राजनीति

शरद पवार गुट के सांसदों ने PM से की मुलाकात, NDA में शामिल होने और परिसीमन बिल की अटकलों को किया खारिज, कांग्रेस क्या बोली?

मुंबई\नई दिल्ली: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ( शरद पवार ) के एनडीए में शामिल होने की अटकलों के बीच सोमवार को बारामती की सांसद सुप्रिया सुले के नेतृत्व में पार्टी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। 20 मिनट की इस बैठक के बाद शिरूर के सांसद डॉ अमोल कोल्हे ने बातचीत की जानकारी दी और राजनीतिक गठजोड़ या आने वाले कानूनों से जुड़ी खबरों को साफ तौर पर खारिज कर दिया। हालांकि इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई कि क्या एनसीपी (एसपी) परिसीमन बिल पर एनडीए सरकार का समर्थन करेगी। दूसरी ओर बीजेपी ने इस मुलाकात को स्वाभाविक बताया है।

अमोल कोल्हे ने क्या बताया?
शरद पवार गुट की एनसीपी के सांसद डॉ अमोल कोल्हे ने बताया कि बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने महाराष्ट्र के नीतिगत मुद्दों, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी कई मांगें रखीं। बैठक की शुरुआत में पीएम मोदी ने वरिष्ठ नेता शरद पवार की सेहत के बारे में पूछा। पवार के काम करने के तरीके और राजनीतिक सफर की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी ऊर्जा और लगन सार्वजनिक जीवन में सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

महाराष्ट्र के प्रमुख समाज सुधारकों को भारत रत्न देने की मांग
प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत के दौरान एनसीपी (SP) के सांसदों ने कई अहम क्षेत्रीय मांगें रखीं। प्रतिनिधिमंडल ने महाराष्ट्र के प्रमुख समाज सुधारकों और सांस्कृतिक हस्तियों- महात्मा ज्योतिराव फुले, क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले, लोकशाहीर अण्णाभाऊ साठे और राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज को भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ देने का अनुरोध किया। बीड जिले में सूखे की स्थिति का जिक्र करते हुए सांसद बजरंग सोनवणे ने सरकार से उजानी बांध से मांजरा बांध में पानी छोड़ने का आग्रह किया। इसके अलावा सांसदों ने गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक मदद के मकसद से पीएम केयर्स फंड के तहत अपने निर्वाचन क्षेत्र का कोटा बढ़ाने का अनुरोध किया।

पीएम मोदी से क्या की डिमांड?
सांसदों सुरेश (बाल्या मामा) म्हात्रे और डॉ अमोल कोल्हे ने केंद्र से अनुरोध किया कि वे राज्य सरकार के प्रस्ताव के आधार पर नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम दिवंगत नेता डी.बी. पाटिल के नाम पर रखने के अंतिम फैसले में तेजी लाएं। डॉ कोल्हे ने बताया कि प्रधानमंत्री का ध्यान नासिक-पुणे हाई-स्पीड रेलवे लाइन, पुणे-नासिक मेट्रो, छत्रपति संभाजीनगर में पीएम गति शक्ति योजनाओं, जेएनपीटी पोर्ट के विस्तार और कल्याण-मुर्बाद रेलवे लाइन जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स में तेजी लाने की ओर दिलाया गया। सांसद नीलेश लंके ने कैंसर के इलाज के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार को लेकर चिंता जताई, साथ ही चंद्रभागा नदी में प्रदूषण को नियंत्रित करने और किसानों के लिए प्याज की कीमतों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

सुप्रिया सुले ने क्या कहा?
बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सांसद सुप्रिया सुले ने दोहराया कि किसी भी राजनीतिक विषय पर चर्चा नहीं हुई। उन्होंने जोर देकर कहा कि चूंकि संसद सत्र में रुकावटें आ रही थीं, इसलिए जनता और निर्वाचन क्षेत्र की जरूरी शिकायतों को प्रधानमंत्री के ध्यान में लाने के लिए सीधे संपर्क करना जरूरी था। डॉ कोल्हे ने कहा कि महाराष्ट्र की तरक्की के लिए राजनीतिक मतभेदों को किनारे रखकर रचनात्मक बातचीत करना जरूरी है। डॉ कोल्हे ने कहा कि उन्होंने महाराष्ट्र के चाकन इंडस्ट्रियल जोन में भारी ट्रैफिक जाम और गड्ढों वाली सड़कों को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि सड़क मरम्मत के लिए 59 करोड़ रुपये का टेंडर मंजूर होने के बावजूद बुनियादी ढांचे की हालत खराब है। इसके कारण इलाके में 19 जानलेवा दुर्घटनाएं हुई हैं।

