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तमिलनाडु में सी-फूड यूनिट में अमोनिया गैस का रिसाव, 7 श्रमिकों की मौत, 60 से अधिक बेहोश

चेन्नई। तमिलनाडु के जिले तिरुवल्लूर में पेरियापालयम के पास एक निजी झींगा मछली प्रसंस्करण केंद्र में रविवार दोपहर अमोनिया गैस के रिसाव की घटना में सात श्रमिकों की मौत हो गई और 60 से अधिक अन्य लोग बेहोश हो गए। यहां मिली खबरों के अनुसार, अत्यधिक जहरीली गैस के सांस के जरिए शरीर में चले जाने से दम घुटने के कारण श्रमिक बेहोश हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए दो निजी अस्पतालों में ले जाया गया, जहाँ सभी सात श्रमिकों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सभी मरने वाले उत्तर एवं पूर्वी भारत के रहने वाले थे। गैस के अत्यधिक अंदर चले जाने के कारण फेफड़ों का फूल जाना ही मौत का कारण माना जा रहा है।

इससे पहले सेंटी पीटर एंड पॉल सीफूड एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी में गैस रिसाव की खबर मिलते ही वहाँ हड़कंप मच गया। कई श्रमिकों के शरीर में गैस चली गई और सांस लेने में कठिनाई के कारण वे एक-एक कर बेहोश होने लगे। उनमें से कुछ के नाक और मुंह से खून भी बहने लगा, जबकि कुछ अन्य लोगों ने आंखों में तेज जलन की शिकायत की।

खबरों के मुताबिक, पास के सभी अस्पतालों से बुलाई गई एम्बुलेंस के जरिए 60 से अधिक श्रमिकों को निजी अस्पतालों में ले जाया गया। जहाँ जिले के मंजंकरणई स्थित वेल्स अस्पताल में 46 श्रमिकों को भर्ती कराया गया, वहीं 21 अन्य को वेंकटेश्वर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में भर्ती होने के तुरंत बाद वेल्स अस्पताल में छह लोगों की मौत हो गई, जहां 40 अन्य का इलाज चल रहा है, जबकि एक अन्य श्रमिक ने वेंकटेश्वर अस्पताल में दम तोड़ दिया, जहाँ 20 श्रमिक उपचाराधीन हैं।

घायलों में से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में रखा गया है। सात घायल महिलाओं को बेहतर इलाज के लिए चेन्नई के सरकारी स्टेनली मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ उनमें से एक की हालत गंभीर होने के कारण उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। दो अन्य को आगे के इलाज के लिए चेन्नई के ही राजीव गांधी सरकारी सामान्य अस्पताल भेजा गया है।

राहत कार्य में मदद के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया। इस बीच, घटना को गंभीरता से लेते हुए तमिलनाडु सरकार ने गैस रिसाव के कारणों का पता लगाने के लिए राजीव गांधी सरकारी सामान्य अस्पताल के डीन डॉक्टर शांताराम की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। इस समिति को घटना की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है।

पुलिस ने इस मामले में कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है और उसके मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि कंपनी के कुछ और अधिकारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। तिरुवल्लूर जिले के प्रभारी तमिलनाडु के मंत्री कुमार तुरंत दोनों निजी अस्पतालों में पहुंचे, घायलों से मिले और डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।

इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि गैस रिसाव से प्रभावित कुल 60 महिलाओं और चार पुरुषों का इलाज किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विजय ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और स्वास्थ्य विभाग को घायलों को सबसे बेहतरीन इलाज मुहैया कराने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री को इस घटनाक्रम की लगातार जानकारी दी जा रही है।

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