चमोली टनल हादसे का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, अब तक नौ मजदूरों की मौत; सुरंग में गले तक भरा पानी और गाद

गोपेश्वर (चमोली): चमोली जिले में अलकनंदा नदी पर बन रही विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की सुरंग में हुए भारी भूस्खलन होने से कई श्रमिक चपेट में आ गए। इस हादसे में वहां काम कर रहे नौ श्रमिकों की मौत हो गई।
वहीं, छह अन्य श्रमिकों की तलाश के लिए ऑपरेशन जारी है। 10 घायल श्रमिकों का जिला अस्पताल गोपेश्वर, एक श्रीनगर और एक पीपल कोटी में इलाज चल रहा है। एक घायल को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंट आलोक जायरा ने कहा लगातार ऑपरेशन जारी रहेगा। वहीं, दलदल और पानी होने से ऑपरेशन रात्रि के लिए स्थगित किया था। सुरंग के अंदर ऑक्सीजन की कमी के कारण राहत-बचाव अभियान रोक दिया गया था। शुक्रवार की सुबह दोबारा ऑपरेशन शुरू किया जाएग।
प्रभावित परिवारों को हर संभव की जाएगी सहायता प्रदान : टीएचडीसी
प्रोजेक्ट निदेशक शरद कुमार ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है। उन्होंने बताया कि हमारी पहली प्राथमिकता सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। इसके लिए सभी संसाधनों को पूरी तरह से लगाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी और घटना की विस्तृत जांच कराई जाएगी। बताया कि प्रोजेक्ट की मैनेजमेंट टीम भी राहत एवं बचाव कार्य में पूरी तरह जुटी हुई है। प्रशासन के साथ मिलकर स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। राहत कार्य तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी लोगों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाल लिया जाता। बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था। मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है और अन्य फंसे हुए लोगों को निकालने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
डीएम गौरव कुमार मौके पर
THDC टनल में पानी और मलबा घुसने के बाद जिला मजिस्ट्रेट गौरव कुमार मौके पर पहुंचे हैं।
गोपेश्वर जिला अस्पताल के डॉक्टर बोले
गोपेश्वर के जिला अस्पताल के डॉक्टर आयुष ने बताया कि THDC से कुल 19 लोगों को यहां लाया गया था; इनमें से 7 को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि 13 लोग ठीक-ठाक हालत में पहुंचे। हमने उनमें से 10 को भर्ती किया है। एक युवक, जिसकी हालत थोड़ी अस्थिर थी, उसे श्रीनगर के बेस हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया है।
धामी ने झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बात की
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीपलकोटी टनल हादसे को लेकर झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से दूरभाष पर वार्ता कर श्रमिकों की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने प्रभावित श्रमिकों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेस्क्यू किए गए श्रमिकों के उपचार में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रखी जा रही है। उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। आवश्यकता के अनुरूप विशेषज्ञ उपचार, दवाइयों, आवास, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी श्रमिक को उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर करने की आवश्यकता होगी तो उसके लिए भी समुचित व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने दोनों मुख्यमंत्रियों को भरोसा दिया कि उनके राज्य के प्रत्येक प्रभावित श्रमिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
नीले ड्रमों के सहारे जवान रेस्क्यू में जुटे
टनल में गले तक पानी और मलबा भर गया है। रात करीब दस बजे एनडीआरएफ की टीमें तीन वाहनों से टनल में घुसी। नीले रंग के ड्रम भी टनल में ले जाए गए हैं। पानी में इन ड्रमों के सहारे आगे बढ़कर जवान रेस्क्यू अभियान कर रहे हैं
पानी और मलबे से भर गई आधी टनल
बताया जा रहा है कि टनल में गले तक पानी और मलबा भर गया है। रात करीब दस बजे एनडीआरएफ की टीमें तीन वाहनों से टनल में घुसी। नीले रंग के ड्रम भी टनल में ले जाए गए हैं। बताया जा रहा है कि पानी में इन ड्रमों के सहारे आगे बढ़कर जवान रेस्क्यू अभियान करेंगे। देर रात तक घायलों का रेस्क्यू अभियान जारी था। पीपलकोटी में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (THDC) की निर्माणाधीन सुरंग में मलबा और पानी घुसने के बाद बचाव अभियान चल रहा है। NDRF की टीम के कमांडर अमृत लाल मीणा ने बताया कि जब हमारी टीम पहुंची और ऑपरेशन शुरू किया, तो सुरंग में बहुत पानी भरा हुआ था और किनारों से भी पानी रिस रहा था। तब से पानी का स्तर काफी बढ़ गया है। हमारे जवान खास उपकरण पहनकर अब तक पानी से चार शव निकाल चुके हैं और ऑपरेशन अभी भी जारी है… यह ऑपरेशन तब तक चलता रहेगा जब तक सभी को बाहर नहीं निकाल लिया जाता।



