अन्य राज्य

दिल्ली HC का बड़ा आदेश, यमुना फ्लडप्लेन में नहीं होगी पूजा, बिजनेस गतिविधियों पर भी लगाई रोक

राजधानी दिल्ली में यमुना के खादर इलाके को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने बेहद अहम और सख्त फैसला सुनाया है. कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा है कि यमुना के पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील फ्लडप्लेन क्षेत्र में अब किसी भी तरह की धार्मिक सभा, पूजा-पाठ,आयोजन, बिजनेस पार्किंग जैसी गतिविधियां नहीं होंगी. कोर्ट ने इसे पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी बताते हुए तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश दिया है.

हाई कोर्ट यमुना सफाई को लेकर दिए सख्त आदेश 

दिल्ली हाई कोर्ट में जस्टिस जसमीत सिंह ने कहा कि यमुना का खादर इलाका प्राकृतिक रूप से बेहद नाजुक है और यहां लगातार हो रही मानव गतिविधियों से पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है. इसलिए किसी भी बहाने से इस क्षेत्र का व्यावसायिक या धार्मिक उपयोग स्वीकार नहीं किया जा सकता.

दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल याचिका के मुताबिक मामला यमुना सूर घाट स्थित एक पार्किंग स्थल से जुड़ा था. याचिकाकर्ता सुरेश कुमार ने कोर्ट से मांग की थी कि 2022 में एमसीडी द्वारा जारी पार्किंग टेंडर को फिर से बहाल किया जाए. सुरेश कुमार का कहना था कि वह टेंडर में सबसे बड़ी बोली लगाने वाला था और उसे पार्किंग साइट सौंप भी दी गई थी. लेकिन बाद में 2025 में अचानक टेंडर रद्द कर दिया गया.

दहेज के ताने भी बन सकते हैं तलाक का आधार, दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

डीडीए ने कोर्ट में दाखिल याचिका का किया विरोध 

दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान डीडीए ने कोर्ट को बताया कि संबंधित जमीन यमुना के फ्लडप्लेन में आती है. जहां किसी भी तरह की कारोबारी गतिविधि पर्यावरण नियमों के खिलाफ है. इस पर कोर्ट ने न सिर्फ याचिका खारिज कर दी, बल्कि डीडीए को यह सुनिश्चित करने का आदेश भी दिया कि वहां आगे कोई धार्मिक या व्यावसायिक गतिविधि न हो. कोर्ट ने विशेष तौर पर कहा कि यमुना घाट पर श्रद्धालुओं की सुविधा के नाम पर भी वहां वाहन पार्किंग की अनुमति नहीं दी जा सकती.

यदि किसी विशेष अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की जरूरत महसूस होती है तो डीडीए को यमुना फ्लडप्लेन से दूर वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराना होगा. दिल्ली हाई कोर्ट ने साफ कर दिया है कि आस्था या सुविधा के नाम पर यमुना के प्राकृतिक और संवेदनशील क्षेत्र से छेड़छाड़ अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी. 

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button