छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को तलाशने, तराशने और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 रायपुर। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य खेल अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को सम्मानित किया। वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए 126 उत्कृष्ट खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को राज्य खेल अलंकरण प्रदान किए गए। वहीं 540 अन्य खिलाड़ियों को भी नगद प्रोत्साहन राशि दी गई। इस तरह कुल 666 खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को 1 करोड़ 74 लाख 19 हजार रुपए की पुरस्कार एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल के मैदान में खिलाड़ी का परिश्रम, अनुशासन और संघर्ष केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि इससे पूरे प्रदेश और देश का गौरव बढ़ता है। सरकार का प्रयास है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को संसाधनों और अवसरों की कमी के कारण पीछे न रहना पड़े। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 156 खिलाड़ियों की सूची जारी की गई है, जिससे उनके लिए शासकीय सेवा में नियुक्ति का रास्ता खुला है।

खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए 100 करोड़ का मिशन

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेलों को नई ऊंचाई देने के लिए पांच मिशन पर काम किया जा रहा है। इनमें मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन प्रमुख है, जिसके लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। सरकार प्रतिभाओं की पहचान से लेकर प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन, खेल अधोसंरचना और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक पहुंच के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।

बस्तर और सरगुजा में प्रतिभाओं को मिल रहा मंच

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। बस्तर ओलंपिक के पहले आयोजन में 1.65 लाख युवाओं ने भाग लिया था, जबकि दूसरे वर्ष यह संख्या बढ़कर 3.91 लाख हो गई। सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसे आयोजनों से भी स्थानीय युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है।

आधुनिक खेल सुविधाओं का विस्तार

प्रदेश में कुनकुरी, रायगढ़ और रायपुर में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किए जा रहे हैं। नवा रायपुर में करीब 67 करोड़ रुपए की लागत से तीरंदाजी अकादमी का निर्माण किया जा रहा है। वहीं पंडरापाट में पहाड़ी कोरवा समुदाय की तीरंदाजी प्रतिभाओं को निखारने के लिए करीब 18 करोड़ रुपए की लागत से अकादमी विकसित की जा रही है।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल उन्हें पहचानने, प्रशिक्षित करने और पर्याप्त अवसर देने की है। उन्होंने बिलासपुर खेल अकादमी की गीता यादव और मधु सिदार के एशिया कप के लिए भारतीय टीम में चयन को प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं और प्रोत्साहन मिलने से देश में खेलों के प्रति सकारात्मक माहौल बना है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उम्मीद जताई कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी ओलंपिक, एशियन गेम्स और राष्ट्रमंडल खेलों जैसे बड़े मंचों पर पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।

तीन वर्षों के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का सम्मान

समारोह में शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौबे सम्मान और मुख्यमंत्री ट्रॉफी सहित विभिन्न श्रेणियों में खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में विधायक पुरन्दर मिश्रा, मोतीलाल साहू और सुनील सोनी, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष नंद कुमार साहू, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के अध्यक्ष डॉ. विक्रम सिसोदिया सहित विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, खिलाड़ी और प्रशिक्षक मौजूद रहे।

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