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अमित शाह की ललकार के बीच विपक्ष का वॉकआउट, पूरी की पूरी सीट हो गई खाली

Amit Shah Parliament Speech: लोकसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा हुई, अब गृहमंत्री अमित शाह इस पर जवाब दे रहे हैं. व‍िपक्ष की ओर से ज्‍यादातर सांसदों ने बैलेट पेपर वापसी की मांग उठाई और यहां तक कहा क‍ि बैलेट पेपर से चुनाव कराइए, फ‍िर देख‍िए कौन जीतता है

संसद के शीतकालीन सत्र का आज आठवां दिन है. एक ओर जहां लोकसभा में चुनाव सुधारों और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चर्चा हो रही, वहीं राज्यसभा में वंदे मातरम् पर महाबहस जारी है. लोकसभा में व‍िपक्ष के ज्‍यादातर सांसदों की डिमांड है क‍ि चुनाव बैलेट पेपर पर कराया जाए, ईवीएम हटाया जाए. जबक‍ि सत्‍ता पक्ष के लोगों का कहना है क‍ि एसआईआर सिर्फ घुसपैठ‍ियों को हटाने, मृत लोगों के नाम काटने का एक तरीका है. यह वोटर ल‍िस्‍ट में सुधार के ल‍िए है. अब इस चर्चा पर गृहमंत्री अमित शाह जवाब दे रहे हैं. उन्‍होंने कहा, संसद इसल‍िए एसआईआर पर बात नहीं कर सकती, क्‍योंक‍ि यह चुनाव आयोग करता है. लेकिन अब सवाल उठे हैं तो जवाब देना पड़ेगा. गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, वोटर ल‍िस्‍ट नया हो या पुराना आपका हारना तय है. अमित शाह के भाषण के बीच राहुल गांधी उठे और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए.

इससे पहले लोकसभा में चर्चा के दौरान श‍िरोमण‍ि अकाली दल की सांसद हरस‍िमरत कौर बादल ने पार्टियों पर ही सवाल उठा द‍िया. उन्‍होंने कहा क‍ि सभी पार्टियों के नेता चुनाव के दौरान झूठ बोलते हैं. मेन‍िफेस्‍टो में आम आदमी पार्टी कहती है क‍ि हर मह‍िला को एक हजार दे देंगे, कांग्रेस कहती है हर क‍िसी को नौकरी दे देंगे लेक‍िन इन्‍हें भी पता है क‍ि करना नहीं है.

संसद के दोनों सदनों में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के संकेत पहले से ही साफ दिख रहे हैं. कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने जहां चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए तो वहीं बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने पलटवार करते हुए कहा कि जब कांग्रेस चुनाव जीतती है तो चुनाव आयोग अच्छा लगता है और जब हारती है तो वही आयोग खराब लगने लगता है.

वहीं लोकसभा में चुनाव सुधारों पर हो रही चर्चा में गृह मंत्री अमित शाह आज शाम अपनी बात देंगे. सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह बिहार में लागू किए गए चुनाव सुधारों, मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) और अवैध घुसपैठियों से जुड़े मुद्दों पर सरकार का पक्ष विस्तार से रखेंगे. वहीं, राज्यसभा में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा राज्यसभा में दोपहर एक बजे के आसपास वंदे मातरम पर अपना पक्ष रखेंगे.

सीजेआई को चुनाव आयुक्‍त की निुयक्‍त‍ि प्रक्रिया से क्‍यों हटाया? अमित शाह ने बताया

अमित शाह ने बताया क‍ि 73 साल तक इस देश में चुनाव आयुक्‍त की नियुक्‍त‍ि का कोई कानून नहीं था. नियुक्‍त‍ि सीधे प्रधानमंत्री कर देते थे. अब तक ज‍ितने चुनाव आयुक्‍त हुए, ये सभी इसी प्रकार चुने गए. 1950 से 1989 तक पीएम फाइल भेजते थे और राष्‍ट्रपत‍ि नोट‍िफ‍िकेशन जारी कर देते थे. क्‍या तब अच्‍छा था? तब तक कोई सवाल नहीं, अब नरेंद्र मोदी करते हैं तो सवाल उठाते हैं. 1989 में जब चुनाव आयुक्‍त उनकी सुनते नहीं थे, तब नया न‍ियम बना दिया गया. फ‍िर मुकदमा हुआ, सुप्रीम कोर्ट ने कहा, चुनाव आयुक्‍त की नियुक्‍त‍ि में पारद‍र्शिता होनी चाह‍िए. तब सरकार ने कहा, हमें वक्‍त चाह‍िए. उसके बाद हमने कहा क‍ि जब तक कानून नहीं बनता, तब तक व‍िपक्ष के नेता, प्रधानमंत्री और सीजेआई हों. 2023 में कानून बन गया. इसमें व‍िपक्ष के नेता, प्रधानमंत्री तय करेंगे वो एक मंत्री और खुद प्रधानमंत्री तय करेंगे, ये तय हुआ. अब इनको द‍िक्‍कत हो रही है.

