स्वास्थ्य

पेशाब से प्रेग्नेंसी का पता कैसे चल जाता है? यूरिन में ऐसा कौन सा इंडिकेटर

Can Urine Confirm Pregnancy: आजकल बाजार में तमाम ऐसी किट उपलब्ध हैं, जिनके जरिए घर बैठे प्रेग्नेंसी चेक की जा सकती है. इसके लिए महिलाओं को 3-4 बूंद यूरिन किट पर डालनी होती हैं और कुछ सेकंड में रिजल्ट पता लग जाता है. यूरिन के जरिए प्रेग्नेंसी डिटेक्ट करना सबसे पॉप्युलर तरीका है और अधिकतर मामलों में इसका रिजल्ट सटीक होता है. यूरिन हमारे शरीर के अंदरूनी बदलावों का इंडिकेटर होती है. अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि आखिर पेशाब से कैसे पता चल जाता है कि महिला प्रेग्नेंट है या नहीं? इस बारे में डॉक्टर से हकीकत जान लेते हैं.

ग्रेटर नोएडा के ब्लिस आईवीएफ एंड गायनी केयर सेंटर की गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. सोनाली गुप्ता ने News18 को बताया कि जब कोई महिला प्रेग्नेंट होती है, तो उसके शरीर में एक खास हार्मोन बनने लगता है, जिसे ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन (hCG) कहा जाता है. यह हार्मोन प्लेसेंटा द्वारा बनाया जाता है और प्रेग्नेंसी के कुछ ही दिनों बाद खून और यूरिन दोनों में दिखाई देने लगता है. यही hCG हार्मोन प्रेग्नेंसी का सबसे बड़ा इंडिकेटर होता है. यूरिन प्रेग्नेंसी टेस्ट इसी hCG हार्मोन को पहचानने के लिए बनाया गया होता है. जब महिला टेस्ट किट पर कुछ बूंदें यूरिन की डालती है, तो उसमें मौजूद केमिकल्स hCG हार्मोन के साथ रिएक्ट करते हैं. अगर यह हार्मोन मौजूद होता है, तो टेस्ट किट पर लाइनें दिखाई देती हैं, जो प्रेग्नेंसी की पुष्टि करती हैं.

डॉक्टर सोनाली गुप्ता ने बताया कि प्रेग्नेंसी टेस्ट पीरियड मिस होने के 5 से 7 दिन बाद करना सबसे सही माना जाता है, क्योंकि तब तक शरीर में hCG हार्मोन का स्तर पर्याप्त बढ़ चुका होता है. बहुत जल्दी टेस्ट करने पर रिजल्ट गलत भी आ सकता है, इसलिए सही समय का ध्यान रखना जरूरी है. सुबह का पहला यूरिन इस टेस्ट के लिए सबसे बेहतर होता है, क्योंकि उसमें hCG की मात्रा ज्यादा होती है. अगर टेस्ट पॉजिटिव आता है, तो इसकी पुष्टि के लिए ब्लड टेस्ट और डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी होता है.

एक्सपर्ट के मुताबिक पेशाब के जरिए प्रेग्नेंसी का पता लगाना पूरी तरह वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जो hCG हार्मोन की मौजूदगी पर आधारित होती है. यह तरीका आसान, सस्ता और जल्दी रिजल्ट देने वाला है. बस सही समय और सही तरीके से टेस्ट करना जरूरी है. इसके अलावा अल्ट्रासाउंड के जरिए भी गर्भ में भ्रूण की मौजूदगी कंफर्म की जाती है, जो आमतौर पर कुछ हफ्तों बाद साफ दिखता है. पीरियड मिस होना, मॉर्निंग सिकनेस, थकान, ब्रेस्ट में बदलाव और बार-बार पेशाब आना भी प्रेग्नेंसी के संकेत हो सकते हैं. प्रेग्नेंसी कंफर्म करने के लिए डॉक्टर आमतौर पर ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड को सबसे भरोसेमंद तरीके मानते हैं.

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