‘इधर-उधर की बात मत करो’, महिला आरक्षण बिल पर महाराष्ट्र CM देवेंद्र फडणवीस ने पी चिदंबरम को खूब सुनाई

मुंबई : देश में महिला आरक्षण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस नेता पी. चिदबंरम की उस टिप्पणी पर पलटवार किया, जिसमें उन्होंने उन पर मानसिक थकान के कारण गलत बयान देने का आरोप लगाया था। दरअसल, चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर फडणवीस के पुराने बयान का जिक्र करते हुए लिखा था कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि ‘राहुल गांधी मंच से महिला सशक्तीकरण के बारे में बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। लेकिन, जब महिला आरक्षण विधेयक पारित करने की बात आई, तो उन्होंने और उनकी पार्टी ने इसका पुरजोर विरोध किया।’
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मुझे यकीन है कि यह बयान मानसिक थकान की वजह से दिया गया होगा। क्योंकि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में सीटों के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करने वाला संविधान (106वां संशोधन) विधेयक 2023 में संसद में पारित किया गया था। कांग्रेस ने संसद के दोनों सदनों में इस विधेयक का पूरे दिल से समर्थन किया था।
देवेंद्र फडणवीस ने किया पलटवार
इसके जवाब में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लिखा कि मैं भी सेलेक्टिव मेमोरी की कला सीखना चाहता हूं। आप अच्छी तरह जानते हैं कि 106वां संविधान संशोधन एक्ट, 2023, नारी शक्ति वंदन अधिनियम जिसे आपने पढ़ा और जिसके लिए वोट दिया, उसमें साफ शर्त है। महिलाओं के लिए सीटों के रिजर्वेशन के प्रोविजन के तहत ‘यह तभी लागू होगा, जब डिलिमिटेशन का काम हो जाएगा, जो एक्ट के लागू होने के बाद हुई पहली जनगणना के आधार पर होगा।’ हम सभी जानते हैं कि कोविड की वजह से जनगणना में देरी हुई।
चिदंबरम को फडणवीस ने दिया ज्ञान
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने आगे लिखा कि शुरू होने के बाद जनगणना और उसके बाद डिलिमिटेशन के काम का इंतजार करने का मतलब है कि 2029 के आम चुनावों के लिए आरक्षण समय पर लागू नहीं हो सकता। ठीक इसीलिए, 2026 में, सरकार पहले से प्रकाशित 2011 के जनगणना के आंकड़ों के आधार पर डिलिमिटेशन को मुमकिन बनाने, लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाने और 2029 के चुनावों के लिए समय पर महिलाओं के आरक्षण को लागू करने के लिए नया बिल लाई। आपके लीडर राहुल गांधी और कांग्रेस ने पार्लियामेंट में उस कोशिश का विरोध किया और उसे हरा दिया, जिससे 2029 तक महिला आरक्षण लागू होने का रास्ता रुक गया।
‘कांग्रेस का असली रंग आया सामने’
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि 2023 में आपने 106वें अमेंडमेंट का सपोर्ट किया क्योंकि आपको पता था कि एनडीए के पास नंबर हैं और यह आपके सपोर्ट के साथ या बिना आपके पास हो जाएगा, ‘तो बहती गंगा में हाथ धो लो’, लेकिन जैसे ही जल्दी लागू करने का असली मौका आया, कांग्रेस का असली रंग सामने आ गया। फडणवीस ने अंत में लिखा, ‘मैं एक बार फिर दोहराता हूं कि हमारे लीडर पीएम मोदी 2029 के लोकसभा चुनाव में ही महिला आरक्षण लागू करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। फिर कहूं इधर-उधर की बात न करो, यह बताओ हमारी माता-बहनों का हक क्यों छीना?’



