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पेट्रोल-डीजल और ATF के एक्सपोर्ट पर सरकार ने घटाई टैक्स दरें, जानें आम जनता पर क्या होगा असर

Fuel Export Duty India: भारत सरकार ने 1 जून, 2026 से पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल के एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी को कम कर दिया है. वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशन के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों के औसत के आधार पर यह फैसला लिया गया है. 

सरकार ने टैक्स में कितनी कटौती की है?

सरकार ने पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर विंडफॉल टैक्स को 3 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 1.5 रुपये (लगभग $0.0158) कर दिया है. इसी तरह, डीजल पर लगने वाले टैक्स को 16.5 रुपये से घटाकर 13.5 रुपये प्रति लीटर और हवाई फ्यूल (ATF) पर टैक्स 16 रुपये से कम करके 9.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. 

इस टैक्स में बदलाव क्यों किया गया?

ग्लोबल लेवल पर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने की वजह से कच्चे तेल की कीमतें अचानक बहुत तेजी से बढ़ी हैं. इस टकराव के कारण स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के आसपास सप्लाई रुकी है, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया है. जब विदेशी बाजार में कीमतें घरेलू लेवल से बहुत ज़्यादा ऊपर चली जाती हैं, तो भारतीय एक्सपोर्टर्स को होने वाले एक्स्ट्रा मुनाफे (विंडफॉल गेंस) को कंट्रोल करने के लिए सरकार हर 15 दिन में इस टैक्स की समीक्षा करती है. इससे पिछला बदलाव 16 मई, 2026 को हुआ था. 

क्या भारत में पेट्रोल-डीजल सस्ता होगा?

घरेलू बाजार में गाड़ी चलाने वाले आम कंज्यूमर्स के लिए फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है. सरकार ने साफ किया है कि देश के अंदर इस्तेमाल होने वाले पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) की दरों में कोई फेरबदल नहीं किया गया है. इसलिए देश के भीतर तेल की कीमतें स्थिर रहेंगी.

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