कैदी No.71 से होगी गिरिबाला की पहचान, 4 दूसरी कैदियों संग शेयर करेंगी जेल का बैरक, सुविधा के नाम पर क्या मिला?

Twisha Sharma Case: एमपी के भोपाल के चर्चित टविशा शर्मा मौत मामले में न्यायिक हिरासत में भेजी गईं पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह अब भोपाल सेंट्रल जेल में रहेंगे. बता दें, अदालत के आदेश के बाद सीबीआई ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. जेल विभाग के अनुसार, गिरिबाला सिंह को महिला विंग के मेडिकल सेक्शन में रखा गया है. वहां उनके साथ चार अन्य महिला कैदी भी मौजूद हैं. जेल रिकॉर्ड में उन्हें कैदी नंबर 71 दिया गया है. वहीं, उनके बेटे समर्थ सिंह को सेंट्रल जेल की बैरक नंबर-4 के ‘बी’ सेक्शन में रखा गया है, जहां 15 अन्य कैदी भी रह रहे हैं. समर्थ को कैदी नंबर 1782 आवंटित किया गया है.
जेल नियमों के तहत मां और बेटे दोनों को एक-एक चादर, थाली और कटोरी दी गई है. उन्हें जेल की सामान्य रूटीन और नियमों का पालन करना होगा. जेल प्रशासन ने बताया कि दोनों को अन्य कैदियों की तरह ही सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
अग्रिम जमानत याचिका खारिज के बाद पीसी
गौरतलब है कि समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद गिरिबाला सिंह ने अपने पक्ष को रखने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इसके अलावा उन्होंने कई बार मीडिया से बातचीत भी की थी. उस दौरान उन्होंने मामले से जुड़े कई दावे किए थे. मंगलवार को कोर्ट में पेशी के दौरान गिरिबाला सिंह ने आरोप लगाया कि टविशा शर्मा पक्ष के वकील मीडिया ट्रायल करवा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि मामले को अदालत के बाहर भी चर्चा का विषय बनाया जा रहा है, जिससे निष्पक्ष सुनवाई प्रभावित हो सकती है. उन्होंने संबंधित वकीलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की.
उन्होंने कहा कि मामले को अदालत के बाहर भी चर्चा का विषय बनाया जा रहा है, जिससे निष्पक्ष सुनवाई प्रभावित हो सकती है. उन्होंने संबंधित वकीलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की.
पेशी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. पुलिस गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को पीछे के गेट से कोर्ट लेकर पहुंची. कोर्ट परिसर में पुलिस बल तैनात रहा और आरोपियों के आसपास सुरक्षा घेरा बनाए रखा गया. इसके साथ ही कोर्ट रूम के आसपास लोगों को मोबाइल फोन के इस्तेमाल की परमिशन नहीं दी गई. इस मामले की अगली सुनवाई और जांच पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.