एनडीए में शामिल होने को बताया अफवाह
पार्टी के एनडीए में शामिल होने या संभावित परिसीमन विधेयक का समर्थन करने की अफवाहों पर डॉ कोल्हे ने साफ किया कि यह बैठक पूरी तरह से गैर-राजनीतिक थी। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने पीएम मोदी को पारंपरिक महात्मा फुले पगड़ी, उपर्णा (शॉल) और राजदंड लिए हुए छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति भेंट की। ये प्रतीक शिवाजी, शाहू, फुले और अंबेडकर की प्रगतिशील विचारधारा को दर्शाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी को कोई संदेह है, तो उन्हें हमारी बैठक का वीडियो देखना चाहिए। एनडीए में शामिल होने को लेकर कोई राजनीतिक विषय या चर्चा नहीं हुई।

बैठक को परिसीमन विधेयक से जोड़ने वाली अटकलों को खारिज किया
डॉ कोल्हे ने बैठक को परिसीमन विधेयक से जोड़ने वाली अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि चूंकि संसद में अभी तक ऐसा कोई विधेयक पेश नहीं किया गया है, इसलिए कोई भी अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी। सांसद ने बताया कि प्रधानमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि समाधान के लिए इन मामलों की जांच की जाएगी। एनसीपी(SP) सांसद बजरंग सोनवणे ने कहा कि उन्होंने पीएम मोदी को कृषि, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवा और रोजगार क्षेत्रों में तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए प्रमुख विकासात्मक मांगों की एक विस्तृत सूची सौंपी।

रोजगार के अवसर बढ़ाने की भी मांग
सोनवणे ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत 2025-26 की अवधि के लिए लंबित दावों को तुरंत जारी करने, साथ ही 2026-27 सीजन से ऐड-ऑन बीमा कवर को फिर से लागू करने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने गन्ना श्रमिकों के बच्चों के लिए मौसमी और मोबाइल स्कूल स्थापित करने, सामुदायिक कल्याण के लिए स्थानीय रोजगार की व्यवस्था करने और कृषि-आधारित उद्योगों, खाद्य प्रसंस्करण, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों तथा कौशल विकास पहलों के लिए लक्षित सहायता के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने की भी मांग की।

इन योजनाओं पर की बात
उन्होंने धाराशिव-बीड-छत्रपति संभाजीनगर रेलवे मार्ग के निर्माण में तेज़ी लाने और क्षेत्र में प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए विशेष केंद्रीय फंड हासिल करने की भी मांग की। इसके अलावा उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से बीड में एक मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशियलिटी हेल्थ सेंटर, साथ ही अंबाजोगाई में 50-बिस्तर वाला क्रिटिकल केयर ब्लॉक मंज़ूर करने का आग्रह किया। उन्होंने किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं, वेयरहाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और कृषि प्रसंस्करण केंद्रों के विस्तार और केंद्र सरकार की योजनाओं के जरिए बीड के प्रमुख धार्मिक और हेरिटेज पर्यटन स्थलों पर इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं के विकास की भी मांग की।

एनडीए में शामिल होने की अटकलों को किया खारिज
सोनावणे ने एनसीपी(SP) को लेकर चल रही अटकलों पर भी पूरी तरह से विराम लगा दिया। सोनावणे ने उन अटकलों पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी, जिनमें कहा जा रहा था कि एनसीपी(SP) सत्ताधारी महायुति गठबंधन या एनडीए में शामिल हो सकती है। पार्टी का रुख साफ करते हुए सोनावणे ने कहा कि एनसीपी(SP) विपक्ष में अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हम विपक्ष में बने रहने के लिए सिर्फ 100 प्रतिशत ही नहीं, बल्कि 1,000 प्रतिशत प्रतिबद्ध हैं।

