छत्तीसगढ़

साय सरकार की पहल से उच्च शिक्षा का सपना होगा साकार, हजारों विद्यार्थियों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया शुरू

रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा को सामाजिक सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम मानते हुए विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने के लिए लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी कड़ी में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के लिए शिक्षा सत्र 2026-27 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत ऑनलाइन पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की राह में आने वाली बाधाओं को दूर कर उन्हें आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने की दिशा में राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

आदिवासी विकास विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार योजना का लाभ राज्य के सभी शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, मेडिकल, नर्सिंग महाविद्यालयों, पॉलिटेक्निक तथा आईटीआई संस्थानों में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को मिलेगा। साय सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की शिक्षा में बाधा न बने और हर युवा को अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो।

शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए नवीनीकरण आवेदन की प्रक्रिया 20 जून 2026 से प्रारंभ हो चुकी है, जबकि नवीन आवेदन 1 अगस्त 2026 से स्वीकार किए जाएंगे। राज्य सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को समयबद्ध और सुव्यवस्थित बनाते हुए जनवरी 2027 तक छात्रवृत्ति राशि के वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया है, ताकि विद्यार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता प्राप्त हो सके और उनकी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रहे।

योजना के तहत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के पालकों की वार्षिक आय सीमा 2 लाख 50 हजार रुपये तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 1 लाख रुपये निर्धारित की गई है। पात्र विद्यार्थियों को आवेदन के समय स्थायी जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, पूर्व वर्ष की अंकसूची एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छात्रवृत्ति वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं तकनीक आधारित बना रही है। इसी उद्देश्य से छात्रवृत्ति की राशि सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में जमा की जाएगी। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा विद्यार्थियों को बिना किसी विलंब के राशि प्राप्त होगी।

वर्ष 2026-27 से छात्रवृत्ति प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी बनाने के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) को अनिवार्य किया गया है। साथ ही नई संस्थाओं के संस्था प्रमुखों एवं छात्रवृत्ति प्रभारियों के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की व्यवस्था भी लागू की गई है। यह कदम पात्र विद्यार्थियों तक योजनाओं का लाभ सही समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा, कौशल विकास और युवाओं के सशक्तिकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना न केवल विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान करेगी, बल्कि उन्हें उच्च शिक्षा के माध्यम से अपने सपनों को साकार करने और राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए भी प्रेरित करेगी।

राज्य शासन ने सभी पात्र विद्यार्थियों से निर्धारित समयावधि में ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है, ताकि वे इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ प्राप्त कर अपने उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ा सकें।

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