नेपाल में भीषण बाढ़ से तबाही, 160 की मौत; 844 लापता लोगों में 133 भारतीय भी शामिल

न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। नेपाल के रसुवा जिले में तिब्बत सीमा के पास बुधवार को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड में मौतों का आंकड़ा बढ़कर कम से कम 160 हो गया है। करीब 400 लोग लापता हैं, जिनमें 133 भारतीय पर्यटक और 37 एनआरआई शामिल हैं। इनमें से कई कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे।
Nepal flash flood live updates: नेपाल और चीन के तिब्बत क्षेत्र में बुधवार को आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन से कम से कम 160 लोगों की मौत की खबर है. इस प्राकृतिक आपदा में कई देशों के लोग लापता है. जहां विदेशों से आए 300 से ज्यादा लोगों का पता नहीं चल रहा है, वहीं इसमें 142 भारतीयों की भी तलाश जारी है. बाढ़ इतनी भयानक थी कि पुल टूट गए, कई घरों को नुकसान पहुंचा और कई हाइड्रोप्रोजेक्ट तबाह हो गए. नेपाल-तिब्बत सीमा के पास पानी का स्तर अचानक बढ़ने से भोटे कोशी नदी में तेज बाढ़ आई. नेपाल के अधिकारियों के तिब्बत में आए भूकंप के कुछ समय बाद बाढ़ की सूचना मिली. इसलिए आशंका जताई जा रही है कि भूकंप के कारण ग्लेशियर से अचानक पानी निकलने की घटना हुई होगी, जिससे बाढ़ आई.
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर नेपाल के रसुवा और धादिंग जिलों में देखा गया. इसके अलावा नुवाकोट, चितवन और नवलपरासी ईस्ट समेत कई अन्य जिले भी प्रभावित हुए हैं. तेज पानी और भूस्खलन के कारण सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं. लापता लोगों की तलाश के लिए राहत और बचाव दलों को भेजा गया है. अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं और प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य जारी है. सरकार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने में जुटी है.
Nepal Flood Live Update: 157 शव बरामद, 500 लोग लापता
Nepal Live News: नेपाल पुलिस के मुताबिक बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 157 शव बरामद किए जा चुके हैं. नेपाल सरकार ने करीब 500 लोगों के लापता होने की जानकारी दी है. चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी भूस्खलन से भारी नुकसान हुआ है. सरकारी मीडिया CGTN के अनुसार, वहां तीन लोगों की मौत हुई और 265 लोग लापता हैं. इस आपदा से नेपाल में आठ चालू हाइड्रोप्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं, जिनकी कुल क्षमता 354 मेगावाट है. इसके अलावा निर्माणाधीन पांच परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है. बाढ़ में 19 मोटर चलने योग्य पुल बह गए, जिससे कई क्षेत्रों का संपर्क टूट गया है.
अमेरिका नेपाल के लोगों के साथ खड़ा है: सर्जियो गोर
अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर ने नेपाल में आई भीषण बाढ़ पर दुख जताया है। उन्होंने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में अमेरिका नेपाल के लोगों के साथ खड़ा है।
06:09 AM, 27-Aug-2026

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने संवेदना जताई
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने नेपाल और चीन में आई भीषण बाढ़ पर गहरा दुख जताया है। बाढ़ में कई लोगों की मौत हुई है। कई लोग लापता हैं। बड़े स्तर पर नुकसान भी हुआ है। गुटेरेस ने ‘एक्स’ पर लिखा कि वह बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हैं। उन्होंने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। उन्होंने कहा कि उनकी संवेदनाएं बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं।
गुटेरेस ने कहा कि नेपाल में संयुक्त राष्ट्र सरकार की अगुवाई में चल रहे राहत अभियान में मदद कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र की टीमें और मानवीय सहायता से जुड़े संगठन बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए जरूरी सामान और कर्मचारियों को जुटा रहे हैं।
