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भारत में बरसे डॉलर… RBI की रणनीति हुई सुपरहिट, तीन खास स्कीम से जुटाए 72.8 अरब, FCNR(B) टॉप पर

नई दिल्ली: भारत ने रुपये पर दबाव और विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए शुरू की गई रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की विशेष योजनाओं के जरिए अब तक 72.8 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा जुटाई है। आरबीआई ने शनिवार को जारी आंकड़ों में बताया कि इसमें सबसे बड़ा योगदान विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए शुरू की गई FCNR(B) जमा योजना का रहा है।

FCNR(B) से आए 65.39 अरब डॉलर

  • आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, 72.8 अरब डॉलर के कुल विदेशी मुद्रा प्रवाह में FCNR(B) जमा के जरिए 65.39 अरब डॉलर आए हैं।
  • वहीं, अन्य दो योजनाओं के तहत भी विदेशी मुद्रा जुटाई गई है। इनमें एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग (ECB) के जरिए 2.59 अरब डॉलर और ओवरसीज फॉरेन करेंसी बॉरोइंग (OFCB) के जरिए 4.86 अरब डॉलर आए हैं।
  • खास बात यह है कि पिछले एक सप्ताह में ही बैंकों ने FCNR(B) योजना के तहत करीब 13 अरब डॉलर जुटाए हैं।
  • 13 अगस्त तक यह आंकड़ा 52.30 अरब डॉलर था, जो अब बढ़कर 65.39 अरब डॉलर हो गया है।

रिजर्व बैंक ने समयसीमा क्यों घटाई?

विदेशी मुद्रा के मजबूत प्रवाह को देखते हुए RBI ने पिछले सप्ताह FCNR(B) योजना के तहत विशेष प्रोत्साहन वाले डिपॉजिट स्वीकार करने की समयसीमा को एक महीने पहले ही खत्म करने का फैसला किया। अब बैंक 31 अगस्त 2026 तक इन जमाओं को स्वीकार कर सकते हैं। हालांकि, ECB और OFCB से जुड़ी स्वैप योजना पहले तय कार्यक्रम के मुताबिक 31 दिसंबर 2026 तक जारी रहेगी।

डॉलर जुटाने के लिए शुरू हुई थी योजना

आरबीआई ने इस सुविधा को 8 जून 2026 से लागू किया था। इसका उद्देश्य देश में डॉलर का प्रवाह बढ़ाना और विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करना था। इस व्यवस्था के तहत बैंक पात्र विदेशी मुद्रा उधारी को आरबीआई के साथ रियायती दरों पर स्वैप कर सकते हैं। इससे बैंकों की फंडिंग लागत कम होती है।

इसके अलावा, नई व्यवस्था के तहत बैंक FCNR(B) से मिलने वाले डॉलर को RBI के साथ जीरो-कॉस्ट हेजिंग सुविधा के तहत स्वैप कर सकते हैं। यह सुविधा 11 सितंबर 2026 तक उपलब्ध है।

2013 का रिकॉर्ड टूटा

FCNR(B) योजना की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसके तहत आने वाला पैसा 2013 में लाई गई ऐसी ही योजना से जुटाए गए 26 अरब डॉलर से काफी अधिक हो गया है।

जून में नई विंडो खुलने के तीन महीने से भी कम समय में यह आंकड़ा कई गुना बढ़ गया है। इससे भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को भी काफी मजबूती मिली है। जुलाई से अब तक देश का विदेशी मुद्रा भंडार करीब 50 अरब डॉलर बढ़ चुका है।

7 हफ्तों से लगातार बढ़ रहा फॉरेक्स रिजर्व

आरबीआई के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 14 अगस्त को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 9.905 अरब डॉलर बढ़कर 716.90 अरब डॉलर हो गया। इसके साथ ही देश के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार सातवें सप्ताह बढ़ोतरी दर्ज की गई।

हालांकि, विदेशी मुद्रा भंडार में इतनी बड़ी बढ़ोतरी के बावजूद रुपये को इसका उतना फायदा नहीं मिला है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण रुपये पर अब भी दबाव बना हुआ है।

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