घुसपैठ‍ियों पर बोला तो भाग खड़े हुए-अमित शाह

अमित शाह ने कहा, मैंने इनके खिलाफ इतना कुछ बोला ! उनके पिताजी पर बोला, नेहरू जी पर बोला, सोनिया जी पर बोला तब इन्होंने WALK OUT नहीं किया लेकिन जैसे ही घुसपैठियों का मुद्दा उठाया यह लोग भाग खड़े हुए !! क्यों भाई ??

बिहार जीता है, बंगाल भी जीतेंगे-अमित शाह

अमित शाह ने कहा, बिहार के लोगों ने साफ कर द‍िया क‍ि वहां घुसपैठ‍िया वोट नहीं करेगा. अब बंगाल के लोग भी ऐसा करने वाले हैं. हम बंगाल में भी जीतेंगे. आने वाले समय में पता चल जाएगा.

जनादेश से बनकर आए हैं, आपकी कृपा से बनकर नहीं आए- अमित शाह

अमित शाह ने कहा, आप कहते हैं क‍ि आरएसएस से आए हैं. हमें गर्व है क‍ि हमारा प्रधानमंत्री आरएसएस से हैं. गृहमंत्री आरएसएस से हैं. जनादेश से बनकर आए हैं, आपकी कृपा से बनकर नहीं आए हैं.

अमित शाह के भाषण के बीच विपक्ष का वॉकआउट

लोकसभा में चुनाव सुधारों पर अमित शाह के भाषण के दौरान विपक्षी सदस्य सदन से वॉकआउट कर गए. विपक्ष का कहना था कि उन्हें अपने सुझाव और विरोध दर्ज कराने का पर्याप्त मौका नहीं दिया जा रहा है. गृहमंत्री उनके सवालों के जवाब नहीं दे रहे हैं.

45 दिन में सीसीटीवी नष्‍ट क्‍यों होता, इसकी भी वजह अमित शाह ने बताई

जनप्रत‍िन‍िध‍ित्‍व कानून की धारा 81 का एक नियम है क‍ि 45 द‍िनों तक चुनाव लड़ने वालों के पास चुनौती देने का मौका होता है. उसके बाद मान्‍य ही नहीं होता. जब कानून में 45 द‍िन के बाद विवाद का विषय ही नहीं है, तो फ‍िर सीसीटीवी रखने का क्‍या मतलब. इसल‍िए ऐसा क‍िया गया. सिर्फ उस कानून के ह‍िसाब से एलाइन क‍िया गया है.

कानून आप लाए, मशीन आप लाए, 20 साल चुनाव जीते, अब हार गए तो रो रहे हो: अमित शाह

अमित शाह ने कहा कि विपक्ष ने खुद चुनावी कानून और मशीनों को लागू किया, 20 साल तक चुनाव जीते, लेकिन अब जब हार मिली है तो वे शिकायत और रोने-धोने लगे हैं. अमित शाह ने कहा, चुनाव जीतने का तरीका बंद हो गया है, इसीलिए पेट में दर्द हो रहा है. कल मैंने LOP का भाषण सुना है. पूरा भाषण धागों में उलझ गया है. कल उन्होंने कहा PM के शेड्यूल पर कहा क‍ि उसे देख कर चुनाव तय होता है. PM की गति ही ऐसी है, 2001 से एक भी दिन की छुट्टी नहीं, लगातार जन सेवा, उनका अनुकरण करने का प्रयास करते हैं तो बीपी बढ़ जाता है.

