महाराष्ट्र

IAS तुकाराम मुंढे की अगुवाई में FDA का बड़ा एक्शन, इस दवा कंपनी के तीन गोदामों को किया बंद, जानें वजह

मुंबई: दवाओं के मिलते-जुलते ब्रांड नाम और पैकेजिंग नियमों के उल्लंघन को लेकर महाराष्ट्र FDA ने कैडिला फार्मास्युटिकल्स के ठाणे, पुणे और नागपुर स्थित गोदामों को सस्पेंड कर दिया है। कंपनी Aciloc ब्रांड के तहत अलग-अलग एक्टिव इंग्रीडिएंट्स वाली दवाएं बेच रही थी। अधिकारियों के मुताबिक, Aciloc और Aciloc+ के नाम में सिर्फ ‘+’ का अंतर होने से दवा को लेकर भ्रम की स्थिति बन सकती थी।

Aciloc और Aciloc+ में अलग-अलग दवाएं

Aciloc में रैनीटिडिन , जबकि Aciloc+ में फैमोटिडिन होता है। दोनों दवाओं का इस्तेमाल सीने में जलन यानी हार्टबर्न के लिए किया जाता है। डॉक्टरों के अनुसार, इन दवाओं का इस्तेमाल अब कम होता है और आम तौर पर ये सुरक्षित मानी जाती हैं। फैमोटिडिन रैनीटिडिन की तुलना में 10 गुना तक ज्यादा असरदार बताया गया है।

ऑर्डर कुछ किया, डिलीवरी कुछ और मिली

एफडीए अधिकारियों के अनुसार, पुणे के कुछ होलसेलर्स ने Aciloc 150 और Aciloc 300 का ऑर्डर दिया था, लेकिन उन्हें Aciloc 150+ और Aciloc 300+ की सप्लाई मिली। इन दवाओं में रैनीटिडिन की जगह फैमोटिडिन मौजूद था। इसी वजह से FDA ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की। एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने कहा कि दवाओं के ब्रांड नाम से मरीजों, डॉक्टरों या डिस्ट्रीब्यूटर्स को किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि दवा खरीदते समय लेबल पर लिखे जेनेरिक नाम और स्ट्रेंथ को जरूर देखें और केमिस्ट से डॉक्टर के पर्चे के अनुसार ही दवा देने को कहें।

पैकेजिंग नियमों का भी उल्लंघन

अधिकारियों ने दवाओं की पैकेजिंग में भी नियमों के उल्लंघन का जिक्र किया। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स, 1945 के तहत फैमोटिडिन टैबलेट्स 14 के पैक में बेची जानी चाहिए। हालांकि, जांच में Aciloc 150+ के 30 टैबलेट वाले और Aciloc 300+ के 20 टैबलेट वाले पैक पाए गए।

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