चांद से आज होगी फाल्कन-9 की टक्कर ; मचेगी तबाही, धरती से देखेंगे लोग

वाशिंगटन। अमेरिकी दिग्गज कारोबारी एलन मस्क की अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट का एक भटका हुआ ऊपरी हिस्सा बुधवार को भारतीय समयानुसार दोपहर 12:05 बजे चंद्रमा से टकराने वाला है।
विज्ञानियों के अनुसार, टक्कर के समय इसकी रफ्तार करीब 8700 किलोमीटर प्रति घंटा (लगभग 2.5 किलोमीटर प्रति सेकेंड या मैक-7) होगी।
हालांकि यह टक्कर पृथ्वी से सीधे दिखाई नहीं देगी, लेकिन विज्ञानियों का मानना है कि टेलिस्कोप की मदद से चंद्रमा की सतह से उठने वाला धूल का गुबार कुछ क्षणों के लिए देखा जा सकता है। अनुमान है कि यह गुबार करीब 50 किलोमीटर तक ऊपर उठ सकता है।
कहानी 2025-010डी की
बीबीसी के अनुसार, स्वतंत्र खगोलशास्त्री बिल ग्रे और अन्य विज्ञानियों के अनुसार, जनवरी 2025 में लॉन्च किए गए फाल्कन-9 राकेट का एक ऊपरी हिस्सा अब चंद्रमा से टकराने की राह पर है। विज्ञानियों ने इसे 2025-010डी नाम दिया है।
यह राकेट पिछले वर्ष अमेरिका और जापान के संयुक्त मिशन के तहत दो चंद्र लैंडर और विज्ञानी उपकरण भेजने के लिए लांच किया गया था।
पृथ्वी पर वापस आएगा फाल्कन-9
फाल्कन-9 के कुछ हिस्सों को दोबारा इस्तेमाल के लिए पृथ्वी पर वापस लाया जाता है, लेकिन ऊपरी चरण जैसे कुछ हिस्से अंतरिक्ष में ही रह जाते हैं और वर्षों तक कक्षा में भटकते रहते हैं।
करीब 4,000 किलोग्राम वजनी और लगभग पांच मंजिला इमारत के बराबर आकार वाला यह मलबा चंद्रमा के आइंस्टीन क्रेटर के पास गिरने का अनुमान है।
17 मीटर व्यास का बनेगा गड्ढा
इस संभावना की जानकारी सबसे पहले खगोलशास्त्री बिल ग्रे ने दी थी। उनके मुताबिक, टक्कर से चंद्रमा की सतह पर करीब 17 मीटर व्यास का नया गड्ढा बन सकता है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विज्ञानियों का दावा है कि इस घटना से चंद्रमा को कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा, लेकिन इससे चंद्र सतह और टक्करों के प्रभाव का अध्ययन करने में महत्वपूर्ण विज्ञानी जानकारी मिल सकती है।



