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दिल्ली के इन इलाकों में अब धड़ाधड़ चलेगा बुलडोजर, ड्रोन से किया जा रहा सर्वे

नई दिल्ली: यमुना के ओ-जोन (बाढ़ क्षेत्र) को अतिक्रमण मुक्त करने और सुरक्षित बनाने के लिए DDA बड़े स्तर पर अभियान चला रहा है। दिल्ली हाई कोर्ट और एनजीटी के कड़े निर्देशों के बाद ओ-जोन की सीमा को स्पष्ट करने, लोगों को नियमों की जानकारी देने और नए अतिक्रमण को रोकने के लिए दूसरे चरण का ड्रोन सर्वे किया जा रहा है। इसके साथ ही मदनपुर खादर, सोनिया विहार और करावल नगर में करीब 300 सार्वजनिक सूचना बोर्ड (साइनबोर्ड) लगाने की प्रक्रिया भी जारी है।

अवैध कॉलोनियों को हटाने का ठोस रोडमैप तैयार करने का निर्देश

यमुना का कुल ओ-जोन क्षेत्र करीब 9,700 हेक्टेयर है, जिसमें से लगभग 807 हेक्टेयर हिस्से पर करीब 90 अवैध कॉलोनियां बसी हुई है। इन अनधिकृत कॉलोनियों से निकलने वाला गंदा पानी और सीवेज सीधे यमुना में मिलने के कारण नदी में प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। इसी के चलते हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को एमसीडी, डीडीए के साथ बैठक कर इन सभी अवैध कॉलोनियों को हटाने का एक ठोस रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया है।

डीडीए के पास इस ओ-जोन में लगभग 3,969.54 हेक्टेयर जमीन है, जिसमें से 184.2 हेक्टेयर हिस्सा अवैध कॉलोनियों की चपेट में आ चुका है। एजेंसी इस कीमती जमीन को मुक्त कराने के लिए लगातार एक्शन मोड में है और हाल ही में कई एकड़ जमीन खाली भी कराई गई है।

खाली कराई गई जमीन का इस्तेमाल पर्यावरण संरक्षण के लिए किया जा रहा

इस खाली कराई गई जमीन का इस्तेमाल पर्यावरण संरक्षण और इकोलॉजी को सुधारने के लिए किया जा रहा है। डीडीए करीब 4,841.11 एकड़ क्षेत्र में नेचर पार्क, बांसेरा, बायोडायवर्सिटी पार्क और रिवरफ्रंट जैसे प्रोजेक्ट्स विकसित कर रहा है ताकि जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। एनजीटी में मई में दी गई जानकारी के मुताबिक दूसरे चरण का ड्रोन सर्वे पूरा होने में करीब दो महीने का समय लग सकता है। इस बीच अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में अब तक सात एकड़ जमीन खाली कराई गई है।

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