सरकारी सख्ती के बाद सिर्फ 30 टन पर सिमटा सोने का आयात, गोल्ड मंगाने से कतरा रहे ट्रेडर्स

Gold Import: कुछ दिनों पहले जब जनता के ऊपर महंगाई की मार पड़ी थी, तब सरकार ने सोने के आयात पर इम्पोर्ट ड्यूटी को बढ़ा दिया था. ऐसा इसलिए किया गया ताकि देश की अर्थव्यवस्था के सुधरने तक के लिए देश का विदेशी मुद्रा भंडार खाली ना हो. सरकार ने ऐसा गैर जरूरी आयात को रोके के लिए किया था, अब लगता है कि सरकार की ये चाल कामयाब हो गई है. क्योंकि वाकई में देश में सोने का आयात कम हो गया है.
सोने का आयात हुआ कम
सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का असर अब साफतौर पर दिखाई देने लगा है. सरकार की तरफ से ये जानकारी सामने आई है. एनडीटीवी प्रॉफिट के मुताबिक एक सरकारी अधिकारी ने बताया है कि, ड्यूटी बढ़ने के बाद देश में सोने का आयात करीब 70% से 25-30 टन ही रह गया है. इससे पहले हर महीने 75-100 टन सोना आयात किया जाता था. सरकार ने 13 मई से सोने और चांदी के आयात पर इम्पोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी थी, जिसके बाद विदेशों से सोने की खरीद में कमी आई है.
कीमत के हिसाब से बढ़ गया आयात
हालांकि, सोने की बढ़ती कीमतों के हिसाब से देखें तो मई में भारत का सोना आयात सालाना आधार पर 34% से बढ़कर 3.41 अरब डॉलर हो गया, इसके पीछे सोने की बढ़ी हुई कीमतें ही वजह थीं. तो वहीं अप्रैल-मई 2026-27 के दौरान, सोने का आयात 60.14% से बढ़कर 9.04 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया. बात करें पिछले फाइनेंशियल इयर की तो साल 2025-26 में भारत ने 71.98 अरब डॉलर का सोना आयात किया था. हालांकि सोने की मात्रा के बारे में बात करें तो उसके हिसाब से आयात 4.76% घटकर 721.03 टन रह गया था.
बता दें कि ईरान- यूएस के बीच हुए युद्ध की वजह से देशभर में महंगाई बढ़ रही थी. जिसको देखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपील की थी कि वो करीब एक साल तक सोना को कम मात्रा में खरीदें या जरूरी ना हो तो ना खरीदें. इसके बाद ही गोल्ड की इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाई गई थी. पीएम की इस अपील के चलते लोगों में भी डर बैठ गया था कि सोने की कीमतें शायद आसमान छू देंगी. हालांकि ऐसा नहीं हुआ, पूरे महंगाई के दौर में सोने की कीमतों में कुछ खास ज्यादा फर्क नहीं पड़ा था.



