छत्तीसगढ़

दलहन – तिलहन फसल व रकबा सत्यापन हेतु नया निर्देश, किसान पंजीयन तिथि 20 अप्रैल तक बढ़ा

रायपुर। प्रदेश के दलहन – तिलहन उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ सुनिश्चित करने के लिये लागू किया गया पी एम आशा योजना में जहां किसानों के फसल व रकबा सत्यापन करने हेतु नया निर्देश नया नियम बना जारी कर दिया गया है वहीं किसान पंजीयन तिथि को भी आसन्न 20 अप्रैल तक के लिये बढ़ा दिया गया है। दलहन – तिलहन उत्पादक किसानों के हित में ध्यानाकर्षण के बाद शासन – प्रशासन ने यह निर्णय लिया है।
ज्ञातव्य हो किसान पंजीयन तिथि समाप्त होने के लगभग एक सप्ताह पहले ही गिरदावरी पंजीयन पोर्टल बंद कर दिये जाने की वजह से किसानों का गिरदावरी डाटा इन्द्राज न हो पाने से किसानों में व्याप्त आक्रोश की ओर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, मुख्य सचिव विकासशील व मुख्यमंत्री सचिवालय के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह का ध्यान किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने बीते 4 अप्रैल को ज्ञापन सौंप आकृष्ट कराया था। इसके बाद हरकत में आये कृषि विभाग ने बीते कल 7 अप्रैल को एक आदेश जारी कर जहां बीते 31 मार्च को समाप्त हो चुके किसान पंजीयन तिथि को आगामी 20 अप्रैल तक के लिये बढ़ा दी है वहीं एक दूसरा आदेश जारी कर गिरदावरी पुष्टि हेतु नया नियम बना दिया है। पंजीयन तिथि वृद्धि संबंधी आदेश में लिखा गया है कि पूर्व में यह तिथि बीते 01 दिसंबर से 28 फरवरी तक निर्धारित थी जिसे 31 मार्च तक विस्तारित किया गया था। पुन: कृषि संचालक व जिलाधीशों द्वारा अभी भी कृषक पंजीयन लंबित होने की जानकारी दिये जाने पर एकीकृत किसान पोर्टल में किसान पंजीयन हेतु तिथि आगामी 20 अप्रैल तक बढायी जाती है।
वहीं गिरदावरी डाटा के पोर्टल में इन्द्राज के संबंध में नया निर्देश जारी करते हुये कहा गया है कि विभाग के संज्ञान में लाया गया है कि रबी फसल हेतु की गयी गिरदावरी / डी सी एस अपूर्ण होने के कारण उपार्जन हेतु फसल एवं रकबा के सत्यापन में कठिनाई हो रही है। अत: फसल एवं रकबा के सत्यापन हेतु पटवारी व ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी प्रमाण पत्र किसान द्वारा प्रस्तुत किये जाने पर प्रमाण पत्र को मान्य करते हुये फसल एवं रकबा का सत्यापन कर उपार्जन की कार्यवाही सुनिश्चित किया जावे। ज्ञातव्य हो कि किसान पंजीयन हेतु पूर्व में निर्धारित 31 मार्च के तिथि के पहले ही गिरदावरी प्रविष्टि पोर्टल 26 मार्च से बंद कर दिये जाने के कारण व इसके पूर्व भी पंजीयन करा चुके रबी उत्पादक किसानों का फसल – रकबा संबंधित पोर्टल में प्रविष्ट न हो पाने के कारण उनमें आक्रोश व्याप्त हो गया था।

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