखने और अलग-अलग विचार सुनने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि प्रदर्शन में नजर आने वाले लोग देश के असली छात्र नहीं थे.

‘यह देश के असली छात्र नहीं’

मुकेश खन्ना ने कहा कि जो छात्र वास्तव में NEET-UG पेपर लीक से प्रभावित हुए हैं, वे अपनी पढ़ाई और भविष्य को लेकर चिंतित हैं. उन्होंने कहा- ‘असली छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर सकते हैं, लेकिन वे किसी भी स्थिति में प्रधानमंत्री या उनके परिवार के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं करेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक उद्देश्य लेकर आंदोलन में शामिल हुए और सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश करते रहे.’ उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान जिन लोगों ने आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया, वे बाद में जश्न और पार्टियां करते दिखाई दिए. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं, जिन्हें उन्होंने भी देखा है. हालांकि उन्होंने किसी विशेष वीडियो का उल्लेख नहीं किया. उन्होंने कहा कि ऐसे लोग वास्तविक छात्रों का प्रतिनिधित्व नहीं करते और आंदोलन की मूल भावना को नुकसान पहुंचाते हैं.

पूरा आंदोलन ‘स्पॉन्सर्ड’ था: मुकेश खन्ना

अपने बयान के दौरान मुकेश खन्ना ने प्रदर्शनकारियों की तुलना ‘कॉकरोच’ से भी की. उन्होंने कहा कि जिस तरह घर में कॉकरोच आने पर लोग उन्हें बाहर निकाल देते हैं, उसी तरह सार्वजनिक मंच पर अभद्र भाषा बोलने वालों को भी समाज से दूर रखा जाना चाहिए. मुकेश खन्ना ने आगे आरोप लगाया कि यह पूरा आंदोलन ‘स्पॉन्सर्ड’ था और इसमें भारी मात्रा में पैसा लगाया गया. उनके मुताबिक, कुछ लोग पैसों के लिए देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे थे.

युवाओं को दी सलाह

मुकेश खन्ना ने युवाओं को सलाह देते हुए कहा कि किसी भी आंदोलन में शामिल होने से पहले उन्हें उसके उद्देश्य और नेतृत्व को अच्छी तरह समझना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि कैमरे के सामने बोले गए शब्द और किए गए कार्य भविष्य में नौकरी और करियर पर असर डाल सकते हैं. उनके मुताबिक, कई बार ऐसे संगठनों द्वारा युवाओं का इस्तेमाल किया जाता है और बाद में उन्हें अकेला छोड़ दिया जाता है. इसलिए छात्रों को अपने भविष्य को ध्यान में रखते हुए सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए.

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button