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टंकी में गोली डालते ही दोगुना एवरेज देगी आपकी गाड़ी, रूस के ड्राइवरों ने खोज निकाला पेट्रोल बचाने का टोटका!

मॉस्को. दुनियाभर के अलग-अलग देशों में चल रहे युद्ध और आर्थिक प्रतिबंधों की वजह से आम जनता को कई तरह की गंभीर परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में जब देश के भीतर बुनियादी चीजों की किल्लत होने लगती है, तो लोग अपनी मुश्किलों को आसान बनाने के लिए कोई अनोखा रास्ता तलाशने लगते हैं. ऐसा ही कुछ रूस में देखने को मिल रहा है. यहां यूक्रेन द्वारा तेल रिफाइनरियों पर किए जा रहे लगातार ड्रोन हमलों ने रूस के भीतर ईंधन की सप्लाई चेन को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है. इस युद्ध के कारण रूस के कई इलाकों में या तो पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है या फिर कीमतों को इतना बढ़ा दिया गया है कि आम लोगों के लिए गाड़ी चलाना बेहद मुश्किल हो चुका है. इसी गंभीर संकट के बीच रूसी ड्राइवरों ने पेट्रोल बचाने का एक ऐसा हैरतअंगेज और जादुई तरीका खोज निकाला है, जिसे सुनकर पूरी दुनिया के एक्सपर्ट हैरान हैं.

रूस के स्थानीय टेलीग्राम न्यूज चैनल ‘बाजा’ द्वारा जारी की गई एक बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट के अनुसार, इन दिनों रूसी बाजारों में ‘फ्यूल टैब्स’ यानी पेट्रोल बचाने वाली चमत्कारी गोलियों की बिक्री में अचानक ढाई गुना से ज्यादा की भारी बढ़ोतरी देखी गई है. सोशल मीडिया पर भी इस समय ऐसे कई वीडियो और पोस्ट तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसमें लोग अपनी गाड़ियों की तेल की टंकियों में इन रंग-बिरंगी टेबलेट्स को डालते हुए नजर आ रहे हैं. ‘बुका’ और ‘बी-इको’ जैसे ब्रांड्स के नाम से बिकने वाली ये फ्यूल टैबलेट्स इंटरनेट पर इस दावे के साथ बेची जा रही हैं कि इन्हें पेट्रोल की टंकी में डालने से इंजन के भीतर कंबशन यानी ईंधन जलने की क्षमता बहुत ज्यादा बढ़ जाती है. इस प्रक्रिया के कारण गाड़ी का इंजन बहुत ही अच्छे से काम करने लगता है और पेट्रोल की खपत में कमी आती है जिससे गाड़ी का माइलेज अचानक दोगुना तक बढ़ जाता है.

यह कथित चमत्कारी टैबलेट रूस के लगभग सभी प्रमुख पेट्रोल पंपों और गैस स्टेशनों पर बहुत ही आसानी से मिल रही है, जिसकी कीमत भारतीय रुपयों में मात्र 50 से 70 रुपये के बीच है. इस गोली को बेचने वाली कंपनियों का दावा है कि मात्र एक छोटी सी गोली पूरे 200 लीटर पेट्रोल को प्रोसेस करने की अद्भुत क्षमता रखती है. इतना ही नहीं, कुछ ब्रांड्स तो सोशल मीडिया पर यहां तक दावा कर रहे हैं कि यह जादुई गोली गाड़ी की टंकी में जाते ही बेहद घटिया क्वालिटी के एआई-92 श्रेणी वाले पेट्रोल को भी शुद्ध और प्रीमियम क्वालिटी के एआई-95 वाले स्टैंडर्ड पेट्रोल में बदल देती है. इस लुभावने और जादुई दावे के झांसे में आकर रूस के लाखों ड्राइवर अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा इन गोलियों को खरीदने में अंधाधुंध खर्च कर रहे हैं, ताकि वे महंगे पेट्रोल के खर्चे से खुद को बचा सकें.

हालांकि, वैज्ञानिक तौर पर अभी तक यह बिल्कुल भी साफ नहीं हो पाया है कि ये छोटी सी गोलियां आखिर पेट्रोल के भीतर जाकर किस तरह से काम करती हैं और माइलेज को कैसे बढ़ा देती हैं. इस पूरे मामले पर देश के बड़े ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स ने ड्राइवरों को चेतावनी जारी की है. विशेषज्ञों का साफ कहना है कि इन गोलियों के भीतर जो बाहरी केमिकल और एडिटिव्स मिलाए गए हैं, वे पेट्रोल में पहले से मौजूद रसायनों के साथ मिलकर एक बेहद खतरनाक और जानलेवा केमिकल रिएक्शन पैदा कर सकते हैं. यह केमिकल रिएक्शन गाड़ी के महंगे फ्यूल इंजेक्टर को पूरी तरह से जाम कर सकता है या फिर सीधे तौर पर कार के पूरे इंजन को हमेशा के लिए सीज कर सकता है. कई ऑटो एक्सपर्ट्स का तो यह भी मानना है कि ये चमत्कारी गोलियां कुछ और नहीं बल्कि महज एक ‘इंजन प्लेसिबो’ हैं, जो सिर्फ संकट में फंसे बेबस ड्राइवरों को बेवकूफ बनाकर उनकी जेबें ढीली करने के लिए बाजार में उतारी गई हैं.

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