योगिनी एकादशी पर दीयों से चमकेगी किस्मत! करें ये चमत्कारी उपाय, खत्म हो जाएगी पैसों की तंगी

उज्जैन. हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की आराधना के लिए सबसे पवित्र दिनों में माना जाता है. आषाढ़ मास की योगिनी एकादशी का महत्व विशेष रूप से अधिक बताया गया है. इस साल यह पावन व्रत शुभ संयोग में मनाया जाएगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने पर सुख, समृद्धि और धन-धान्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, योगिनी एकादशी पर सही स्थान पर दीपक जलाने से रुके हुए कार्यों में सफलता मिलने के साथ किस्मत के बंद दरवाजे भी खुल सकते हैं. आइए जानते हैं कि इस शुभ दिन किन स्थानों पर दीपक जलाना सबसे अधिक फलदायी माना गया है.
कब मनाई जाएगी योगिनी एकादशी?
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल आषाढ़ कृष्ण एकादशी तिथि की शुरुआत 09 जुलाई को शाम 07 बजकर 46 मिनट के लगभग से शुरू होगी और इस तिथि का समापन 10 जुलाई को शाम 4 बजकर 52 मिनट के लगभग पर होगा. उदयातिथि के आधार पर योगिनी एकादशी का व्रत 10 जुलाई दिन शुक्रवार को रखा जाएगा.
योगिनी एकादशी का महत्व
शास्त्रों में योगिनी एकादशी का विशेष महत्व है. इस दिन श्री हरि के साथ मां लक्ष्मी की पूजा करने का विशेष महत्व है. इसे सबसे प्रसिद्ध एकादशी में से एक माना जाता है. इस दिन पूजा करने के साथ व्रत रखने से 88000 ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर पुण्य की प्राप्ति होती है. इसके साथ ही आपकी हर इच्छा पूरी हो जाती है. हर संकट से मुक्ति मिलने के साथ दरिद्रता और पापों से मुक्ति मिल जाती है. जीवन में खुशियों की दस्तक होती है.
इन चार स्थानों पर दीपक जरूर जलाएं
1. योगिनी एकादशी की संध्या पर भगवान विष्णु के समक्ष घी का दीपक अवश्य जलाएं. मान्यता है कि इससे रुके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और घर में सुख, समृद्धि और सौभाग्य का वास होता है.
2. एकादशी पर तुलसी के पौधे के पास घी या तिल के तेल का दीपक अवश्य जलाएं. यह उपाय घर के वातावरण को शुद्ध करता है और सकारात्मक ऊर्जा को स्थायी रूप से बनाए रखता है. तुलसी के पास दीपक जलाना धन और सुख की वृद्धि का प्रतीक माना गया है.
3. योगिनी एकादशी की रात मुख्य द्वार पर एक दीपक अवश्य रखें. ऐसा माना जाता है कि इस रोशनी से नकारात्मक ऊर्जा रुक जाती है और घर में शुभता, शांति और समृद्धि का प्रवेश होता है. यह दीपक घर की रक्षा कवच की तरह काम करता है.
4. ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाना बेहद शुभ माना जाता है. ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है, नकारात्मकता दूर होती है और जीवन की परेशानियां धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं.