अमित शाह ने विपक्ष से किए सवाल

अमित शाह ने यह भी कहा कि विभिन्न नेताओं ममता बनर्जी, एम.के. स्टालिन, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, तेजस्वी यादव, अखिलेश यादव, वी. शिवांकुट्टी, हेमंत सोरेन, भगवंत मान ने समय-समय पर निर्वाचन आयोग की आलोचना की है.लेकिन उन्होंने कहा कि भाजपा ने कभी चुनाव हार के लिए निर्वाचन आयोग पर आरोप नहीं लगाया.

जज ने मंदिर पर फैसला दे दिया तो आप उसके इंपीचमेंट का मोशन लेकर आ गए: अमित शाह

अमित शाह ने मद्रास हाईकोर्ट के जज स्वामीनाथन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जज ने मंदिर के मामले में अपना फैसला सुनाया, और इसके तुरंत बाद विपक्ष उनके इंपीचमेंट का मोशन लेकर सामने आ गया.

चुनाव हारने का कारण आपका नेतृत्‍व और वोटर ल‍िस्‍ट है, एक दिन कांग्रेस कार्यकर्ता आपसे हिसाब मांगेंगे: अमित शाह

अमित शाह ने कहा कि किसी भी चुनाव में हार केवल विरोधी ताकतों के कारण नहीं होती, बल्कि इसका मूल कारण आपके नेतृत्‍व और संगठन की कमजोरियां होती हैं. उन्होंने कांग्रेस नेताओं को चेतावनी दी कि वोटर ल‍िस्‍ट में गलतियाँ और संगठन की कमज़ोरियाँ भविष्य में उनके खिलाफ़ काम करेंगी. शाह ने कहा कि एक दिन कांग्रेस के अपने कार्यकर्ता भी उनसे सवाल पूछेंगे कि क्यों पार्टी हार रही है और क्यों उन्होंने सुधार नहीं किए. उनके अनुसार, चुनाव जीतने के लिए संगठन और मतदाता डेटा दोनों पर मजबूत पकड़ जरूरी है.

संविधान में निर्वाचन आयोग के चयन, शक्तियों और प्रक्रिया का प्रावधान: अमित शाह

अमित शाह ने कहा, मैं देश को कांग्रेस पार्टी द्वारा कही गई असत्य बातों के बारे में अवगत कराना और उनका जवाब देना चाहता हूं. अमित शाह ने बिंदुवार बताया कि संविधान में निर्वाचन आयोग के चयन, उसकी शक्तियों और चुनाव प्रक्रिया के बारे में उल्लेख है. इसमें मतदाता की परिभाषा, मतदाता सूची तैयार करना, और उसमें किए जाने वाले किसी भी बदलाव/सुधार के प्रावधान भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि जब ये प्रावधान बनाए गए, तब हमारी पार्टी अस्तित्व में नहीं थी.

जब हम हारते हैं तो पार्टी में मंथन करते हैं, आप हारते हैं तो चुनाव आयोग गलत- अमित शाह

अमित शाह ने कहा, हम 44 विधानसभा चुनाव जीते, आप भी 30 चुनाव जीते, अगर मतदाता सूची गलत थी तो क्‍यों शपथ ल‍िया. राहुल गांधी जहां से चुनकर आए थे, वहां भी इसी तरह की द‍िक्‍कत थी, इसका जवाब क्‍यों नहीं देते. अमेठी का भी बताया, इसका जवाब क्‍यों नहीं देते. वोटर ल‍िस्‍ट में जो थोड़ी गलत‍ियां हैं, उसको मुद्दा बनाते हैं. जब हम हारते हैं तो पार्टी में मंथन करते हैं, आप हारते हैं तो चुनाव आयोग गलत है.

सोन‍िया गांधी नागर‍िक बनने से पहले वोटर बन गईं-अमित शाह

अमित शाह ने कहा, द‍िल्‍ली की अदालत में एक केस पहुंचा है क‍ि सोन‍िया गांधी इस देश की नागर‍िक बनने से पहले वोटर बन गईं. यह कहते ही हंगामा होने लगा. व‍िपक्ष के सांसद सवाल उठाने लगे. इस पर अमित शाह ने कहा, अब जवाब तो उन्‍हें अदालत में देना है. हमें जवाब नहीं देना है.

