15 साल का सूखा खत्म: BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप में त्रिशा-गायत्री ने रचा इतिहास, जीता ब्रॉन्ज मेडल

ब्यूरो— नई दिल्ली, भारत की तृषा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने बैडमिंटन वल्र्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता। भारत को 15 साल बाद वूमंस डब्ल्स कैटेगरी में मेडल मिला है। इससे पहले 2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। शनिवार को भारतीय जोड़ी वूमंस डब्ल्स का सेमीफाइनल हार गईं। उन्हें वल्र्ड नंबर-1 जोड़ी चीन की लियू शेंग शू और टैन निंग ने 18-21, 21-13, 21-8 से हराया। नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में एक घंटे 11 मिनट तक चले इस मैच में भारतीय जोड़ी ने पहला गेम जीत लिया, लेकिन, बाकी को दो गेम गंवा बैठी।
पहला गेम में भारतीय जोड़ी एक समय 16-18 से पीछे थी, लेकिन इसके बाद लगातार पांच अंक जीतकर शानदार वापसी की। उसने गेम 21-18 से अपने नाम किया। दूसरे गेम में तृष-गायत्री 8-10 से पीछे चल रही थीं। फिर इंडियन पेयर ने लगातार अंक लेकर ब्रेक तक 11-10 की बढ़त ली। ब्रेक के बाद चीनियों ने वापसी की और 21-13 से गेम जीता। तीसरे गेम में चीनी खिलाडिय़ों ने भारतीय जोड़ी को ज्यादा मौके नहीं दिए। उन्होंने 21-8 से गेम जीतकर फाइनल में जगह बनाई। तृषा-गायत्री के सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ भारत के वल्र्ड चैंपियनशिप मेडल की संख्या 16 हो गई है।



