रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए डॉक्टर पर मारपीट का केस, वारंट के बाद महीनों से था फरार, सैलाना में दबोचा

बड़वानी: रिश्वत लेने के मामले में लोकायुक्त के ट्रैप के बाद कार्रवाई से बच रहे डॉक्टर मनोहर गोदारा को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया। लोकायुक्त इंदौर की टीम ने बुधवार को रतलाम जिले के सैलाना स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से उसे पकड़ा।
बड़वानी की विशेष अदालत ने 1 जुलाई 2026 को डॉक्टर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके बाद से वह अपने पैतृक निवास सांचौर, जिला जालौर (राजस्थान) में रह रहा था। लोकायुक्त को उसके सैलाना में होने की सूचना मिली थी, जिसके सत्यापन के बाद टीम ने कार्रवाई की।
12 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया था
मामला 7 मई 2026 की लोकायुक्त ट्रैप कार्रवाई से जुड़ा है। सेवा पैथोलॉजी लैब, राजपुर के मैनेजर अदनान अली (27) की शिकायत पर लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई की थी।कार्रवाई के दौरान तीन डॉक्टरों को कथित तौर पर रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था। इनमें डॉ. अमित शाक्य से 8 हजार, लेडी डॉक्टर दिव्या साईं से 5 हजार और डॉ. मनोहर गोदारा से 12 हजार रुपये की रिश्वत राशि से जुड़ी कार्रवाई हुई थी।
ट्रैप के बाद शिकायतकर्ता से मारपीट का आरोप
लोकायुक्त के अनुसार, ट्रैप कार्रवाई के बाद आरोपियों को छोड़े जाने पर कथित तौर पर भीड़ को उकसाया गया और शिकायतकर्ता अदनान अली के साथ मारपीट की गई। इसी मामले में अदालत ने 1 जुलाई को डॉ. मनोहर गोदारा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। वारंट जारी होने के बाद वह सांचौर चला गया था।
सैलाना में मिली लोकेशन, टीम ने दबोचा
लोकायुक्त टीम को सूत्र से जानकारी मिली कि डॉ. गोदारा सैलाना में मौजूद है। सूचना की पुष्टि होने के बाद टीम ने 9 सितंबर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैलाना पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद डॉक्टर को बड़वानी स्थित विशेष न्यायालय में पेश किया गया। अदालत के आदेश के बाद उसे जेल भेज दिया गया।यह कार्रवाई लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश, उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त के नेतृत्व में की गई।



