दिल्ली के चोर बाजार की डरावनी सच्चाई जानकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली: चोर बाजार दिल्ली का वो फेमस बाजार है, जहां आईफोन से लेकर लैपटॉप तक सबकुछ कौड़ियों के भाव मिल जाता है। मसलन, 4000 रुपये में लैपटॉप, 5000 रुपये में आईफोन, 50 रुपये में शैम्पू और 200-300 रुपये में कपड़े मिल जाते हैं। लेकिन यहां बड़े लेवल पर स्कैम भी होता है। यूट्यूब और फेसबुक पर ये मार्केट जितना रंगीन दिखता है, असल में उतना है नहीं तो आइए आज आपको दिल्ली के चोर बाजार की असली सच्चाई से रूबरू कराते हैं। ऐसा सच जिसके बारे में सुनकर आप चौंक जाएंगे। चोर बाजार जाने वाले ऐसे 4 लोगों का अनुभव भी आपको बताते हैं, जिन्होंने यहां का बारीकी से मुआयना कर सच्चाई को करीब से जाना है। पर इससे पहले ये जान लीजिए कि ये चोर बाजार, कहां-कब-कितने बजे लगता है और यहां क्या-क्या मिलता है।
- दिल्ली चोर बाजार किस दिन लगता है: हर रविवार को यह मार्केट लगता है
- दिल्ली चोर बाजार का समय क्या है: सुबह 4 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक
- दिल्ली चोर बाजार की लोकेशन क्या है: जामा मस्जिद के पास, लाल किले के सामने
- दिल्ली चोर बाजर का नजदीकी मेट्रो स्टेशन: जामा मस्जिद (वायलेट लाइन)
- दिल्ली चोर बाजार में क्या मिलता है: इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, कपड़े, जूते, गाड़ियों के स्पेयर पार्ट्स, कैमरे, लैपटॉप, स्मार्टफोन, विंटेज सामान, फर्नीचर, एक्सेसरीज, हार्डवेयर टूल।
- दिल्ली के चोर बाजार को और क्या कहते हैं: इसे मीना बाजार के नाम से भी जाना जाता है
गजब फर्जीवाड़ा, घर लाने पर सामान खराब
राजस्थान के अलवर के रहने वाले ब्लॉगर अमित शर्मा बताते हैं कि वह अपने दोस्तों के साथ 3 घंटे ड्राइव करने के बाद सुबह 4 बजे दिल्ली के चोर बाजार पहुंचे। अमित आगे कहते हैं कि यहां से उन्होंने सबसे पहले 4 हजार रुपये में एक लैपटॉप खरीद लिया। दुकान पर जब उन्होंने लैपटॉप चेक किया तो एकदम बढ़िया काम कर रहा था। रिफ्रेस करके देखा। कर्सर को यहां-वहां करके देखा, लेकिन जब घर आने के बाद लैपटॉप ऑन किया तो चालू ही नहीं हुआ। थोड़ी आगे बढ़े तो एक शख्स डव (Dove) कंपनी के शैम्पू बेच रहा था। हमने 2 शैम्पू 100 रुपये में खरीदे। उन पर 300 रुपये प्रति शैम्पू MRP लिखी थी। घर आने पर उसे चेक किया तो अंदर साबुन जैसा लिक्विड था, लेकिन लगाने पर झाग का नामो निशान नहीं था। यहां से 450 रुपये में रिंग लाइट खरीद ली, लेकिन घर आकर ऑनलाइन चेक किया तो यही लाइट 300 रुपये में मिल रही थी। 200 रुपये में एक सिंपल फोन खरीदा, लेकिन घर लाने पर डिस्प्ले खराब निकला। चोर बाजार से लौटकर सोचा की इतनी दूर जाने का कोई मतलब नहीं निकला। इतनी ही कीमत में तो सामान्य बाजार में भी ये सामान मिल जाता और अच्छा निकलने की गारंटी भी होती।
कौड़ियों के दाम में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स!
