अभी तक महाराष्ट्र से सिर्फ दो नेताओं को BJP संसदीय दल में मिली है जगह, देवेंद्र फडणवीस की एंट्री हुई तो रचेंगे इतिहास

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में बीजेपी के चमकते सितारे बनकर उभरे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगर पार्टी के संसदीय बोर्ड में एंट्री हुई तो इससे न सिर्फ उनका राष्ट्रीय राजनीति में कद बढ़ेगी बल्कि वह बीजेपी के दो बड़े दिग्गज नेताओं की बराबरी करेंगे। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम घोषित होने के बाद अब बीजेपी पार्लियामेंट्री बोर्ड के पुनर्गठन पर नजरें लगी हैं। अभी इस बोर्ड में कोई मौजूदा मुख्यमंत्री नहीं है। अगर मुख्यमंत्रियों को प्रवेश देने की स्थिति में फडणवीस की एंट्री हुई तो वह एक साथ कई इतिहास रचेंगे। बेहद कम उम्र में पार्षद और फिर नागपुर के महापौर बने फडणवीस को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का मजबूत समर्थन है। यही वजह है कि अयोध्या में बाबरी विध्वंस के वक्त पर मौके पर मौजूद रहे फडणवीस खुद को कारसेवक, रामसेवक और महाराष्ट्र सेवक बताते हैं।
फडणवीस बनेंगे तीसरे नेता
अगर देवेंद्र फडणवीस की संसदीय बोर्ड में एंट्री होती है तो वह प्रमोद महाजन और नितिन गडकरी के बाद तीसरे नेता होंगे। महाराष्ट्र की राजनीति में भले ही देवेंद्र फडणवीस भले ही नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के बाद चमके और सीएम बने लेकिन वह प्रमोद महाजन की खोज माने जाते हैं। महाजन बीजेपी के संसदीय बोर्ड और केंद्रीय चुनाव समिति के प्रमुख पदों और जिम्मेदारियों से जुड़े रहे। उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव होने के साथ-साथ पार्टी के संसदीय बोर्ड और केंद्रीय चुनाव समिति के कामकाज को संभाला। वे एक वक्त पर बीजेपी के चाणक्य के रूप में उभरे थे। मौजूदा केंद्रीय संसदीय बोर्ड में महाराष्ट्र से सीधे तौर पर कोई भी नेता शामिल नहीं है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी इस शीर्ष बोर्ड में महाराष्ट्र से शामिल हुआ करते थे, लेकिन 2022 में हुए पुनर्गठन के बाद वह अब इस पार्लियामेंट्री बोर्ड का हिस्सा नहीं हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) के सदस्य जरूर हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उन्हें आगामी संगठनात्मक बदलावों में संसदीय बोर्ड में जगह दी जा सकती है।
फिर महाराष्ट्र की स्थिति होगी मजबूत
बीजेपी के सर्वोच्च नीति-निर्णायक निकाय संसदीय बोर्ड और केंद्रीय चुनाव समिति में समय-समय पर महाराष्ट्र के प्रमुख नेताओं को प्रतिनिधित्व मिलता रहा है। पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी लंबे समय तक बीजेपी संसदीय बोर्ड और केंद्रीय चुनाव समिति के प्रमुख सदस्य रहे हैं। हालांकि, संगठन के बाद हुए फेरबदल में उन्हें इस बोर्ड से मुक्त कर दिया गया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति में जगह दी जा चुकी है। इसके अलावा पार्टी के शीर्ष संसदीय बोर्ड में भी उनके नाम को लेकर लगातार चर्चा है। पीयूष गोयल और विनोद तावड़े राष्ट्रीय टीम में हैं लेकिन ये सीधे तौर पर संसदीय बोर्ड का हिस्सा नहीं हैं। केंद्रीय टीम में महाराष्ट्र से पीयूष गोयल राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और विनोद तावड़े राष्ट्रीय महासचिव हैं।
सिर्फ तीन नेता बने हैं महासचिव
महाराष्ट्र से अब तक 3 प्रमुख नेता बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव बने हैं। इनमें प्रमोद महाजन, गोपीनाथ मुंडे के बाद विनोद तावड़े का नाम है। वह नई टीम में रिपीट हुए हैं। वे नितिन नवीन की टीम के सबसे पावरफुल राष्ट्रीय महासचिव हैं। देवेंद्र फडणवीस बीजेपी के तमाम मुख्यमंत्रियों में सर्वाधिक लोकप्रिय हैं। वह लोकप्रियता के मामले में योगी आदित्यनाथ को टक्कर देते हैं। वह आरएसएस के साथ पीएम नरेंद्र मोदी का मजबूत भरोसा रखते हैं। सियासी अटकलों ने फडणवीस के प्रशंसकों को खुश कर दिया है। संभावना है कि आगे त्योहारी सीजन में बीजेपी संसदीय बोर्ड के नए सदस्यों का ऐलान कर सकती है। देवेंद्र फडणवीस उम्र के मामले में योगी के नजदीक खड़े हैं। वह 54 साल के हैं जबकि योगी आदित्यनाथ 56 साल के है। योगी आदित्यानाथ हालांकि फडणवीस की तरह स्वयंसेवक नहीं रहे हैं।



