बादलों के बीच बसा है ईरान का मासूलेह गांव, जहां नहीं है कोई सड़क; एक-दूसरे के घरों की छत पर चलते हैं लोग

Viral Video: ईरान में बादलों के बीच मसूलेह गांव बसा है, जहां कोई सड़क नहीं है. लोग एक-दूसरे के घर की छतों को सड़क की तरह इस्तेमाल करते हैं और एक जगह से दूसरे जगह आते-जाते हैं. इसी कारण यह गांव दुनियाभर में फेमस है और टूरिस्ट इसे एक्सप्लोर करने के लिए यहां आते रहते हैं. यही वजह है कि साल 2007 में यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट ने भी इसे अपनी टेंटेटिव लिस्ट में जगह दी है.
800 से 1000 साल पुराना गांव
पाकिस्तान की डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हानिया इब्राहिम ने हाल ही में इस 800 से 1000 साल पुराने गांव की सैर की है, जिसका वीडियो इस समय इंस्टाग्राम पर तेजी से वायरल हो रहा है. हानिया ने बताया, ‘इस गांव की सबसे बड़ी खासियत इसकी बनावट है. यह मकानों को पहाड़ की ढलान के साथ सीढ़ियों की तरह बनाया गया है, जिसकी वजह से एक घर की छत दूसरे के घर की सड़क बन जाती है.
‘यहां कोई गाड़ियां नहीं चलती हैं’
हानिया ने कहा, ‘इस गांव ने अपने ओरिजिनल स्टाइल को आज तक प्रिजर्व कर रखा है. यहां कोई कार नहीं चलती, ट्रैफिक का शोर नहीं होता, सिर्फ चिड़ियों के चहकने की आवाजें आती हैं, जो बहुत सुकून देती हैं. हवा एकदम ताजा है, और हर कोना किसी फैरीटेल जैसा लगता है. यह एक ऐसी जगह है जहां आप सिर्फ ट्रैवल नहीं करते, बल्कि प्राकृतिक खूबसूरती को महसूस करते हो. सिर्फ व्यू के लिए ही नहीं, यह गांव अपने हैंडीक्राफ्ट के लिए भी फैमस है.’