03:25 AM, 27-Aug-2026
कनाडा सरकार मुश्किल समय में बाढ़ से प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है: मार्क कार्नी
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ पर दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर कहा, कनाडा सरकार इस मुश्किल समय में बाढ़ से प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है। कार्नी ने उन लोगों के प्रति भी संवेदना जताई है, जिन्होंने अपने किसी करीबी को खो दिया है। साथ ही उन लोगों के बारे में भी चिंता जताई, जो अभी भी अपने परिजनों की खबर का इंतजार कर रहे हैं।
कार्नी ने कहा कि उनकी सरकार स्थिति पर करीब से नजर रख रही है। उसने इलाके में मौजूद सभी कनाडाई नागरिकों से जल्द से जल्द आरओसीए प्रणाली में अपना पंजीकरण कराने को कहा है। सरकार ने कहा कि बचाव अभियान जारी है। कनाडा जरूरत पड़ने पर मदद देने के लिए तैयार है।
03:13 AM, 27-Aug-2026
हम पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं: श्री श्री रविशंकर
आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने बाढ़ प्रभावित नेपाल के साथ एकजुटता जताई है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, इस समय नेपाल बड़ी आपदा का सामना कर रहा है। लापता यात्री और क्षति के बीच, हमें उन परिवारों के साथ खड़ा होना है। सब मिलकर प्रार्थना करें कि उन्हें शक्ति मिले।
नेपाल में बाढ़ पर अमेरिकी विदेश मंत्री ने दुख जताया
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने नेपाल में आई भीषण बाढ़ पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस मुश्किल समय में नेपाल के लोगों के साथ खड़ा है। रुबियो ने कहा, हम नेपाल के लोगों के साथ अपनी एकजुटता जताते हैं। इस विनाशकारी बाढ़ के बाद हम उनके लिए प्रार्थना कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्रालय नेपाल सरकार को जरूरी मानवीय मदद देने के लिए तैयार है।
02:22 AM, 27-Aug-2026
नेपाल बाढ़: अब तक क्या पता चला?

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद बचाव और तलाश का काम जारी है। अब तक सामने आई जानकारी इस तरह है-
- भयंकर बाढ़ में कई लोग बह गए। बड़ी मात्रा में मिट्टी और पत्थर नदी में आ गिरे। इसके बाद तेज बहाव ने लोगों को अपनी चपेट में ले लिया।
- नेपाल पुलिस के मुताबिक, अब तक करीब 157 शव बरामद किए जा चुके हैं।
- अधिकारी शवों को निकालने और उनकी पहचान करने का काम कर रहे हैं।
- नेपाल में घर, सड़कें और बिजली परियोजनाएं बाढ़ में बह गईं।
- शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, भूकंप के झटकों से ग्लेशियर यानी बर्फ का बड़ा हिस्सा टूटा होगा। इससे अचानक बाढ़ आने की आशंका है।
- नेपाल में लापता लोग अपने परिजनों की जानकारी लेने के लिए सेना के एक ठिकाने के बाहर जमा हुए। इसी जगह से हेलिकॉप्टर के जरिये बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
- आपदा के कारण बिजली कट गई। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल फोन की रोशनी में लापता लोगों के नाम दर्ज किए।
- काठमांडू के पर्यटन अधिकारियों के मुताबिक, करीब 400 पर्यटक लापता हैं। इनमें करीब 340 विदेशी नागरिक हैं।
- लापता लोगों में सबसे ज्यादा भारतीय हैं। इनमें 133 भारतीय शामिल हैं। ये लोग तीर्थ यात्रा पर गए थे।
- एक अधिकारी के मुताबिक, अमेरिका के 47, ऑस्ट्रेलिया के 34, ब्रिटेन के 33 और कनाडा के 24 लोग भी लापता हैं। हालांकि, ये आंकड़े अभी पूरे नहीं हैं।
- तिब्बत में भी बाढ़ और मलबे से भारी नुकसान हुआ है। चीन के सरकारी प्रसारक के मुताबिक, वहां 3 लोगों की मौत हुई है और 265 लोग लापता हैं।
- रेड क्रॉस ने 12 लाख डॉलर देने का एलान किया
- अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट सोसाइटी महासंघ ने नेपाल के लिए 10 लाख स्विस फ्रैंक यानी करीब 12 लाख अमेरिकी डॉलर की आपात मदद जारी करने का एलान किया है। यह पैसा नेपाल रेड क्रॉस सोसाइटी को दिया जाएगा। इससे बाढ़ से प्रभावित लोगों की तत्काल मदद की जा सकेगी।
- यह रकम अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट सोसाइटी महासंघ के आपदा प्रतिक्रिया आपात कोष से दी जाएगी। इस मदद से नेपाल रेड क्रॉस लोगों की तत्काल जरूरतें पूरी करेगा। वहीं, उसकी टीमें बाढ़ से हुई तबाही का आकलन करेंगी। साथ ही यह पता लगाया जाएगा कि किन इलाकों और समुदायों को मदद की सबसे ज्यादा जरूरत है।

- 01:32 AM, 27-Aug-2026
- ‘मेरी पत्नी अब भी मलबे के नीचे है’
- नेपाली सेना रसुवा जिले से बचाए गए लोगों को लेकर चकरा देव अस्पताल में आ रही है। यह यहां का मुख्य अस्पताल है। यहां बचे लोगों ने उस खौफनाक पल को याद किया, जब मलबे का सैलाब उनकी ओर तेजी से आया। 68 साल के केशव प्रसाद बराल ने बताया, वह पानी नहीं था। कीचड़ का एक बहुत बड़ा सैलाब सीधे हमारी ओर आ रहा था। जैसे-जैसे वह पास आ रहा था, उसकी ऊंचाई बढ़ती जा रही थी।
- उन्होंने बताया, मैंने अपनी पत्नी का हाथ पकड़ने की कोशिश की। मैं उन्हें छत पर ले जाना चाहता था। लेकिन कीचड़ उन्हें बहाकर ले गया। मैं किसी तरह छत तक पहुंच गया। इसके अलावा कहीं जाने की जगह नहीं थी। बचने का कोई रास्ता नहीं था। ऊपर की ओर जाने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं था। बराल ने बताया कि करीब चार या पांच घंटे बाद उन्हें बचाने के लिए एक हेलिकॉप्टर आया। लेकिन तब तक वह अपनी पत्नी को खोज नहीं पाए थे। उन्होंने कहा, मेरी पत्नी अब भी कहीं मलबे के नीचे है।
- 01:30 AM, 27-Aug-2026
- ‘आम के पेड़ ने बचाई जान’
- नेपाल के मजदूर विवेक कुमाल अपनी जान बचने को किसी चमत्कार से कम नहीं मानते। वह चीन के तिब्बत से लगे नेपाल के हिमालयी इलाके में सबसे ज्यादा प्रभावित रसुवा जिले से नीचे की ओर बिदुर में काम कर रहे थे। तभी उन्हें फुफकार जैसी आवाज सुनाई दी।
- वह एक नए बने घर के बाहर शौचालय के लिए गड्ढा खोद रहे थे। गड्ढा करीब 5 फीट यानी 1.5 मीटर गहरा था। तभी पानी, मिट्टी और पत्थरों की एक बड़ी लहर तेजी से नीचे आई। इसने विवेक और उनके आसपास की हर चीज को बहाना शुरू कर दिया। उनके चार साथी गड्ढे से करीब 5 फीट ऊपर खड़े थे। उन्होंने विवेक को गड्ढे से बाहर निकलने और भागने के लिए चिल्लाकर कहा। विवेक जब तक गड्ढे से बाहर निकले, उनके साथी वहां से भाग चुके थे।
- कुमाल ने काठमांडू के राष्ट्रीय ट्रॉमा सेंटर में अपने बिस्तर से बताया, मैं भागने लगा। तभी पानी की एक बड़ी लहर इतनी तेज आवाज के साथ आई, जैसे भूकंप आ गया हो। उस समय उनके भाई दिनेश उनके पास बैठे थे। तेज बहाव उन्हें मिट्टी और मलबे के साथ नीचे की ओर बहा ले गया। उन्होंने बताया, लेकिन किस्मत से मैं एक आम के पेड़ में फंस गया।
- 01:10 AM, 27-Aug-2026
- नेपाल में अचानक आई बाढ़ से करीब 157 लोगों की मौत
- तिब्बत से शुरू हुई भीषण अचानक बाढ़ ने बुधवार को मध्य नेपाल में भारी तबाही मचा दी। इस बाढ़ में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 157 हो गया है। 750 से ज्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 133 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। बाढ़ ने कई कस्बों और गांवों को बुरी तरह तबाह कर दिया। कई अहम पुल पानी में बह गए। करीब 12 जलविद्युत परियोजनाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
- नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने संसद में बताया कि स्थानीय समय के अनुसार सुबह 8:37 बजे तिब्बत क्षेत्र में भूकंप आया था। इसके तीन मिनट बाद अचानक बाढ़ आने की खबर मिली। इससे आशंका है कि भूकंप के झटकों से ग्लेशियर यानी बर्फ का बड़ा हिस्सा टूट गया होगा। इससे अचानक बहुत ज्यादा पानी निकला। इसी वजह से यह भीषण बाढ़ आई होगी।



