कार्तिक महीने में जिमी कंद नहीं खाने से छछूंदर का होता है अगला जन्म, जानें रहस्य

कोरबा:- हिंदी मासानुसार, कार्तिक मास का आरंभ 18 अक्टूबर 2024 शुक्रवार से हो गया है, जो 15 नवंबर 2024 शुक्रवार तक रहेगा. आयुर्वेद अनुसार प्रत्येक माह में विशेष तरह के खान-पान का वर्णन किया गया है, जिसे अपनाकर स्वस्थ रहा जा सकता है. इसी विषय पर छत्तीसगढ़ प्रांत के ख्यातिलब्ध आयुर्वेद चिकित्सक नाड़ी वैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने local 18 को बताया कि भारतीय परंपरा में ऋतुचर्या यानी ऋतुनुसार आहार-विहार करने की परंपरा रही है. यह संस्कार हमें विरासत में मिला है.
इन बीमारियों का रहता है खतरा
अभी कार्तिक मास का आरंभ 18 अक्टूबर 2024 शुक्रवार से हो गया है, जो 15 नवंबर 2024 शुक्रवार तक रहेगा. इस अंतराल में व्यक्ति को अपने आहार-विहार पर विशेष ध्यान देना चाहिये. कार्तिक मास में बादल छट जाने से आसमान साफ और सूर्य चमकदार हो जाता है, जिसके कारण पित्त दोष का प्रकोप होता है. इससे पित्त जनित रोग, त्वचा संबंधी रोग, ज्वर, पित्तज कास रोग होने की संभावना बढ़ जाती है. ऐसे में हमें पित्त शामक खाद्य पदार्थों स्निग्ध, मधुर और तिक्त रस वाले, हल्के, पौष्टिक और लंबे समय तक ऊर्जा बनाये रखने वाले गुणों से युक्त आहार का सेवन करना चाहिये. पित्त वर्धक खाद्य पदार्थों और कड़वे, कसैले रस युक्त आहार से परहेज करना चाहिये. इस माह में मट्ठा (छाछ) का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिये. इससे स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं. इस माह में दाल का सेवन भी नहीं करना चाहिये. कार्तिक मास में मूली और आंवले का सेवन हितकारी होता है.
दिवाली में क्यों खाते हैं जिमीकंद
डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने लोकल 18 को आगे बताया कि कार्तिक मास में जिमीकंद का सेवन अवश्य करना चाहिये. इस विषय मे एक लोकोक्ति है, जो दीपावली त्योहार से जुड़ी है. कार्तिक मास में ही दीपावली का त्योहार भी मनाया जाता है, जिसमें कहावत हैं कि दीपावली में जिमीकंद का सेवन न करने वाला अगले जन्म में छछूंदर होता है. कार्तिक मास में रसायन के रूप में च्यवनप्राश का और हरीतकी का कुछ मात्रा में शर्करा के साथ सेवन करना चाहिये.


