अमरीका-ड्रैगन में व्यापार युद्ध, चीन ने यूएस पर लगाया 15 फीसदी टैरिफ

वाशिंगटन. अमरीका और चीन के बीच चल रहा व्यापार युद्ध अब और गहरा गया है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के तीसरे हफ्ते में पड़ोसी कनाडा और मैक्सिकों पर 25 फीसदी का कर लगा दिया, जबकि पुराने प्रतिद्वंद्वी चीन पर 10 फीसदी का टैरिफ लगा दिया। टैरिफ लागू होता, इससे पहले ट्रंप ने दोनों पड़ोसियों से बात कर उन्हें फौरी राहत दे दी और एक महीने तक 25 फीसदी कर थोपने के अपने फैसले को टाल दिया, लेकिन चीन को यह अवसर नहीं दिया। उधर, ट्रंप प्रशासन के फैसले से भडक़े चीन ने अमरीका से आयात होने वाले सामानों पर भी 10 से 15 फीसदी का जवाबी टैक्स लगा दिया। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने मंगलवार को घोषणा की कि वह अमरीका के खिलाफ कई उत्पादों पर 10 फरवरी से जवाबी शुल्क लगा रहा है। साथ ही उसने अमरीकी सर्च इंजन ‘गूगल’ की जांच सहित अन्य व्यापार संबंधी उपायों की भी घोषणा की है।
चीनी सरकार ने कहा कि वह कोयला तथा तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) उत्पादों पर 15 फीसदी शुल्क लागू करेगी। साथ ही कच्चे तेल, कृषि मशीनरी, बड़ी कारों पर 10 फीसदी शुल्क लगाया जाएगा। बयान में कहा गया कि अमरीका की एकतरफा शुल्क वृद्धि विश्व व्यापार संगठन के नियमों का गंभीर उल्लंघन है। यह अपनी समस्याओं को हल करने में कोई मदद नहीं करेगा, बल्कि यह चीन तथा अमरीका के बीच सामान्य आर्थिक व व्यापार सहयोग को नुकसान पहुंचाएगा। अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप के इस दांव से चीन बौखलाया हुआ है, क्योंकि उसकी अर्थव्यवस्था पहले से ही सुस्त चल रही है। ऐसे में अमरीकी टैक्स से चीनी निर्यात को झटका लगने की आशंका है। ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल (2017-2021) में भी चीनी सामानों पर टैक्स लगाकर अरबों डालर कमाए थे, लेकिन चीन ने इस आसन्न आपदा
से निपटने की तैयारी पहले ही कर ली थी।



