छत्तीसगढ़

विधायक पुरंदर मिश्रा से ठगी का मामला: रायपुर कमिश्नरेट पुलिस को मिली बड़ी सफलता, ओडिशा से शातिर आरोपी को किया गिरफ्तार

रायपुर। भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा से ठगी के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। मामले में रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने एक शातिर आरोपी को ओडिशा से गिरफ्तार किया है। आरोपी को रायपुर लाया जा रहा है। पुलिस बुधवार सुबह पूरे मामले का राजफाश करेगी।

जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने विधायक पुरंदर मिश्रा को फोन कर खुद को भाजपा के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का पीए बताया था। उसने कहा था कि वह भुवनेश्वर जा रहा है और रास्ते में ड्राइवर से विवाद होने के कारण परेशानी में फंस गया है। आरोपी ने डीजल भरवाने और तत्काल जरूरत बताकर पैसों की मांग की थी।

फोन करने वाले शातिर ने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर भाजपा नेताओं, जिनमें नितिन नवीन समेत कई बड़े नेताओं के साथ तस्वीरें लगा रखी थीं। इसी वजह से उस पर आसानी से भरोसा हो गया। आरोपी ने पहले 4,500 रुपए की मांग की, लेकिन परेशानी में होने की बात सुनकर विधायक ने जगन्नाथ मंदिर के सेवक नारायण मिश्रा के जरिए आरोपी के खाते में कुल 10 हजार रुपए ट्रांसफर करा दिए।

करीब डेढ़ घंटे बाद आरोपी ने दोबारा पैसे की मांग की। इस पर विधायक पुरंदर मिश्रा को शक हुआ। उन्होंने सोचा कि भुवनेश्वर यहां से काफी दूर है, ऐसे में इतनी जल्दी वहां पहुंचने और फिर दोबारा पैसे मांगने की बात संदिग्ध लग रही है। इसके बाद विधायक ने नितिन नवीन के कार्यालय में संपर्क कर संबंधित व्यक्ति के बारे में जानकारी ली। वहां से पता चला कि उस नाम का कोई व्यक्ति कार्यालय में कार्यरत ही नहीं है।

मामले की गंभीरता समझते हुए खम्हारडीह थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। शिकायत के बाद पुलिस ने मोबाइल नंबर, बैंक खाते और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी की लोकेशन ओडिशा में मिली, जिसके बाद रायपुर पुलिस की टीम वहां पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने इस तरह और कितने लोगों से ठगी की है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और उससे कई अहम खुलासे होने की संभावना है।

विधायक की आम जनता से अपील

विधायक पुरंदर मिश्रा ने इस घटना के बाद आम लोगों से सतर्क रहने की अपील भी की है। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान नंबर से कॉल आने पर और पैसों की मांग किए जाने पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे संपर्क कर जानकारी का सत्यापन करना जरूरी है। पूरी तरह पुष्टि होने के बाद ही किसी प्रकार का आर्थिक लेनदेन करना चाहिए।

पूर्व विधानसभा भी हुए थे लूट का शिकार

बता दें कि हाल ही में राजधानी रायपुर में भाजपा नेताओं को निशाना बनाने की दूसरी बड़ी घटना भी सामने आई थी। देवेंद्र नगर इलाके में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक मॉर्निंग वॉक के दौरान मोबाइल लूट का शिकार हो गए थे। हालांकि उस मामले में पुलिस ने आठ घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था.

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