हाथ-पैर बांध बिना AC विमान में अमेरिका से वापस भेजे जा रहे अप्रवासी

International Desk: अमेरिका से निर्वासित 88 ब्राजीलियाई नागरिकों के साथ किए गए दुर्व्यवहार को लेकर ब्राजील की सरकार भड़क गई है। ब्राजील ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने इन प्रवासियों के साथ अमानवीय व्यवहार किया, जो मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। ब्राजील के विदेश मंत्रालय ने इस मुद्दे पर अमेरिका से स्पष्टीकरण मांगने की बात कही है। शुक्रवार को अमेरिका से निर्वासित नागरिकों को लेकर एक विमान ब्राजील पहुंचा। इसमें 88 ब्राजीलियाई नागरिकों के अलावा 16 अमेरिकी सुरक्षा अधिकारी और चालक दल के 8 सदस्य मौजूद थे। यात्रियों ने आरोप लगाया कि उनके हाथ-पैर बांध दिए गए थे, विमान में पानी उपलब्ध नहीं था, और बाथरूम तक जाने की अनुमति भी नहीं दी गई।
31 वर्षीय एडगर दा सिल्वा मौरा, जो 7 महीने तक अमेरिका में हिरासत में थे, ने बताया, “हमें बिना पानी, बिना बाथरूम और गर्मी से भरे विमान में रखा गया। कुछ यात्री बेहोश हो गए थे।” 21 वर्षीय लुइस एंटोनियो रोड्रिग्स सैंटोस ने खुलासा किया कि विमान में तकनीकी समस्या के कारण चार घंटे तक एयर कंडीशनिंग बंद रही। यात्रियों ने कहा कि उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइस इनासियो लूला दा सिल्वा ने इस घटना पर तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने वायुसेना के विमानों का प्रबंध कर प्रवासियों को उनके घर तक सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था की।
सोशल मीडिया पर हथकड़ी लगाए यात्रियों की तस्वीरें वायरल होने के बाद मानवाधिकार मंत्री मैके इवारिस्तो ने कहा, “इस विमान में ऑटिज्म से पीड़ित बच्चे भी थे, और उनके साथ भी ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है।” ब्राजील के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के इस रवैये को “मानवाधिकारों की अवहेलना” करार दिया और इस मामले में जवाब मांगने की योजना बनाई है। यह घटना ट्रंप प्रशासन के शपथ ग्रहण के बाद पहली बार सामने आई है, जिसने दोनों देशों के संबंधों में तनाव पैदा कर दिया है। ब्राजील ने साफ किया है कि इस तरह के अमानवीय व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राष्ट्रपति दा सिल्वा ने कहा कि सरकार अपने नागरिकों की गरिमा और अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी।



