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दिल्ली में ISI की बड़ी साजिश नाकाम, गफ्फार मार्केट से कनॉट प्लेस तक की रेकी, ब्लास्ट वाले स्थान फिर निशाने पर

 नई दिल्ली। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर राजधानी में हमले की साजिश रचने के मामले में गिरफ्तार सात आतंकियों से पूछताछ में कई जानकारियां सामने आई हैं।

पता चला है कि पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर से आतंकी बने शहजाद भट्टी और अजमल गुज्जर के निर्देश पर दिल्ली के कई भीड़भाड़ वाले बाजारों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों की रेकी करवाई गई थी। एजेंसियों को आशंका है कि राजधानी में बड़े आतंकी हमले की जमीन तैयार करने के उद्देश्य से यह गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आतंकियों ने गफ्फार मार्केट, सरोजिनी नगर मार्केट, कनॉट प्लेस, चावड़ी बाजार, सदर बाजार के अलावा कई धार्मिक स्थलों की तस्वीरें और वीडियो तैयार कर विदेश में बैठे अपने हैंडलरों तक पहुंचाए थे।

सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय

जांचकर्ताओं का मानना है कि यह गतिविधियां सामान्य निगरानी का हिस्सा नहीं थीं, बल्कि संभावित आतंकी कार्रवाई की तैयारी से जुड़ी हुई थीं। सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय यह भी है कि जिन स्थानों की रेकी कराई गई, वे पहले भी आतंकियों के निशाने पर रहे हैं।

13 सितंबर 2008 को दिल्ली में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में गफ्फार मार्केट और कनॉट प्लेस समेत कई प्रमुख स्थानों को निशाना बनाया गया था, जिसमें कई लोगों की जान गई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। ऐसे में इन स्थानों का दोबारा चयन सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर रहा है।

नबी ने भी रेकी कर भेजे थे भीड़भाड़ वाले बाजारों के फोटो-वीडियो

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया है कि बीते वर्ष लाल किला आतंकी हमले के मास्टरमाइंड डा. उमर नबी ने भी दिल्ली के इन्हीं भीड़भाड़ वाले बाजारों की रेकी की थी। उसने विभिन्न स्थानों के फोटो और वीडियो तैयार कर अपने विदेशी आकाओं को भेजे थे। बाद में लाल किले के बाहर भीड़भाड़ वाली जगह को हमले को अंजाम करने के लिए चुना गया था।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वर्तमान मॉड्यूल और पहले सामने आए आतंकी नेटवर्क के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध है या नहीं।

अजमल गुज्जर की बढ़ती भूमिका ने एजेंसियाें की बढ़ाई चिंता

जांच में पाकिस्तान में बैठे अजमल गुज्जर की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती दिखाई दे रही है। अधिकारियों के अनुसार, वह शहजाद भट्टी के साथ मिलकर भारत में सक्रिय नेटवर्क के संचालन में प्रमुख भूमिका निभा रहा है। जहां भट्टी इंटरनेट मीडिया के माध्यम से युवाओं को जोड़ने और नेटवर्क विस्तार की रणनीति पर काम कर रहा है, वहीं गुज्जर हथियार, गोला-बारूद और नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क को संभाल रहा है।

एजेंसियों का दावा है कि पंजाब सीमा के रास्ते ड्रोन के माध्यम से हथियार और अन्य प्रतिबंधित सामग्री भेजने के कई प्रयास किए गए हैं। हाल ही में स्पेशल सेल द्वारा पकड़ा गया आतंकी मॉड्यूल भी इसी नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। जांचकर्ताओं के अनुसार, भट्टी-गुज्जर सिंडिकेट देश के विभिन्न हिस्सों में 20 से अधिक माड्यूल खड़े करने की योजना पर काम कर रहा था।

आर्थिक लालच देकर युवाओं को भर्ती कर रहा नेटवर्क

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह नेटवर्क किसी वैचारिक या धार्मिक एजेंडे से अधिक आर्थिक लालच के आधार पर युवाओं को अपने साथ जोड़ने का प्रयास कर रहा है। भर्ती से पहले युवाओं की आर्थिक स्थिति का आकलन किया जाता था और उन्हें धन का प्रलोभन देकर अवैध गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश की जाती थी। फिलहाल स्पेशल सेल और केंद्रीय एजेंसियां मामले की गहन जांच कर नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हैं।

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