बार-बार गैस, एसिडिटी या पेट दर्द को न करें नजरअंदाज, हो सकते हैं कैंसर के संकेत

फरीदाबाद: पेट और बड़ी आंत का कैंसर ऐसी गंभीर बीमारी है जो अक्सर शुरुआती दौर में कोई बड़ा दर्द या साफ लक्षण नहीं देती. यही वजह है कि अधिकतर मरीज तब डॉक्टर के पास पहुंचते हैं, जब बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी होती है. शुरुआत में गैस, पेट फूलना, हल्का दर्द, भूख कम लगना या एसिडिटी जैसी समस्याओं को लोग सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन अगर ये परेशानियां लंबे समय तक बनी रहें या धीरे-धीरे बढ़ने लगें तो इन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए. समय पर जांच कराने से इस बीमारी का पता शुरुआती अवस्था में लगाया जा सकता है और इलाज भी आसान हो जाता है.
पेट के कैंसर के लक्षण क्या होते हैं
लोकल18 से बातचीत में फरीदाबाद के अमृता हॉस्पिटल के गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी विभाग के सलाहकार डॉ. सलीम नाइक ने बताया कि पेट के कैंसर के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि कैंसर पाचन तंत्र के किस हिस्से में है. यदि खाने की नली में कैंसर होता है तो मरीज को खाना निगलने में परेशानी होने लगती है. वहीं अगर कैंसर पेट (स्टमक) में हो तो खाना आगे नहीं बढ़ पाता… जिससे खाना खाने के तुरंत बाद उल्टी होने लगती है. अगर बीमारी छोटी या बड़ी आंत तक पहुंच जाती है, तो उल्टी भी हो सकती है लेकिन वह कुछ देर बाद होती है.
डॉ. सलीम नाइक बताते हैं कि पेट के कैंसर के शुरुआती लक्षण अक्सर इतने सामान्य होते हैं लोग उन पर ध्यान नहीं देते. गैस बनना, पेट फूलना, हल्का-हल्का दर्द या बेचैनी जैसी समस्याएं कई दूसरी बीमारियों में भी होती हैं. इसलिए लोग इन्हें मामूली मानकर घरेलू दवाइयां लेते रहते हैं. लेकिन जब बीमारी बढ़ जाती है, तब भूख कम लगना, बिना वजह वजन घटना, लगातार कमजोरी महसूस होना, पेट का ज्यादा फूल जाना… कई दिनों तक शौच न होना या मल के साथ खून आना जैसे गंभीर लक्षण दिखाई देने लगते हैं.
एसिडिटी, दर्द या पाचन संबंधी परेशानी शुरू हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें
डॉ. सलीम नाइक बताते हैं केवल एसिडिटी होने का मतलब यह नहीं है कि किसी को कैंसर है. एसिडिटी एक बहुत ही सामान्य समस्या है और इसके आधार पर कैंसर का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता. लेकिन अगर दवा लेने के बाद भी लंबे समय तक एसिडिटी बनी रहे, बार-बार लौटकर आए या पहले के मुकाबले उसके लक्षण बदल जाएं तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. खासकर 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों में अगर नई तरह की एसिडिटी, दर्द या पाचन संबंधी परेशानी शुरू हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
जांच ही है पता लगाने का उपाय
डॉ. सलीम नाइक बताते हैं अगर किसी व्यक्ति का बिना कोशिश किए लगातार वजन कम हो रहा हो… भूख कम लग रही हो…खाना खाने का मन न करता हो या पेट का दर्द पहले से ज्यादा बढ़कर पीठ तक पहुंचने लगे तो यह चिंता की बात हो सकती है. ऐसे लक्षण दिखने पर खुद दवा लेने के बजाय डॉक्टर से जांच करानी चाहिए. जरूरत पड़ने पर एंडोस्कोपी, कोलोनोस्कोपी और दूसरी जांचों के जरिए बीमारी का सही कारण पता लगाया जा सकता है.
क्या है उपचार
डॉ. सलीम नाइक बताते हैं पेट के कैंसर से पूरी तरह बचाव की गारंटी नहीं दी जा सकती, क्योंकि कई मामलों में इसका संबंध व्यक्ति के जेनेटिक कारणों से भी होता है. फिर भी अच्छी जीवनशैली अपनाकर खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है. धूम्रपान और शराब से दूरी बनाना, बासी और ज्यादा अचार वाला भोजन कम खाना, संतुलित आहार लेना और नियमित शारीरिक गतिविधि करना शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है. ये आदतें कई तरह के कैंसर के खतरे को कम करने में भी सहायक होती हैं.