वाराणसी की रहने वाली सोनल श्री बताती हैं कि दिल्ली के चोर बाजार को लेकर उनसे कई लोगों ने कहा था कि यहां ब्रांडेड कपड़े, जूते और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स कौड़ियों के दाम में मिल जाते हैं। लेकिन ये सबसे बड़ा झूठ निकला। अपने अनुभव के आधार पर उन्होंने बताया कि बाजार में मिलने वाला 95 फीसदी सामान या तो फर्स्ट कॉपी होता है या फिर डिफेक्टिव पीस। चोर बाजार के दुकानदार चीजों की कीमत इतनी ज्यादा बताते हैं कि सुनने वाले का दिमाग काम करना बंद कर देता है। इसलिए यहां सबसे बड़ा खेल मोल-भाव का होता है। दुकानदार जितनी भी कीमत बताते हैं। खरीदार को उससे 50 फीसदी कम दाम अपने आप कर देना चाहिए। बाकी मोलभाव करने पर सामान इससे भी बहुत कम दाम में मिल जाता है।
चोर बाजार सिर्फ नाम का ‘चोर बाजार’
यूपी के गाजियाबाद में रहने वाले राकेश प्रजापति ने बताया कि वो ठीक 5 बजे चोर बाजार पहुंच गए थे। उन्होंने पूरे 3 घंटे तक वहां घूमकर गैजेट्स से लेकर कपड़े और जूते तक एक-एक चीज को बारीकी से देखा। इतना समय खपाने के बाद उन्हें समझ आया कि ये चोर बाजार सिर्फ नाम का ही चोर बाजार है। यहां पर आधे से ज्यादा सामान तो सेकंड हैंड मिलता है। इसलिए वह बिना कुछ खरीदे ही वहां से वापस लौट आए।
महंगे-महंगे डिजिटल कैमरे 500 रुपये में!
दिल्ली के रहने वाले करण पटेल बताते हैं कि दिल्ली के चोर बाजार में आईफोन से लेकर आईपैड तक सब मिल जाता है। जब वह यहां खरीदारी करने पहुंचे तो उन्होंने महंगे-महंगे डिजिटल कैमरे 500 से 700 रुपये में बिकते देखे। उन्होंने यहां से ऐपल का आईपैड, JBL के स्पीकर, डीएसएलआर कैमरा और मैकबुक खरीदा था। लेकिन घर लाकर आने पर सारा सामान खराब निकला।
चोर बाजार का कैसा होता है सामान?
- इलेक्ट्रॉनिक आइटम में यहां मिलने वाला ज्यादातर सामान कबाड़ टाइप या पुराना होता है, जिन्हें दुकानदार ठीक करके बेचते हैं। ज्यादातर सामान चीनी या नकली होते हैं।
- जूते और कपड़ों की बात करें तो ब्रांडेड जूतों के थर्ड, सेकंड या फर्स्ट कॉपी मिलते हैं। रिजेक्टेड माल भी बड़ी तादाद में मिलता है।
हार्डवेयर और टूल्स में पुराना इंडस्ट्रियल स्क्रैप, जंग लगे टूल्स और तरह-तरह के हार्डवेयर पार्ट्स भी मिल जाते हैं।
दिल्ली के चोर बाजार की सच्चाई
- मोलभाव करें:दुकानदार कीमत बहुत ज्यादा बताते हैं, लेकिन लोग जोरदार मोलभाव करके चीजें खरीद सकते हैं। यहां दुकानदार 80 फीसदी तक कीमतें कम कर देते हैं।
- नकली ब्रांडेड सामान:ब्रांडेड नजर आने वाले ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक आइटम, फोन या जूते खराब क्वालिटी वाले या फैक्टरी से रिजेक्टेड होते हैं।
- टूटा-फूटा कबाड़:यहां दुकानदार चादरों पर बिछाकर सामान बेचते हैं। ये सब सामान पुराना और खराब ही होता है।
चोर बाजार में क्या सावधानियां रखें
- जेब कटने का खतरा बना रहता है। इसलिए अगर आप दिल्ली के चोर बाजार जा रहे हैं तो खासतौर पर अपने मोबाइल और पर्स का खास खयाल रखें। यहां चोर उचक्के घूमते रहते हैं।
- सबसे बड़ी बात तो यह है कि यहां से खरीदा गया कोई भी सामान वापस नहीं होता है। इसलिए खरीदने से पहले सामान को अच्छे से चेक करना जरूरी है।
- अगर महंगा सामान खरीदने पर भी घर ले जाने के बाद काम न करे तो नुकसान उठाने के अलावा और कोई चारा नहीं रह जाता है।
- सस्ते के चक्कर में यहां से भूलकर भी iPhone या कोई महंगा फोन न खरीदें, क्योंकि वो फोन चोरी का हो सकता है और पुलिस लोकेशन ट्रेस करके आपको पकड़ सकती है।