इंद‍िरा गांधी ने तो अपने आपको इम्‍युन‍िटी दे दी- अमित शाह

अमित शाह ने कहा, व‍िपक्ष के नेता ने कहा क‍ि आपने चुनाव आयुक्‍तों को इम्‍यून‍िटी दे दी. मान लो हमने तो चुनाव आयुक्‍त को दी, लेकिन इंद‍िरा गांधी ने तो खुद को इम्‍युन‍िटी दे दी. 2-3-4, नंबर के जज को बाइपास करके चौथे नंबर के जज को चीफ जस्‍ट‍िस बनाया और अपना केस भी जीत ल‍िया. ये तो इत‍िहास है कौन झुठला सकता है.

नेहरू का पीएम होना पहली वोट चोरी – अमित शाह

अमित शाह ने कहा राहुल गांधी को धैर्य रखना चाह‍िए. राहुल गांधी तय नहीं करेंगे क‍ि मैं क्‍या बोलूंगा. आपका डबल स्‍टैंडर्ड नहीं चलेगा. वोट चोरी क्‍या होती है, मैं बताता हूं. नेहरू का पीएम होना पहली वोट चोरी थी.

अमित शाह के भाषण के बीच उठे राहुल गांधी, फ‍िर हुआ हंगामा

अमित शाह के भाषण के बीच राहुल गांधी खड़े हुए और सवाल उठाने लगे. उन्‍होंने चुनाव आयुक्‍त की इम्‍युन‍िटी यानी स्‍वतंत्रता पर सवाल उठाए. हर‍ियाण से लेकर मध्‍य प्रदेश तक पर सवाल उठाए. अमित शाह तब बैठ गए. उनके बोलने के बाद जब अमित शाह उठे तो उन्‍होंने राहुल गांधी को समझाते हुए कहा क‍ि मैं 20 साल से संसदीय प्रणाली को देख रहा हूं. आपकी मुंशफी से संसद नहीं चलेगी, मेरे बोलने का क्रम मैं तय करूंगा, आप नहीं.

तब कपड़े स‍िलवा कर शपथ लेने पहुंच जाते हैं- अमित शाह

अमित शाह ने कहा, जब आप जीतते हैं तो नए कपडे सिलवा कर शपथ लेने पहुँच जाते हो, जब हारते हैं तो कहते हो चुनाव आयोग भाजपा के लिए काम कर रहा होता है। ये दोहरा मापदंड नहीं चलेगा —

वोटर ल‍िस्‍ट में घुसपैठिए हों तो देश की सुरक्षा पर खतरा-अमित शाह

अमित शाह ने सवाल उठाया कि अगर ऐसे लोग जो कानूनी रूप से मतदाता नहीं हैं, फिर भी वोट डाल पाने में सक्षम हों, तो देश कैसे सुरक्षित रह सकता है. शाह ने यह भी दोहराया कि जिन लोगों का अब निधन हो चुका है, उनके नाम मतदाता सूची से हटाना अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने कहा कि ऐसी विसंगतियाँ चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर की गुंजाइश पैदा करती हैं.

चर्चा से कभी नहीं भागते BJP और NDA: अमित शाह

अमित शाह ने कहा, सत्र के पहले दो दिनों में हमने देखा कि सदन सुचारु रूप से नहीं चला, जो यह दर्शाता है कि समझ की कमी है. इससे आम लोगों तक यह संदेश जाता है कि हम चर्चा नहीं करना चाहते. लेकिन BJP और NDA कभी भी चर्चा से नहीं भागते. अमित शाह ने कहा कि SIR पर चर्चा न होने के दो कारण थे. पहला, विपक्ष SIR पर चर्चा करना चाहता था, लेकिन शाह के अनुसार SIR पर सदन में चर्चा नहीं होनी चाहिए, क्योंकि यह भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त की जिम्मेदारी है; वे सरकार के निर्देशों पर काम नहीं करते. उन्होंने कहा, जब उन्होंने कहा कि वे चुनावी सुधारों पर चर्चा करना चाहते हैं, तो हमने तुरंत सहमति दे दी.

2010 में कांग्रेस ले आई क‍ि क‍िसी का नाम नहीं काट सकते- अमित शाह

गृहमंत्री अमित शाह ने एसआईआर का इत‍िहास बताते हुए कहा क‍ि 2010 में कांग्रेस ले आई क‍ि क‍िसी का नाम नहीं काट सकते. लेकिन अब घुसपैठ‍ियों को चुन चुनकर निकालेंगे. कोई घुसपैठ‍िया पीएम सीएम चुन सकता है क्‍या? विदेशी को वोट देने का अध‍िकार कैसे दे सकते हैं.

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