नाइजीरिया में 40 लोगों की हत्या; पाकिस्तान की मांग- अफगानिस्तान आतंकवादियों पर कार्रवाई करे

पश्चिमी अफ्रीकी देश नाइजीरिया के उत्तर-पूर्वी ताराबा राज्य के एक गांव में हुए हमले में बंदूकधारियों ने 40 लोगों की हत्या कर दी। पुलिस ने शनिवार को कहा कि बंदूकधारियों के बड़े समूह ने बिन्नारी गांव पर यह हमला किया था। पुलिस ने बताया कि हमलावरों ने दुकानों से खाने-पीने का सामान लूट लिया। उत्तरी नाइजीरिया में भारी हथियारों से लैस आपराधिक गिरोहों के हमलों में भारी वृद्धि हुई है, जो गांवों में छापे मारते हैं, फिरौती के लिए स्थानीय निवासियों का अपहरण करते हैं और मवेशी चुराते हैं।
अफगानिस्तान आतंकवादियों पर कार्रवाई करे, पाकिस्तान की मांग
पाकिस्तान ने शनिवार को अफगानिस्तान की तालिबान सरकार से अपने क्षेत्र से संचालित आतंकवादियों पर कार्रवाई मांगी। उसने काबुल के इस दावे को खारिज किया कि इस्लामाबाद अपनी सुरक्षा विफलताओं का दोष मढ़ रहा है। पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने एक्स हैंडल पर जारी बयान में उन आरोपों को खारिज किया कि वह अफगानों को तालिबान से लड़ने हेतु हथियार दे रहा है। पूर्व अमेरिकी दूत ज़ल्मय खलीलज़ाद ने ऐसी रिपोर्टों का हवाला दिया था। अफगान तालिबान प्रवक्ता ज़बीहुल्ला मुजाहिद ने कहा, काबुल पाकिस्तान में असुरक्षा के लिए जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने पाकिस्तानी सैन्य एजेंसियों पर घर में सुरक्षा विफल रहने पर दोषारोपण का आरोप लगाया। पाकिस्तान काबुल पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) को पनाह देने का आरोप लगाता है। मंत्रालय ने सीमा पार घुसपैठ और विदेशी हथियारों की बरामदगी जैसी सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया। जनवरी से पाकिस्तान में 2,800 से अधिक आतंकवादी हमलों में 3,000 लोग मारे गए।
गाजा में फंडिंग रुकी, खाद्य संकट पांच लाख लोग होंगे प्रभावित
गाजा में युद्धविराम के बावजूद मानवीय संकट खत्म नहीं हुआ है। अब धन की कमी के कारण संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) को फलस्तीनी क्षेत्र में जीवनरक्षक खाद्य सहायता में भारी कटौती करनी पड़ रही है। इससे सहायता पाने वाले लोगों की संख्या 16 लाख से घटकर 11 लाख रह जाएगी। सामुदायिक रसोई से रोजाना मिलने वाले गर्म भोजन की संख्या भी ढाई लाख से घटाकर डेढ़ लाख की जाएगी। यह कटौती ऐसे समय में हो रही है, जब सर्दियां करीब हैं और बड़ी संख्या में विस्थापित परिवार भोजन, आवास तथा बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक विश्व खाद्य कार्यक्रम ने स्पष्ट किया है कि सहायता में कटौती का कारण धन की कमी है, न कि जरूरतों में गिरावट या राहत सामग्री पहुंचाने में असमर्थता। एजेंसी को अगले छह महीने तक अपने महत्वपूर्ण अभियान जारी रखने के लिए 450 मिलियन डॉलर की तत्काल जरूरत है।



