जरा हट के

दुनिया का सबसे बूढ़ा कुत्ता नहीं रहा ‘लाजारे’, कहानी जान नम हुई लाखों आंखें!

World Oldest Dog : फ्रांस में रहने वाला एक छोटा-सा टॉय स्पैनियल कुत्ता, जिसका नाम लाजारे था. हाल ही में 30 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह गया. उसे दुनिया के सबसे बुजुर्ग कुत्तों में गिना जा रहा था. हालांकि उसके इस रिकॉर्ड को लेकर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है. उसके देखभालकर्ता के अनुसार, लाजारे ने असाधारण रूप से लंबा जीवन जिया, जिसने पशु प्रेमियों को भावुक कर दिया.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अपने मालिक के निधन के बाद लाजारे को एनेसी मार्लियोज स्थित एक पशु आश्रय में भेज दिया गया था. उम्रदराज और बीमारियों से जूझ रहे इस कुत्ते के लिए जीवन आसान नहीं था. उसे गठिया, सुनने में कमी, कमजोर नजर और एक ऐसी शारीरिक समस्या थी, जिसके कारण उसकी जीभ हमेशा मुंह के बाहर एक तरफ लटकी रहती थी. इसके बावजूद, उसकी जीवटता और जिंदादिली ने सभी का ध्यान खींचा.

वायरल हुई लाजारे की कहानी

सोशल मीडिया पर उसकी कहानी तब वायरल हुई, जब एक इंस्टाग्राम पोस्ट में उसकी उम्र और जीवन के बारे में विस्तार से बताया गया. पोस्ट के अनुसार, उसकी जन्मतिथि आधिकारिक दस्तावेजों और माइक्रोचिप के आधार पर 4 दिसंबर 1995 दर्ज की गई थी. इस खुलासे ने लोगों को चौंका दिया, क्योंकि इतनी उम्र तक किसी कुत्ते का जीवित रहना बेहद दुर्लभ माना जाता है.

लाजारे की जिंदगी में नया मोड़ तब आया, जब ओफेली बौडोल नाम की एक महिला ने उसे आश्रय में देखा. उन्होंने बिना देर किए उसे गोद ले लिया और अपने घर ले गईं. वहां लाजारे को परिवार का प्यार मिला, जिससे उसकी जिंदगी के आखिरी दिन सुकून और अपनापन भरे रहे. बताया जाता है कि वह धीरे-धीरे चलता था, लेकिन रोज सुबह और दोपहर की सैर का आनंद लेता था और उसकी भूख भी अच्छी थी.

भावुक हो रहे सोशल मीडियो यूजर्स

इस खबर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की भावनाएं उमड़ पड़ी हैं. कई यूजर्स ने लाजारे की कहानी को दिल छू लेने वाला बताया और कहा कि यह हमें सिखाती है कि पालतू जानवरों को सिर्फ जानवर नहीं है, बल्कि परिवार का हिस्सा समझना चाहिए. लोगों ने यह भी माना कि संतुलित खानपान, देखभाल और प्यार किसी भी जीव को लंबी उम्र दे सकता है.

लाजारे भले ही अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी कहानी हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी. उसने यह साबित कर दिया कि सच्चा प्यार और अपनापन उम्र की सीमाओं से कहीं आगे होता है.

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button