परिसीमन विधेयक के खिलाफ वोट करेंगे-रोहित पवार
सफर के दौरान सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं से हुई मुलाकातों की खबरों से उड़ी अफवाहों पर बात करते हुए सोनावणे ने बेवजह के शक को खारिज कर दिया। उन्होंने समझाया कि सफर के दौरान नेताओं से अचानक मुलाकात होना बिल्कुल सामान्य बात है। पहले भी विपक्ष के नेता जनहित में सत्ताधारी प्रतिनिधियों से मिलते रहे हैं। ऐसी आम मुलाकातों से राजनीतिक नतीजे निकालना सही नहीं है। पार्टी के पक्के रुख को दोहराते हुए सांसद ने जोर देकर कहा कि वह और उनके साथी विपक्ष में रहकर जनता की समस्याओं को उठाने और समुदाय के हितों की रक्षा करने का काम जारी रखेंगे। इस बीच एनसीपी (SP) के विधायक रोहित पवार ने कहा कि पार्टी के आठ सांसद लोकसभा में परिसीमन विधेयक (डिलिमिटेशन बिल) के खिलाफ वोट करेंगे।

प्रताप सरनाईक ने की तारीफ
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि यह बहुत अच्छी बात है। सुप्रिया सुले, जयंत पाटिल और अन्य सांसदों ने पीएम मोदी से मुलाकात की। उन्हें भी कई सालों बाद यह एहसास हुआ है कि अगर हम विकास परियोजनाओं को लेकर पीएम मोदी के पास जाते हैं, तो वह राशि देंगे और उन परियोजनाओं को मंजूरी देंगे। देशभर से कई विपक्षी नेता उनसे मिलने जा रहे हैं। उनमें से कुछ हमारे पास भी आ रहे हैं। कुछ एनडीए से मिलने के लिए आ रहे हैं। यह देश की राजनीति के लिए अच्छा है।

बीजेपी ने क्या कहा?
बीजेपी विधायक अमित सातम ने कहा कि लोकसभा का सत्र चल रहा है। अलग-अलग पार्टियों के लोग, अलग-अलग पार्टियों के नेता और देश के सांसद, अलग-अलग पार्टियों के सांसद, किसी न किसी वजह से या किसी न किसी काम के लिए प्रधानमंत्री से मिलते रहते हैं। यह स्वाभाविक है कि जब लोकसभा का सत्र शुरू होता है, तो प्रधानमंत्री वहां मौजूद होते हैं। इसीलिए, विभिन्न दलों के सांसद सत्र के दौरान मिलते ही रहते हैं।

शरद पवार गुट ने क्या कहा?
एनसीपी (एसपी) के नेता और प्रवक्ता महेश तापसे ने कहा कि शरद पवार गुट की राष्ट्रीय नेता और सदन में फ्लोर लीडर सांसद सुप्रिया सुले की अगुवाई में सभी सांसदों ने देश के प्रधानमंत्री से मुलाकात की। यह पहले से तय और पूरी तरह से खुली बैठक थी, जो संसद परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई। यह बैठक हमारे सांसदों के संबंधित चुनाव क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई थी। इस बैठक में महाराष्ट्र से जुड़े कई मुद्दों पर बात हुई। एनसीपी का प्रतिनिधित्व ग्रामीण ठाणे जिले से लेकर विदर्भ के वर्धा जिले तक फैला हुआ है। इस तरह हमारे लगभग सभी रेवेन्यू जिले इसमें शामिल हैं। हमारे सांसदों ने महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दों को उठाया है।

मुलाकात पर क्या बोली कांग्रेस?
कांग्रेस नेता नसीम खान ने कहा कि जिस तरह से चर्चा हो रही है और खबरें आ रही हैं, उसे देखते हुए हमें नहीं लगता कि एनसीपी (एसपी) के सांसदों के प्रतिनिधिमंडल का प्रधानमंत्री से मिलना गलत है। अगर कोई प्रतिनिधिमंडल या सांसद अपने राज्य या निर्वाचन क्षेत्र के विकास पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री या किसी केंद्रीय मंत्री से मिलते हैं, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। लेकिन, जिन खबरों का जिक्र किया जा रहा है, उनके बारे में मेरा मानना ​​है कि शरद पवार जो देश में शाहू, फुले और अंबेडकर की विचारधारा को आगे बढ़ाने वाले प्रमुख नेता रहे हैं, वह उस बिल का समर्थन नहीं करेंगे, जिसे भारतीय जनता पार्टी लाना चाहती है।

परिसीमन बिल पर शरद पवार गुट की राय?
वहीं, एनसीपी (एसपी) के नेता महेश तापसे ने कहा कि परिसीमन बिल के बारे में, मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि जब यह बिल पहले पेश किया गया था, तो एनसीपी शरदचंद्र पवार पार्टी और इंडिया अलायंस ने इसका जोरदार विरोध किया था। अभी तक परिसीमन के लिए कोई ड्राफ्ट पेश नहीं किया गया है। जब पेश किया जाएगा तो इस पर चर्चा होगी। 

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