मध्यप्रदेश

हाथ मरोड़ा, जमीन पर पटका और दांत तोड़ दिए…नायब तहसीलदार पर पति की हैवानियत

गुना: मध्य प्रदेश के गुना जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है, जो यह साबित करता है कि प्रशासनिक पद पर बैठी देश की सशक्त महिलाएं भी घरेलू हिंसा और प्रताड़ना का शिकार हो रही हैं। गुना में पदस्थ नायब तहसीलदार आरती गौतम ने अपने ही पति विजेंद्र उचाड़िया के खिलाफ कैंट थाने में मारपीट, प्रताड़ना और लूटपाट का केस दर्ज कराया है।

आरोप है कि सिरफिरे पति ने महिला अधिकारी के साथ बेरहमी से मारपीट की, उनका मुंह और हाथ मरोड़ दिया, मोबाइल तोड़ डाला और सरकारी काम में इस्तेमाल होने वाला विभागीय लैपटॉप व सोने-चांदी के जेवरात छीनकर फरार हो गया। पुलिस ने बीएनएस (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़िता नायब तहसीलदार आरती गौतम ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में दिल दहला देने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि उनकी शादी 21 जनवरी 2020 को मुरैना निवासी विजेंद्र उचाड़िया के साथ हुई थी। शादी के अगले ही दिन जब वे ससुराल पहुंचीं, तो देवर से सामान्य बातचीत करने पर पति ने उन्हें गंदी गालियां दीं। हद तो तब हो गई जब शादी की पहली रात को ही आरोपी पति ने गुस्से में सारे गिफ्ट्स फेंक दिए और ताना मारते हुए कहा कि ‘तुझे तो कोई नौकरी वाला पति चाहिए था’।

  • गुना में नायब तहसीलदार पर पति का कहर
  • शादी की पहली रात से मिल रहे थे ताने
  • बेरहमी से पीटकर छीने गहने और सरकारी लैपटॉप
  • तहसीलदार पत्नी की पूरी सैलरी छीन लेता था
  • दहेज के रूप में और पैसों की मांग कर रहा था
  • समाज और बच्चों के भविष्य के डर से पीड़िता अब तक चुप थी

पूरी सैलरी छीन लेता था आरोपी, मायके जाने पर भी लगाई थी पाबंदी

आरती गौतम के मुताबिक, जब उनकी पोस्टिंग भिंड जिले में हुई, तब भी पति का अत्याचार कम नहीं हुआ। आरोपी पति जबरन उनकी पूरी सैलरी और उन्हें होली-दीवाली जैसे बड़े त्योहारों पर भी मायके जाने की इजाजत नहीं थी। आरोपी लगातार यह कहकर प्रताड़ित करता था कि ‘तेरे बाप ने दहेज में कुछ नहीं दिया, वहां से और पैसे लेकर आ’। इसके अलावा इंदौर के एक हॉस्टल का लोन चुकाने के लिए भी वह लगातार रुपयों की डिमांड कर रहा था।

गुना में पदस्थ नायब तहसीलदार ने पति पर मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना देने के आरोप लगाए हैं। उनके पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है

बच्चों की खातिर सहती रही जुल्म, गुना आते ही टूट गया सब्र

ट्रांसफर होने के बाद जब नायब तहसीलदार गुना आईं, तो पति यहां भी उनके साथ रहने लगा। 12 मई को आरोपी ने पैसों और ज्वेलरी की मांग को लेकर विवाद शुरू किया। विरोध करने पर उसने नायब तहसीलदार आरती गौतम के हाथ मरोड़कर उन्हें जमीन पर पटक दिया, जिससे उनके मुंह, हाथ और दांतों में गंभीर चोटें आईं। आरोपी ने उनका मोबाइल तोड़ दिया और सरकारी लैपटॉप व जेवरात छीन लिए। पीड़िता ने बताया कि उन्होंने बच्चों के भविष्य की खातिर अब तक सब कुछ चुपचाप सहा, लेकिन जब प्रताड़ना बर्दाश्त से बाहर हो गई, तो उन्हें खुद कानून का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

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