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सुबह से शुरू हो जाता है व्हाट्सऐप का सिलसिला

व्हाट्सऐप पर संदेश फॉरवर्ड करने वाला व्यक्ति हर सुबह एक उद्देश्य के साथ जागता है। जब हममें से बाकी लोग दांत साफ कर रहे होते हैं और यह सोच रहे होते हैं कि चाय के लिए दूध पर्याप्त है या नहीं, तब वह हमें दुनिया के अंत से बचाने में व्यस्त होता है। सुबह उसने हमें चेतावनी दी कि भोजन के बाद ठंडा पानी पीना खतरनाक हो सकता है। कुछ मिनट बाद उसने एक संदेश भेजा, जिसमें कहा गया था कि गर्म पानी लगभग हर बीमारी का इलाज कर सकता है। मैं अभी कमरे के तापमान वाले पानी के भविष्य के बारे में सोच ही रहा था कि एक और संदेश आ गया। ‘इसे उन सभी लोगों को भेजें, जिनसे आप प्यार करते हैं।’  मैंने अपनी पत्नी की ओर देखा। वह शांति से अपनी कॉफी पी रही थी। क्या मैं उससे इतना प्यार करता था कि कॉफी पीने के खतरों के बारे में चेतावनी देकर उसकी शांति भंग कर दूं? मैंने फैसला किया कि नहीं।

उस विशेषज्ञ ने एक शानदार पेड़ की तस्वीर भी भेजी थी, जिसके साथ लिखा था: ‘यह पेड़ बीस लोगों के लिए ऑक्सीजन पैदा करता है।’ मैं सोचने लगा कि उन लोगों को किसने गिना था और क्या वे सभी पेड़ के चारों ओर खड़े होकर सांस ले रहे थे, जबकि कोई व्यक्ति उनके बारे में नोट्स लिख रहा था। इसके बाद स्वास्थ्य संबंधी सलाह आई। जाहिर है, भारतीय रसोई में मिलने वाली किसी चीज़ का एक चम्मच मेरी जिंदगी बदल सकता था। मैं रसोई में गया और एक अलमारी खोली। वहां चम्मच तो थे, लेकिन साथ ही हल्दी, चीनी, नमक और एक ऐसा पैकेट भी था, जिसे छूने से मेरी पत्नी ने मुझे मना किया था। मैं आगे के निर्देशों के लिए अपने फोन के पास लौट आया। दुर्भाग्य से, संदेश का अंत इन शब्दों के साथ हुआ ‘डॉक्टर नहीं चाहते कि आपको यह बात पता चले।’  मेरी पत्नी डॉक्टर है। मैंने उसे संदेह भरी नजरों से देखा।
‘क्या हुआ’? उसने पूछा। ‘क्या रसोई में ऐसी कोई चीज है, जिसके बारे में तुम नहीं चाहती कि मुझे पता चले?’ ‘हां’ उसने कहा। ‘सिंक में पड़े बर्तन। वे नाश्ते के समय से वहां पड़े हैं।’

उस विशेषज्ञ की प्रतिभा केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है। वह चुनावों की भविष्यवाणी कर सकता है, अर्थव्यवस्था की व्याख्या कर सकता है और शहर के ऊपर बने खतरनाक बादलों की पहचान कर सकता है। उसे यह भी ठीक-ठीक पता होता है कि अगले दस मिनट में ग्यारह लोगों को प्रार्थना का संदेश फॉरवर्ड न करने पर किसी व्यक्ति के साथ क्या होने वाला है। एक बार मैंने वह संदेश फॉरवर्ड नहीं किया। मैं उस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का बेसब्री से इंतजार करता रहा, जिसका वादा किया गया था। कुछ नहीं हुआ, जब तक कि अगली सुबह विशेषज्ञ ने मुझे एक और संदेश नहीं भेजा। ‘क्या तुमने देखा कि मैंने कल क्या भेजा था?’  ‘हां’, मैंने जवाब दिया। ‘तुमने उसे फॉरवर्ड क्यों नहीं किया?’ ‘मैंने सोचा कि भगवान ही फैसला कर लें कि किसे आशीर्वाद देना है।’ काफी देर तक खामोशी रही। उस शाम मैंने बहुत विनम्रता से विशेषज्ञ को सुझाव दिया कि कोई संदेश भेजने से पहले उसे जांच लिया करें। मैंने उसे यह भी दिखाया कि संदेश का स्रोत कैसे खोजा जाता है। उसने गर्मजोशी से मेरा धन्यवाद किया। ‘तुम सही कह रहे हो, बॉब। हमें ऐसा करना चाहिए।’ 

अगली सुबह मेरे फोन पर घंटी बजी। परिवार के व्हाट्सऐप ग्रुप में एक नई चेतावनी आई थी: ‘उन लोगों से सावधान रहें, जो आपसे व्हाट्सऐप संदेशों की जांच करने के लिए कहते हैं। वे सच्चाई को फैलने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं।’  इसके नीचे वही परिचित शब्द लिखे थे: ‘इसे उन सभी लोगों को भेजें, जिनसे आप प्यार करते हैं।’ मैंने अपनी पत्नी की ओर देखा। वह कॉफी पी रही थी। एक बार फिर मैंने फैसला किया कि उसे अपनी कॉफी का आनंद लेने दूं…..!-दूर की कौड़ी राबर्ट क्लीमैंट्स

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