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फीफा विश्वकप रोमांचक मुकाबला? इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराकर जीता कांस्य

मियामी, फीफा विश्व कप 2026 के तीसरे स्थान के मुकाबले में इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराकर कांस्य पदक जीता। पहले हाफ में 4-0 से आगे रहने के बावजूद इंग्लैंड को फ्रांस की जोरदार वापसी का सामना करना पड़ा। बुकायो साका ने हैट्रिक लगाई, जबकि किलियन एमबाप्पे ने दो गोल कर विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। जूड बेलिंगहम ने 98वें मिनट में गोल कर इंग्लैंड की जीत पर मुहर लगाई।

फीफा विश्व कप 2026 के तीसरे स्थान के मुकाबले में इंग्लैंड और फ्रांस के बीच ऐसा रोमांच देखने को मिला, जिसे विश्व कप इतिहास के सबसे यादगार मैचों में गिना जाएगा। कुल 10 गोल वाले इस मुकाबले में इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया। यह 1982 के बाद विश्व कप के किसी मैच में सबसे अधिक 10 गोल होने का रिकॉर्ड भी बन गया।

इंग्लैंड ने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए। तीसरे ही मिनट में कप्तानी कर रहे डेक्लान राइस ने लंबी दूरी से शानदार गोल दागकर टीम को बढ़त दिलाई। 18वें मिनट में राइस के कॉर्नर पर एजरी कोन्सा ने हेडर के जरिए स्कोर 2-0 कर दिया। इसके बाद बुकायो साका ने 37वें और 43वें मिनट में दो गोल दागे और इंग्लैंड ने हाफटाइम तक 4-0 की चौंकाने वाली बढ़त बना ली।

फ्रांस 4-6 इंग्लैंड: गोल स्कोरर्स

फ्रांसमिनटमिनटइंग्लैंड
किलियन एम्बाप्पे48′3′डेक्लान राइस
ब्रैडली बारकोला54′18′एजरी कोन्सा
किलियन एम्बाप्पे66′37′बुकायो साका
उस्मान डेम्बेले90+6′45+1′बुकायो साका
87′ (पेनल्टी)बुकायो साका
90+8′जूड बेलिंगहम

दूसरे हाफ में फ्रांस की दमदार वापसी
हाफटाइम के बाद फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेशॉ ने एक साथ चार बदलाव किए। उस्मान डेम्बेले और ब्रैडली बारकोला के आने से फ्रांस के हमले में नई जान आ गई। 48वें मिनट में किलियन एमबाप्पे ने गोल कर फ्रांस की वापसी की शुरुआत की। इसके 10 मिनट बाद बारकोला ने गोल दागकर अंतर 4-2 कर दिया। 67वें मिनट में एमबाप्पे ने अपना दूसरा गोल किया और स्कोर 4-3 हो गया। इसके साथ ही उन्होंने विश्व कप में अपने करियर का 22वां गोल दागकर लियोनल मेसी के 21 गोल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। साथ ही वह इस टूर्नामेंट में 10 गोल के साथ गोल्डन बूट की दौड़ में भी शीर्ष पर पहुंच गए।

साका की हैट्रिक और बेलिंगहम ने लगाई जीत पर मुहर
फ्रांस की वापसी के बीच इंग्लैंड को 87वें मिनट में पेनल्टी मिली। बुकायो साका ने बिना गलती किए गोल दागा और अपनी हैट्रिक पूरी करते हुए इंग्लैंड को 5-3 की बढ़त दिलाई। हालांकि, स्टॉपेज टाइम में उस्मान डेम्बेले ने गोल कर स्कोर 5-4 कर दिया और मुकाबले में फिर रोमांच भर दिया। लेकिन इंजुरी टाइम के आठवें मिनट (98वें) में बतौर विकल्प मैदान पर उतरे जूड बेलिंगहम ने गोल कर इंग्लैंड की 6-4 की ऐतिहासिक जीत पक्की कर दी। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने 1966 में विश्व कप जीतने के बाद टूर्नामेंट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया।

टुकेल ने डेशॉ को गले लगाया
मैच के बाद इंग्लैंड के कोच टुकेल ने फ्रांस के कोच डेशॉ को गले लगाया। यह फ्रांस के कोच के तौर पर डेशॉ का आखिरी मैच था। 

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