राष्ट्रीय

चंपत राय की जगह लेने वाले राम मंदिर ट्रस्‍ट के नए महासचिव कृष्ण मोहन सबसे पहले क्‍या करेंगे? बताया- कैसे फायदा उठाया गया

अयोध्‍या : अयोध्‍या राम मंदिर के दान में हुई चोरी को लेकर सोमवार को श्रीराम जन्‍मभूमि तीर्थ क्षेत्र की अहम बैठक में अहम फैसले लिए गए. इसमें सबसे बात थी चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्‍तीफा स्‍वीकार किया जाना. उनकी जगह ट्रस्‍ट ने अब अंतरिम महासचिव पद की जिम्‍मेदारी कृष्‍ण मोहन (Krishna Mohan) को दी. प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के दौरान कृष्‍ण मोहन ने मीडिया के सामने अपनी बातें भी रखीं और बताया कि अब वह क्‍या करेंगे. उनका कहना है कि ‘जिस तरह से ट्रस्‍ट पर आरेाप लगे हैं, उसे अब आगे नहीं लगने दिया जाएगा और पूरी जिम्‍मेदारी से आगे इसका ध्‍यान रखा जाएगा.’ उन्‍होंने माना कि ‘कहीं न कहीं राम मंदिर के प्रबंधन और संचालन में कुछ कमियां रह गई थीं, जिनका कुछ लोगों ने फायदा उठाया.’

राम जन्‍मभूमि ट्रस्‍ट के नए महासचिव कृष्ण मोहन ने कहा कि हम इस पूरे प्रकरण को बहुत गंभीरता से लेते हैं. जो कुछ हुआ है, उससे हम सभी आहत हैं. रामभक्तों को भी इससे कष्ट हुआ है. कहीं न कहीं प्रबंधन और संचालन में कुछ कमियां रह गई थीं, जिनका कुछ लोगों ने फायदा उठाया. मेरा पहला प्रयास यही होगा कि जहां-जहां भी त्रुटियां या कमियां (लूपहोल्स) हैं, उन्हें सबसे पहले दूर किया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न हो.

सभी न्यासी मिलकर इस धूमिल हुई छवि को सुधारेंगे- कृष्‍ण मोहन
उन्होंने कहा कि इस घटना के कारण समाज में जो माहौल बना है, उससे हमारे न्यास की छवि भी कुछ धूमिल हुई है. समाज के मन में एक प्रकार का अविश्वास पैदा हुआ है. मेरा प्रयास रहेगा कि हम सभी न्यासी मिलकर इस धूमिल हुई छवि को सुधारें और जो भी आवश्यक कदम होंगे, उन्हें उठाएं. हमारा लक्ष्य समाज के मन में न्यास के प्रति विश्वास को फिर से स्थापित करना है.

कृष्ण मोहन ने आगे कहा कि श्रीराम जन्मभूमि में दर्शन के दौरान श्रद्धालु जो दान और अर्पण करते हैं, उसका उपयोग न्यास के उद्देश्य के अनुरूप ही किया जाएगा. हम जो भी करेंगे, पूरी पारदर्शिता के साथ करेंगे. सभी जानकारियां सार्वजनिक की जाएंगी. हालांकि, किसी भी प्रक्रिया के दौरान हर जानकारी साझा करना संभव नहीं होता, लेकिन जब प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, तब पूरी पारदर्शिता के साथ समाज और मीडिया के सामने सभी तथ्य रखे जाएंगे. इससे न्यास के प्रति जो अविश्वास का भाव पैदा हुआ है, उसे दूर करने में मदद मिलेगी.

उन्होंने कहा कि इस काम में आप सभी का सहयोग आवश्यक है. साथ ही मीडिया से भी मेरा निवेदन है कि केवल सत्य तथ्यों का ही प्रसारण करें. अगर किसी विषय पर जानकारी चाहिए तो न्यास के अधिकृत पदाधिकारियों से ही पूछें, ताकि सही और प्रमाणिक जानकारी मिले. प्रक्रिया पूरी होने के बाद हर आवश्यक जानकारी मीडिया के माध्यम से साझा की जाएगी. आगे भी इसी तरह पारदर्शिता बनाए रखने का हमारा प्रयास रहेगा.

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