मध्यप्रदेश

देवास धमाका: जिंदगी की जंग हार गए दो और युवक, डॉक्टरों की कोशिशों के बाद भी नहीं बची जान, अब एक सर्वाइवर बचा

देवास: मध्य प्रदेश के देवास जिले के पुरनिया गांव में हुए भीषण धमाके के पीड़ितों को लेकर इंदौर के एमवाई अस्पताल से बेहद दुखद खबर आई है। इस हादसे में गंभीर रूप से झुलसे दो और युवकों, 30 वर्षीय निरंजन और अजय की शनिवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। निरंजन देवास के पुरनिया गांव के रहने वाले हीरालाल के बेटे थे। इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या अब बढ़ गई है, जिससे पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।

अस्पताल प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, देवास ब्लास्ट के बाद कुल चार गंभीर घायलों को इंदौर के एमवाई अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दुर्भाग्य से, इनमें से अब तक तीन मरीजों की मौत हो चुकी है और अब केवल एक ही घायल जीवित बचा है। इससे पहले सोमवार को राम नाम के एक अन्य पीड़ित ने दम तोड़ दिया था, जबकि अजय और निरंजन की मौत शनिवार को हुई।

80 फीसदी से ज्यादा झुलस चुके थे पीड़ित

एमवाई अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि अजय और निरंजन दोनों की हालत शुरुआत से ही बेहद नाजुक बनी हुई थी। धमाके की वजह से दोनों का शरीर 80 फीसदी से ज्यादा झुलस चुका था। इंटेंसिव केयर यूनिट में डॉक्टरों की स्पेशल टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही थी और उन्हें बचाने की हर मुमकिन कोशिश की गई। लेकिन संक्रमण और गहरे जख्मों के कारण रिकवरी की गुंजाइश बेहद कम थी, और आखिरकार दोनों ने दम तोड़ दिया।

इकलौता सर्वाइवर विशाल अब खतरे से बाहर

इस भीषण त्रासदी के बीच राहत की बस एक ही खबर है कि हादसे में बचे 25 वर्षीय विशाल की हालत अब स्थिर है। विशाल को हादसे के एक दिन बाद अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग में लाया गया था, जब उसने लगातार उल्टी होने और चक्कर आने की शिकायत की थी।

डॉक्टरों की टीम विशाल की सेहत पर चौबीसों घंटे नजर रखे हुए है। राहत की बात यह है कि उसकी स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है और डॉक्टरों का कहना है कि उसे जल्द ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। दूसरी तरफ, प्रशासन और स्थानीय पुलिस इस पूरे धमाके की कड़ियों को जोड़ने और हादसे की असली वजह तलाशने के लिए अपनी जांच में जुटी हुई है।

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