गाजियाबाद के आढ़ती से 55 लाख की वसूली मामले में IB के रिटायर्ड JD समेत 3 गिरफ्तार

गाजियाबाद: इंदिरापुरम एरिया निवासी आढ़ती से 55 लाख की वसूली के आरोप में पुलिस ने आईबी के रिटायर्ड डिप्टी जॉइंट डायरेक्टर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। कारोबारी को सीबीआई और एनआईए के नाम से मिले एक नोटिस को रफादफा कराने के नाम पर वसूली की गई।
आरोपियों ने पीड़ित को जेल जाने का डर दिखाया था। रिटायरमेंट के बाद आरोपी ने अपने बेटे और तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर गिरोह बनाया। पुलिस ने इनके पास से 1.92 लाख रुपये कैश, तीन मोबाइल और एक डायरी बरामद की है।
डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि इंदिरापुरम में रहने वाले आढ़ती विकास मित्तल ने एक सितंबर को शिकायत दी थी। इसमें उन्होंने बताया कि उनकी दिल्ली स्थित फर्म ए टू जेड को एनआईए/सीबीआई से संबंधित एक नोटिस मिला था। फर्म के मैनेजर योगेश ने अपने परिचित सलमान से इस पर चर्चा की। सलमान ने उच्च अधिकारियों से जान-पहचान का दावा करते हुए मामला निपटवाने की बात कही।
आरोपियों ने 55 लाख वसूले
इसके बाद खुद को डिप्टी जॉइंट डायरेक्टर बताने वाले अनिल प्रताप सिंह, उनके बेटे अनिकेत उर्फ कबीर सिंह, सिद्धार्थ जैन, सलमान और अंकित द्विवेदी ने सेटलमेंट कराने का भरोसा दिया। इस काम के बदले 15 करोड़ रुपये का खर्च बताकर रकम की मांग की। इसके बाद पांच करोड़ रुपये में सहमति बनी। आरोपियों ने उनसे 55 लाख रुपये वसूल लिए। इसके बाद आरोपी और रकम की मांग करने लगे। रुपये नहीं देने पर आरोपी जेल भेजने का डर दिखाने और धमकी देने लगे। इसके बाद शक होने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
गिरोह में शामिल दो आरोपियों की तलाश
डीसीपी ने बताया कि आरोपियों की पहचान कर ग्रेटर नोएडा वेस्ट की पंचशील हाइनिश सोसायटी निवासी अनिल प्रताप सिंह (64), दिल्ली के वसंतकुज निवासी अंकित द्विवेदी और दिल्ली के जेपी ब्लॉक पीतमपुरा निवासी सिद्धार्थ जैन को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरोह में शामिल अनिकेत उर्फ कबीर और सलमान अभी फरार है। उनकी तलाश की जा रही है।
जेल जाने का भय दिखाकर की वसूली
छानबीन में पता चला कि सलमान और सिद्धार्थ जैन ने अनिल प्रताप सिंह से मुलाकात कराई। डीसीपी ने बताया कि अनिल प्रताप सिंह ने वसूली के लिए अपने बेटे अनिकेत उर्फ कबीर और उसके दोस्त अंकित द्विवेदी को भेजा था। जेल जाने का भय दिखाने और फर्म डूब जाने की धमकी देकर इन्होने विकास मित्तल से 55 लाख रुपये वसूले थे।



