बेंगलुरु की महिला ने बताया, एवरेज खाना बनाने वाले रसोइयों को 8000 रुपये महीना क्यों दे रहे लोग

Viral Post: मेघा नाम की महिला ने बेंगलुरु में कुक रखने का खर्च बताकर सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है. उनका कहना है कि बेंगलुरु में 2 लोगों का खाना बनाने के लिए रसोईए हर महीने 7 से 8 हजार रुपये सैलरी लेते हैं. वो दिन में 2 बार आते हैं, सब्जियां काटते हैं, झटपट 2 डिश बनाते हैं और अगले घर चले जाते हैं. रविवार को उनकी छुट्टी तय है.
‘प्रेशर कुकर में बना देते हैं ज्यादातर चीजें’
मेघा के कहा, ‘प्रेशर कुकर ही उनका मुख्य हथियार है. दाल, आलू, सोया, चिकन. सब कुछ किसी न किसी तरह उसी में बन जाता है. स्वाद आम तौर पर एवरेज ही होता है, जब तक कि आप उन्हें बार-बार न समझाएं कि आपको कैसा खाना चाहिए. वरना, उन्हें ज्यादा तेल और ज्यादा मसाले का इस्तेमाल ही आसान तरीका लगता है.’
कुक क्यों नहीं बदला या खुद क्यों नहीं पकाया?
मेघा ने बताया, ‘स्वाद एवरेज होने के बावजूद भी हम यह सिलसिला जारी रखते हैं कुक नहीं बदलते. क्योंकि मुझे एहसास हुआ कि हम असल में बेहतरीन खाने के लिए 8 हजार नहीं दे रहे हैं. हम आठ हजार रुपये प्रतिमाह इसलिए दे रहे हैं ताकि हमें हर दिन दो बार खाना पकाने के बारे में सोचना न पड़े.’



