डांसर को देखने की ललक बनी पांच मौतों का सबब, बिहार में छठी के जश्न में छाया मातम

लौरिया। लौरिया-बेतिया एनएच 727 के किनारे बस लौरिया प्रखंड का पराउटोला बनकटवा और बसवरिया गांव। कहने के लिए तो ये तीन गांव हैं, लेकिन तीनों आपस में जुड़े हुए हैं।
करीब 350 घरों की एकल बस्ती है। इसी बस्ती में मुख्य सड़क के किनारे महादेव मंदिर से करीब 300 मीटर पहले है शत्रुघ्न दुबे का घर।
शुक्रवार की सुबह से ही शत्रुघ्न दुबे के बड़े पुत्र देवेंद्र दुबे के बेटे के छठियार की तैयारी में पूरा परिवार लगा था। इनके यार – दोस्त और पट्टीदारी के लोग भी तैयारी में शामिल थे। चूंकि छठियार पूजा के बाद भोज का आयोजन था। हलवाई दोपहर बाद से खाना बनाने लगे थे।
क्योंकि 350 लोगों को छठियार के भोज में आमंत्रित किया गया था। इसमें कुछ देवेंद्र दुबे के मोटर लाइन के दोस्त भी थे। ये पियूष बस कंपनी रामनगर में काम करते थे। बस कंपनी के सभी स्टाफ छठियार भोज में आमंत्रित थे। इसके लिए एनएच 727 के किनारे अवस्थित शत्रुघ्न दुबे के घर के सामने दो अलग- अलग सामियाना गिरा था।
एक सामियाने में आमंत्रित लोगों के भोजन की व्यवस्था थी तो दूसरे सामियाने में आर्केस्ट्रा डांस का स्टेज लगा था और खाली जगह में दर्शकों के बैठने की व्यवस्था थी।
सावन का महीना होने के कारण छठियार भोज में शाकाहारी व्यंजन (चावल, दाल, सब्जी, पापड़, सलाद) की व्यवस्था थी। शाम 7:30 बजे तक घर की महिलाओं ने देवेंद्र दुबे के द्वितीय पुत्र की छठियार पूजा संपन्न कर लीं थीं।
इसके बाद भोज का कार्यक्रम शुरू हुआ था। छोटा सामियाना होने के कारण एक- एक कर लोगों को खिलाया जा रहा था। देवेंद्र दुबे के दोनों भाई आगुंतकों को बैठाकर भोजन कराने की जिम्मेदारी निभा रहे थे। पूरा परिवार खुशी से झूम रहा था।
किसी को उस अनहोनी का अंदाजा नहीं था कि महज तीन घंटे बाद दनदनाती एक बस आएगी और नवजात के जीवन के उजाले के लिए आयोजित छठियार के जश्न में मातम का अंधेरा छा जाएगा।
बस चालक की लापरवाही से दस परिवार एक तरह से बिखर गया है। जिन 5 लोगों की मौत हो गई है, उसकी भरपाई तो कोई नही कर सकता, जो पांच लोग दुर्घटना में घायल होकर जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनके परिवार के सदस्य आर्थिक तंगी के बावजूद इनकी जिंदगी बचाने की कोशिश में हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि जिस तरह की चोट इन पांचों घायलों को लगी है, इन्हें स्वस्थ होने में वक्त लग सकता है। हालांकि, अजीत कुमार की हालत अत्यंत चिंताजक हैं। मुंह और नाक से रक्तस्राव को रोकने की कोशिश में चिकित्सक लगे हुए हैं।
दो वर्ष पहले सड़क दुर्घटना में गई थी भाई की जान
पराउटोला बनकटवा निवासी भोला दुबे। ये देवेंद्र दुबे के पट्टीदार थे। साथ में देवेंद्र और भोला एक ही साथ पियुष बस कंपनी में काम कर रहे थे। इस लिए मोटर डिपार्टमेंट से जुड़े अतिथियों के स्वागत में भोला दुबे भी लगे थे।
ग्रामीणों ने बताया कि जिस जगह पर यह दुर्घटना हुई है, जिसमें भोला दुबे की मौत हुई है। वहां से महज 100 मीटर की दूरी पर दो वर्ष पूर्व एक अज्ञात वाहन ने भोला के बड़े भाई विजय दुबे को रौंद दिया था और उनकी मौत हो गई थी।
जब दुर्घटना हुई थी, वह महीना भी सावन का ही था। बस चालक के रुप में काम कर भोला दुबे अपने दो बेटा- बेटी के साथ परिवार का भरण पोषण कर रहे थे।
मौत से आधे घंटे पूर्व देवेंद्र ने किया था डांस
बेटे के छठियार उत्सव में देवेंद्र दुबे के खुशियों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वे अपनी मौत से आधा घंटे पूर्व दोस्तों के दबाव पर ऑर्केस्ट्रा स्टेज पर चढ़े थे। भोजपुरी गीत चल रहा था और उस पर डांस भी किए थे। महज तीन मिनट के डांस के बाद घर में गए थे।
परिवार की महिलाओं एवं महिला अतिथियों के भोजन आदि के बारे में जानकारी लिया था। बच्चे को गोद में लिए और दुलार किए। फिर घर से बाहर निकले और आकर पीछे खड़े हुए थे। तभी बस आई और रौंदकर चली गई।
नहीं चली पियूष कंपनी की बस
पियूष कंपनी के सीनियर स्टाफ देवेंद्र दुबे और भोला दुबे की मौत के कारण शनिवार को इस कंपनी की बसें नहीं चली। दरअसल, इस कंपनी की बसें मुख्य रुप से रामनगर- बेतिया रोड में चलती हैं।
बस कंपनी के सभी स्टाफ अपने दोनों सीनियर साथियों की अंत्येष्ठी में शामिल हुए। कंपनी के मालिक मुन्ना चौरसिया ने बताया कि बेहद दुखद घटना है। वे इस घटना से काफी मार्महत हैं।
राहत और बचाव में पुलिस का बेहतर सहयोग
दुर्घटना के बाद लौरिया थाने के डायल 112 एवं पुलिस का सराहनीय सहयोग रहा। हालांकि, गांव के लोगों ने काफी विरोध किया। इसी विरोध के कारण एक एंबुलेंस को भी आंशिक क्षति पहुंची है।
सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष इंद्रजीत पासवान के नेतृत्व में पुलिस चार एंबुलेंस लेकर पहुंची। आक्रोशितों के विरोध के बावजूद दस लोगों को एंबुलेंस में लादकर लौरिया सीएचसी पहुंचाया, जहां चिकित्कसों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिय। शेष आठ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया गया।
भोजपुरी गाने के धुन पर थिरकती डांसर को देखने में चालक का बिगड़ा संतुलन
ग्रामीणों ने बताया कि लगभग भोज का कार्यक्रम समाप्ति की ओर था। इसी बीच, दर्शकों की फरमाइश पर भोजपुरी स्टार अरविंद अकेला कल्लू का चली समियाना में आज तोहरे चलते गोली… गीत पर नर्तकी डांस कर रही थी। तेज आवाज में गाना बज रहा था।
इसी दौरान बस आई। उसका चालक डांसर को देखने के लिए नजर घुमाया तो संतुलन बिगड़ गया और सड़क के किनारे खड़े लोगों को रौंद दिया।



