नई एंबुलेंस पॉलिसी, मोबाइल ऐप से मिलेगी नजदीकी एंबुलेंस और किराए की पूरी जानकारी

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार, राज्य में जल्द ही नई स्टेट एंबुलेंस पॉलिसी लागू करने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य इमरजेंसी मेडिकल सेवा को तेज, पारदर्शी और अधिक जवाबदेह बनाना है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि राज्य की सभी पंजीकृत एंबुलेंस को डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इससे एंबुलेंस की लोकेशन, उपलब्धता, पहुंचने का समय और सेवा की गुणवत्ता पर रियल टाइम निगरानी रखी जा सकेगी।
किराया और सुविधाओं की मिलेगी पूरी जानकारी
फिलहाल महाराष्ट्र में 108 आपातकालीन सेवा के तहत करीब 1,076 एंबुलेंस संचालित हैं। इसके अलावा निजी अस्पतालों, ट्रस्ट और स्वयंसेवी संस्थाओं की 4,500 से 5,000 एंबुलेंस भी चल रही हैं। लेकिन अभी तक ऐसी कोई एकीकृत व्यवस्था नहीं है, जहां लोगों को एंबुलेंस की उपलब्धता, किराया और सुविधाओं की पूरी जानकारी एक ही जगह मिल सके।
तैयार किया जाएगा मोबाइल ऐप
नई पॉलिसी के तहत एक डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप तैयार किया जाएगा। इसके जरिए लोग सबसे नजदीकी एंबुलेंस की लोकेशन देख सकेंगे, उसके पहुंचने का अनुमानित समय जान सकेंगे, बुकिंग से पहले किराया देख सकेंगे और जरूरत पड़ने पर वीडियो कॉल के माध्यम से प्राथमिक उपचार संबंधी सलाह भी प्राप्त कर सकेंगे।
पारदर्शी होगी प्रक्रिया
सरकार एंबुलेंस किराए को भी पारदर्शी बनाने की तैयारी में है। प्रस्ताव के अनुसार, पंजीकृत एंबुलेंस को अपना किराया ऐप पर प्रदर्शित करना होगा। साथ ही विभिन्न श्रेणी की एंबुलेंस के लिए अधिकतम किराया तय किया जाएगा। हर यात्रा का डिजिटल रिकॉर्ड और ई-रसीद भी उपलब्ध होगी, ताकि आपातकाल के समय मनमाना किराया वसूलने पर रोक लगाई जा सके।
चालकों और मेडिकल स्टाफ के लिए भी डिजिटल सुविधा
नई व्यवस्था में एंबुलेंस चालकों और मेडिकल स्टाफ के लिए भी डिजिटल सुविधा होगी, जबकि आरटीओ और स्वास्थ्य विभाग के लिए अलग डैशबोर्ड तैयार किया जाएगा। इसके माध्यम से एंबुलेंस की कार्यप्रणाली, प्रतिक्रिया समय, कॉल ठुकराने की घटनाओं और किसी भी तरह के दुरुपयोग पर नजर रखी जाएगी।
प्रताप सरनाईक ने क्या कहा?
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि सड़क दुर्घटना या अन्य आपात स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय में तकनीक, पारदर्शिता और बेहतर समन्वय के जरिए मरीज तक समय पर चिकित्सा सहायता पहुंचाकर कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। सरकार आने वाले महीनों में इस नई एंबुलेंस पॉलिसी को अंतिम रूप दे सकती है।



