राष्ट्रीय

ऑपरेशन सिंदूर से Gen-Z तक… स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति का देश के नाम संदेश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर अपने संबोधन में 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण पर जोर दिया, जिसमें समावेशी विकास और प्रत्येक व्यक्ति तक लाभ सुनिश्चित करने की बात कही गई। उन्होंने गरीबी उन्मूलन, डिजिटल क्रांति और जन धन योजना जैसी उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए देश के प्रगति पथ को सराहा।

शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन से पहले ‘वंदे मातरम’ के सभी छह छंद गाए गए और उसके बाद राष्ट्रगान हुआ। समारोह की कार्यवाही में यह एक अहम बदलाव था। अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘विकसित भारत’ के विज़न पर ज़ोर दिया और भारत के लगातार विकास और प्रगति के महत्व को रेखांकित किया, क्योंकि देश एक मज़बूत और अधिक समृद्ध भविष्य की ओर बढ़ रहा है। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर, मैं इस राष्ट्रीय पर्व पर आप सभी को हार्दिक बधाई देती हूँ। कुछ ही घंटों में, हमारा देश अपनी स्वतंत्रता के 80वें वर्ष में प्रवेश करेगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि हम 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। जैसे-जैसे भारत एक आधुनिक राष्ट्र बनने की राह पर आगे बढ़ रहा है, विकास का लाभ हर व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 1947 के दिन भारतमाता पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त हुईं। सभी देशवासी, स्वतंत्र भारत की नियति के निर्माता बने। निष्ठावान विद्यार्थी और शिक्षक, विकास के लिए तत्पर वैज्ञानिक और इंजीनियर, स्वास्थ्य सेवा में कार्यरत डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी, मेहनती श्रमिक और अन्नदाता किसान, अपने प्रयासों से राष्ट्र-निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अन्य क्षेत्रों में सक्रिय, असंख्य देशवासी, तथा संविधान में निहित, मूल कर्तव्यों का पालन करने वाले सभी नागरिक, राष्ट्र-निर्माण में महत्वपूर्ण भागीदार हैं। मैं उन सभी की हृदय से सराहना करती हूं।

मुर्मू ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में अनगिनत देशवासी स्वाधीनता संग्राम से जुड़ गए। बाबासाहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर ने समाज सुधार तथा राष्ट्र-निष्ठा के उच्च आदर्श प्रस्तुत किए। भारतमाता की उन सभी महान संतानों को मैं सादर नमन करती हूं जिनके आदर्शों पर चलते हुए हमारा देश स्वतंत्र हुआ और आगे बढ़ा। आज साधारण पृष्ठभूमि के लोग, अनेक क्षेत्रों में, असाधारण योगदान दे रहे हैं। इससे, मेरा यह विश्वास दृढ़ होता है कि आज के भारत में हर व्यक्ति बड़े सपने देख भी सकता है और उन्हें पूरा भी कर सकता है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि डिजिटल पेमेंट ने भारत में रोज़मर्रा के लेन-देन को बदल दिया है। भारत 25 करोड़ से ज़्यादा लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफल रहा है और इसे देश की विकास यात्रा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रणाली से जुड़े हर व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि वह सुनिश्चित करे कि संसाधनों की कमी के कारण कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य है कि वे विधायिका में, जन-आकांक्षाओं को अभिव्यक्त करें। कार्यपालिका का कर्तव्य है कि जनहित और राष्ट्रहित की नीतियों को कार्यरूप दे। न्याय-व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि अभाव के कारण कोई व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे।

राष्ट्रपति ने दावा किया कि पिछले एक दशक से कुछ अधिक समय में हमारे देश ने तेज गति से समावेशी विकास किया है, विरासत और विकास के समन्वय को प्राथमिकता दी है, तथा विकास में बाधक दशकों पुराने अनेक अवरोधों को दूर किया है। उन्होंने कहा कि हमारे देशवासी महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती मना रहे हैं। महात्मा फुले और क्रांति-ज्योति सावित्रीबाई फुले ने सामाजिक न्याय, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और समानता के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान दिया है। उनके आदर्शों के अनुसार विगत कुछ वर्षों के दौरान वंचित वर्गों को आगे बढ़ाने के लक्ष्य को राष्ट्रीय प्राथमिकता दी गई है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से मुक्ति दिलाने में सफलता मिली है। विश्व की सबसे बड़ी वित्तीय समावेश की योजना प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत लगभग 59 करोड़ खाताधारक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ चुके हैं। उनमें 32 करोड़ से अधिक महिला खाताधारक शामिल हैं। 80 करोड़ लोगों के लिए निशुल्क राशन की व्यवस्था द्वारा उनकी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। ‘आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ के तहत 60 करोड़ लोगों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपए तक की निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। किसान सम्मान निधि तथा किसान क्रेडिट कार्ड्स से खेती, डेयरी, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों से जुड़े किसान भाई-बहनों को संबल मिला है।

उन्होंने कहा कि आज देश में यह चेतना बलवती हो रही है कि सांस्कृतिक गौरव का भाव देश की संप्रभुता को आत्मिक शक्ति प्रदान करता है। हम विरासत और विकास के समन्वय के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे देश में विश्व का सबसे बड़ा और सबसे अच्छा digital infrastructure विकसित किया गया है। गांवों की छोटी-छोटी दुकानों में तथा रेहड़ी-पटरी पर भी digital payments हो रहे हैं। विश्व में आधे से अधिक real time digital transactions भारत में हो रहे हैं। Technology का उपयोग करके, सरकार ने जनकल्याण की सुविधाओं को, पारदर्शी तरीके से जन-जन तक पहुंचाया है। हमारे देश में हाईवे, जलमार्ग, रेलवे और हवाई मार्ग के रूप में आधुनिक आधारभूत संरचना का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। इससे नए उद्यमों के लिए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं, नए रोजगारों का सृजन हो रहा है तथा निवेशकों का विश्वास बढ़ रहा है। हमारे देश की अर्थव्यवस्था, सबसे तेज गति से बढ़ती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ रही है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button