अगले 2-3 दिन में दस्तक देगा मानसून, दिल्ली-यूपी-बिहार समेत 17 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

नई दिल्ली। देश के मौसम मिजाज में बड़ा बदलाव आने वाला है। मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि दक्षिण पश्चिम मानसून किसी भी वक्त केरल में दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड सहित देश के 17 राज्यों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आमतौर पर मानसून 1 जून के आसपास केरलम पहुंचता है, लेकिन इस बार इसमें थोड़ी देरी हुई है। अगले 2-3 दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के केरल में प्रवेश करने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। जिसके चलते पूर्वोत्तर और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में 50 से 70 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गंभीर तूफान आने और ओलावृष्टि की संभावना है।
किस राज्य में कैसा रहेगा मौसम?
उत्तर-पश्चिम भारत
दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 1 से 5 जून के बीच हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है। विशेषकर 3 और 4 जून को 50-70 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं।
पश्चिमी यूपी में 3 और 4 जून को तेज आंधी (50-70 किमी/घंटा) की चेतावनी है, जबकि 2 और 5 जून को बारिश के आसार हैं। उत्तराखंड में 6 जून गरज, चमक और तेज हवाओं के साथ मध्यम वर्षा जारी रहेगी।
राजस्थान में 2 जून को तूफानी हवाएं चलेंगी और 3-5 जून के दौरान अलग-अलग हिस्सों में बारिश होगी। जम्मू-कश्मीर में 3 से 5 जून के दौरान तेज आंधी और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना है। 6 जून को भी बारिश हो सकती है।
मध्य और पश्चिमी भारत के राज्यों का हाल
पश्चिमी एमपी में 2-3 जून को भारी बारिश होगी और पूर्वी एमपी में 5 जून तक हल्की बारिश जारी रहेगी। छत्तीसगढ़ और विदर्भ (महाराष्ट्र) में 2 से 5 जून के बीच गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
गुजरात में 4 जून के बीच गरज-चमक के साथ बारिश होगी।
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत
केरल और माहे में 3 से 7 जून के दौरान कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। तमिलनाडु और पुडुचेरी अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा और पूरे सप्ताह गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। आंध्र प्रदेश में 2 जून को भारी बारिश की संभावना है। तेलंगाना में 5 जून तक हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत
अगर बात करें पूर्वी भारत की तो बिहार में 5 और 6 जून को तथा झारखंड में पूरे सप्ताह गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। वहीं, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4 से 6 जून के बीच भारी बारिश होगी।
ओडिशा में 2 जून को 70 किमी/घंटा की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी, जबकि 3 से 5 जून के बीच भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 1 से 7 जून तक भारी बारिश जारी रहेगी। असम और मेघालय में 4 से 7 जून के बीच भारी बारिश का अलर्ट है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 6 और 7 जून को भारी बारिश होने की संभावना है।
क्यों हुई मानसून आने में देरी?
आमतौर पर केरल में एक जून के आसपास मानसून पहुंचता रहा है। आईएमडी ने पहले 26 मई को केरल में मानसून के आगमन की भविष्यवाणी की थी, लेकिन अल नीनो की मानसून में देरी हुई। विभाग ने 29 मई को कहा था कि यह अगले सप्ताह पहुंच सकता है। साथ ही कहा था कि इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा होगी। इसकी वजह अल-नीनो की स्थिति का उभरना हो सकता है, जो भारत में मानसून के दौरान कम वर्षा का कारण बनता है।
आईएमडी ने कहा- ‘दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं जो दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर, लक्षद्वीप द्वीप समूह, केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में अगले दो से तीन दिनों में आ सकता है।’



