छत्तीसगढ़

CG : शेयर ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर 2 करोड़ से ज्यादा की ठगी, आरोपी दंपति गिरफ्तार

जांजगीर-चांपा। शेयर मार्केट में निवेश कर कम समय में रकम दोगुनी करने का सपना दिखाकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर पति-पत्नी को चांपा पुलिस ने गिरफ्तार कर बड़ी कार्रवाई की है। आरोपियों ने कई लोगों को भारी मुनाफे का लालच देकर अपने जाल में फंसाया और करीब 2.05 करोड़ रुपये अपने बैंक खातों में जमा करा लिए। लंबे समय तक पुलिस से बचने के लिए दोनों लगातार ठिकाने बदलते रहे, लेकिन तकनीकी जांच और मुखबिर की सूचना के आधार पर उन्हें नया रायपुर से दबोच लिया गया।

पुलिस के मुताबिक मामले की शुरुआत 24 मई को हुई, जब पीड़ित हेमदत्त केशरवानी ने थाना चांपा में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनकी पहचान मारुति विहार कॉलोनी निवासी हरिशंकर गुप्ता और उनकी पत्नी रेखा गुप्ता से थी। दोनों ने शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने पर कम समय में दोगुना मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया और बड़े रिटर्न का लालच देकर निवेश के लिए तैयार कर लिया।

आरोपियों की बातों पर भरोसा करते हुए शिकायतकर्ता सहित कई लोगों ने चेक और RTGS के माध्यम से अलग-अलग किश्तों में कुल 2 करोड़ 4 लाख 97 हजार 502 रुपये आरोपियों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। शुरुआत में लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए दंपति ने करीब 39 लाख 99 हजार 400 रुपये वापस भी किए, ताकि निवेशकों को किसी तरह का संदेह न हो। इसके बाद उन्होंने शेष राशि लौटाने में लगातार टालमटोल शुरू कर दी और अंततः पैसे देने से साफ इनकार कर दिया।

शिकायत दर्ज होने की जानकारी मिलते ही दोनों आरोपी फरार हो गए। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी से बचने के लिए वे लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए चांपा पुलिस ने विशेष टीम गठित कर तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, सर्विलांस और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस को दोनों आरोपियों के नया रायपुर में छिपे होने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर हरिशंकर गुप्ता और रेखा गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी से जुड़े कई अहम इलेक्ट्रॉनिक और बैंकिंग दस्तावेज भी बरामद किए हैं। इनमें एक लैपटॉप, टैबलेट, मोबाइल फोन और बैंक की चेकबुक शामिल हैं। इन उपकरणों की जांच के जरिए पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह ने और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है तथा ठगी की रकम का उपयोग कहां किया गया।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में अन्य पीड़ितों और संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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