शरद पवार ने प्रफुल्ल पटेल को दी 10 नवंबर की डेट, क्या महाराष्ट्र की राजनीति में होगा बड़ा उलटफेर

मुंबई: 10 नवंबर के बाद बैठकर बात करेंगे…शरद पवार के इस एक लाइन के बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में तूफान ला दिया है। चर्चा हो रही है कि अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत के कमजोर पड़ी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का क्या शरद पवार खेमे में विलय होगा फिर पार्टी पर नियंत्रण के लिए लड़ाई होगी। एनसीपी एक बार और टूटेगी? ये ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब किसी के पास नहीं है लेकिन मुंबई से दिल्ली तक पारा चढ़ा हुआ है। दरअसल, शरद पवार मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती हैं। प्रफुल्ल पटेल ने गुरुवार की रात को उनसे मुलाकात की थी। उनकी बातचीत का वीडियो सामने आया तो हड़कंप मच गया।
महाराष्ट्र के राजनीतिक हलकों में क्या चर्चा
- चर्चा है कि अजित पवार के रहने तक पॉवरफुल रहे प्रफुल्ल पटेल और सुनीत तटकरे के बाद साइडलाइन कर दिए गए है। वे अपनी उपेक्षा से नाराज है।
- एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार के बेटे पार्थ पवार की कार्यशैली यानी पार्टी चलाने के तरीके से खुश नहीं है। उन्होंनें इससे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को अवगत कराया।
- पार्थ पवार और सुनेत्रा पवार पहले विलय के पक्षधर थे तब प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ऐसा नहीं चाहते थे। अब यह स्थिति उलट गई है। प्रफुल्ल पटेल विलय चाहते हैं। सुनेत्रा और पार्थ इसके खिलाफ है।
- कांग्रेस का दावा है कि शरद पवार उम्र के इस पड़ाव पर कभी भी बीजेपी के साथ नहीं जाएंगे। दोनों एनसीपी का अगर विलय हुआ तो पवार एनडीए में आ जाएंगे।
- शरद पवार के साथ आने से एनडीए को आठ सांसदों को समर्थन मिल जाएगा। एनडीए की ताकत बढ़ जाएगी। दावा हो रहा है कि ऐसी स्थिति में सुप्रिया सुले केंद्र में कृषि मंत्री बन जाएंगी।
- शरद पवार ने अस्पताल में प्रफुल्ल पटेल से कहा कि हम दिवाली के बाद यानी 10 तारीख के बाद साथ बैठेंगे। इसको सभी अपने ढंग से डिकोड कर रहे हैं।
- इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में NCP के दोनों धड़ों के बीच संभावित सुलह या भविष्य की राजनीतिक रणनीति को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
- शरद पवार मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में एकनाथ शिंदे, संजय राउत के अलावा उद्योगपति गौतम अडानी ने भी मुलाकात की है।
NCP में सबकुछ ठीक नहीं
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अजित पवार की एनसीपी अनिश्चित राजनीतिक दौर से गुजर रही है। पार्टी के भीतर असंतोष की खबरों ने सामूहिक नेतृत्व, आंतरिक निर्णय लेने की प्रक्रिया और पार्थ पवार के बढ़ते प्रभाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि एनसीपी ने किसी भी तरह के आंतरिक मतभेद से इनकार किया है। सुनेत्रा पवार राज्य की डिप्टी सीएम और एनसीपी की मुखिया हैं जब पार्थ पवार महासचिव और राज्यसभा के सांसद। शरद खेमे के विधायक रोहित पवार दावा कर रहे हैं कि बीजेपी भाई-भाई को लड़ा सकती है यानी वह अजित पवार के बेटों पार्थ और जय के बीच अनबन की तरफ इशारा कर रहे हैं।
पवार ने क्यों 10 नवंबर की तारीख
शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल की 5 नवंबर को मुलाकात हुई। शरद पवार ने पटेल से कहा कि वे 10 नवंबर के बाद एक साथ बैठ सकते हैं। पटेल ने जवाब दिया कि उस तारीख के बाद वे मुंबई में ही होंगे और जब भी पवार चाहें, वे मिलने के लिए तैयार हैं। पटेल सिर्फ पवार की तबीयत पूछने के गए थे। वहां पर राजनीतिक चर्चा भी हुई। पवार ने देश्या और राज्य में क्या चल रहा है। यह भी पूछा। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा कि फिलहाल विलय को लेकर कोई चर्चा नहीं हो रही है। हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर अजीत पवार जीवित होते, तो दोनों गुट एक साथ आ गए होते।
NCP के ये नेता अमित शाह से मिले थे
बताया जा रहा है कि प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, छगन भुजबल, हसन मुश्रीफ, दिलीप वलसे पाटिल और धनंजय मुंडे सहित छह वरिष्ठ नेताओं ने 2 नवंबर को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार शामिल नहीं थे। इन नेताओं की मुलाकात के बाद जैसे ही राजनीतिक तूफान खड़ा हुआ था एनसीपी ने तुंरत कोई भी दरार होने का खंडन कर दिया था। एनसीपी ने कहा था कि यह बैठक पहले से तय थी।



